ताज़ा खबर
संविधान दिवस 26 नवंबर: क्यों मनाया जाता है, 2015 में कैसे शुरू हुआ और संविधान सभा की पूरी कहानी BREAKING: इसरो ने एनवीएस 03 सैटेलाइट लॉन्च कर नाविक नेविगेशन सिस्टम को किया बहाल गाड़ी की RC ट्रांसफर ऑनलाइन कैसे करें: पुरानी गाड़ी बेचने या खरीदने पर वाहन पोर्टल से मालिकाना हक बदलने की प्रक्रिया BREAKING: चिदंबरम मंदिर प्रबंधन पर मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक सोना चांदी का भाव 4 नवंबर 2026 (शाम): 24 कैरेट सोना ₹1,41,622, चांदी ₹1,86,133 प्रति किलो ग्रेच्युटी कैसे कैलकुलेट करें: नए लेबर कोड में क्या बदला, फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को 1 साल पर हक BREAKING: विराट कोहली ने वनडे रन चेज में सचिन तेंदुलकर का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा फास्टैग एनुअल पास 2026-27: ₹3,075 में 200 टोल क्रॉसिंग, किसे मिलेगा और कैसे करें एक्टिवेट
ट्रेंडिंग
सरकारी योजना

गाड़ी की RC ट्रांसफर ऑनलाइन कैसे करें: पुरानी गाड़ी बेचने या खरीदने पर वाहन पोर्टल से मालिकाना हक बदलने की प्रक्रिया

नई गाड़ी खरीदने पर कई लोग पुरानी बेचते हैं, लेकिन RC ट्रांसफर न कराने से बाद में चालान और दुर्घटना की कानूनी जिम्मेदारी पुराने मालिक पर आ सकती है। जानिए वाहन पोर्टल पर ऑनलाइन ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया।

वाहन पोर्टल पर गाड़ी की RC ट्रांसफर प्रक्रिया का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • त्योहार पर नई गाड़ी लेने वाले कई लोग अपनी पुरानी गाड़ी बेचते हैं या एक्सचेंज करते हैं।
  • 1. parivahan.gov.in पर ऑनलाइन सेवाओं में वाहन से जुड़ी सेवाएं चुनें
  • कई राज्यों में आधार प्रमाणीकरण से यह सेवा फेसलेस भी की गई है।
  • गाड़ी बिकने के बाद बीमा पॉलिसी भी नए मालिक के नाम पर करानी होती है।

त्योहार पर नई गाड़ी लेने वाले कई लोग अपनी पुरानी गाड़ी बेचते हैं या एक्सचेंज करते हैं। गाड़ी बेचने के बाद पंजीकरण प्रमाण पत्र, यानी RC, में मालिक का नाम बदलवाना जरूरी है। ऐसा न होने पर नए मालिक के चालान, दुर्घटना या किसी अपराध में गाड़ी के इस्तेमाल की कानूनी जिम्मेदारी पुराने मालिक पर आ सकती है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के वाहन पोर्टल पर यह प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू होती है। जानिए गाड़ी की RC ट्रांसफर कैसे करें।

किसे आवेदन करना है

आमतौर पर खरीदार यानी नया मालिक अपने क्षेत्र के परिवहन कार्यालय में ट्रांसफर का आवेदन करता है। पुराने मालिक को फॉर्म पर हस्ताक्षर करने होते हैं। मोटर वाहन नियमों में ट्रांसफर की सूचना के लिए समय सीमा तय है, इसलिए बिक्री के तुरंत बाद प्रक्रिया शुरू करें।

मुख्य बातें: वाहन पोर्टल पर गाड़ी की RC ट्रांसफर प्रक्रिया का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

जरूरी फॉर्म और कागज

  • **फॉर्म 29:** पुराने मालिक की ओर से बिक्री की सूचना
  • **फॉर्म 30:** मालिकाना हक बदलने का आवेदन, जिस पर दोनों के हस्ताक्षर होते हैं
  • मूल RC
  • वैध बीमा और प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र (PUC)
  • खरीदार का पता और पहचान प्रमाण
  • गाड़ी पर लोन था तो बैंक की NOC, और RC से हाइपोथिकेशन हटवाना
  • दूसरे राज्य में ले जाना हो तो मूल परिवहन कार्यालय से NOC

ऑनलाइन आवेदन के स्टेप

1. parivahan.gov.in पर ऑनलाइन सेवाओं में वाहन से जुड़ी सेवाएं चुनें

2. राज्य और गाड़ी का पंजीकरण नंबर डालें

3. सेवा में Transfer of Ownership चुनें

4. चेसिस नंबर के आखिरी अंक भरकर मोबाइल OTP से सत्यापन करें

5. खरीदार की जानकारी भरें और फॉर्म भरें

6. दस्तावेज अपलोड करें और फीस ऑनलाइन भरें

7. जरूरत हो तो परिवहन कार्यालय में अपॉइंटमेंट बुक करें

कई राज्यों में आधार प्रमाणीकरण से यह सेवा फेसलेस भी की गई है। फीस और नियम राज्य के हिसाब से पोर्टल पर दिखते हैं।

यह भी पढ़ें: ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूअल ऑनलाइन कैसे करें: परिवहन सारथी पोर्टल पर आवेदन, दस्तावेज, मेडिकल सर्टिफिकेट और स्टेटस | कार लोन लेने से पहले क्या देखें: ब्याज दर, अवधि, डाउन पेमेंट और डीलर फाइनेंस की शर्तें

स्टेटस और नई RC

पोर्टल पर आवेदन संख्या से स्थिति देखी जा सकती है। मंजूरी के बाद नए मालिक के नाम की RC जारी होती है। डिजिलॉकर और एमपरिवहन ऐप में भी RC की डिजिटल प्रति देखी जा सकती है।

बीमा भी ट्रांसफर करें

गाड़ी बिकने के बाद बीमा पॉलिसी भी नए मालिक के नाम पर करानी होती है। इसके लिए बीमा कंपनी को सूचना दें। पुराने मालिक का नो क्लेम बोनस गाड़ी के साथ नहीं जाता, वह उसकी नई गाड़ी पर इस्तेमाल हो सकता है।

बेचने वालों के लिए सावधानी

  • बिक्री का लिखित समझौता करें, जिसमें तारीख और समय लिखा हो
  • खरीदार की पहचान की प्रति रखें
  • ट्रांसफर पूरा होने तक फॉलो करें
  • डीलर को एक्सचेंज में दी गाड़ी के ट्रांसफर की पुष्टि भी लें

चालान पुराने नाम पर आए तो?

बिक्री के कागज और फॉर्म 29 की रसीद के साथ परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस को सूचना दें।

पुरानी गाड़ी खरीदने वालों के लिए

खरीदने से पहले वाहन पोर्टल पर गाड़ी का ब्योरा, बकाया चालान और लोन की स्थिति जरूर जांच लें, ताकि बाद में ट्रांसफर में दिक्कत न आए।

स्रोत: वाहन, परिवहन सेवा, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, परिवहन सेवा पोर्टल। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X