ताज़ा खबर
आलू भुजिया रेसिपी: दिवाली के लिए घर पर कुरकुरी भुजिया बनाने का आसान तरीका, सामग्री और स्टोर करने के टिप्स BREAKING: उच्चतम न्यायालय ने संसद और विधानसभाओं में एससी एसटी आरक्षित सीटों के रोटेशन को नकारा आज का मंडी भाव 4 नवंबर 2026 (शाम): देशभर की मंडियों में गेहूं/सरसों/चना समेत 230 फसलों के रेट संविधान दिवस 26 नवंबर: क्यों मनाया जाता है, 2015 में कैसे शुरू हुआ और संविधान सभा की पूरी कहानी BREAKING: इसरो ने एनवीएस 03 सैटेलाइट लॉन्च कर नाविक नेविगेशन सिस्टम को किया बहाल गाड़ी की RC ट्रांसफर ऑनलाइन कैसे करें: पुरानी गाड़ी बेचने या खरीदने पर वाहन पोर्टल से मालिकाना हक बदलने की प्रक्रिया BREAKING: चिदंबरम मंदिर प्रबंधन पर मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक सोना चांदी का भाव 4 नवंबर 2026 (शाम): 24 कैरेट सोना ₹1,41,622, चांदी ₹1,86,133 प्रति किलो
ट्रेंडिंग
राजनीति

संविधान दिवस 26 नवंबर: क्यों मनाया जाता है, 2015 में कैसे शुरू हुआ और संविधान सभा की पूरी कहानी

26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारत का संविधान अपनाया था। इसी याद में 2015 से हर साल संविधान दिवस मनाया जाता है।

खुली संविधान पुस्तक और अशोक स्तंभ का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • हर साल 26 नवंबर को देशभर में संविधान दिवस मनाया जाता है। स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी जाती है और नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाई…
  • भारत सरकार ने 19 नवंबर 2015 को अधिसूचना जारी कर हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया।
  • इस दिन सरकारी संस्थानों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों में प्रस्तावना का सामूहिक पाठ होता है।
  • डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष थे। संविधान लागू होने के बाद वे देश के पहले राष्ट्रपति बने।

हर साल 26 नवंबर को देशभर में संविधान दिवस मनाया जाता है। स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी जाती है और नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाई जाती है। कई लोग पूछते हैं कि जब संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ और उस दिन गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, तो 26 नवंबर का क्या महत्व है। इसका जवाब संविधान बनने की प्रक्रिया में छिपा है।

26 नवंबर का ऐतिहासिक महत्व

संविधान सभा ने लगभग तीन साल की लंबी बहस और विचार-विमर्श के बाद 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान अपनाया। इसी दिन संविधान की प्रस्तावना में लिखा गया वाक्य दर्ज हुआ कि हम भारत के लोग इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं। संविधान के कुछ प्रावधान, जैसे नागरिकता, चुनाव और अंतरिम संसद से जुड़े प्रावधान, उसी दिन से लागू हो गए थे। बाकी संविधान 26 जनवरी 1950 को पूरी तरह लागू हुआ और भारत एक गणराज्य बना।

26 जनवरी की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि 1930 में इसी दिन कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज का संकल्प मनाया था। इस तरह 26 नवंबर संविधान को अपनाने का दिन है और 26 जनवरी उसके लागू होने का।

मुख्य बातें: खुली संविधान पुस्तक और अशोक स्तंभ का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

2015 में कैसे शुरू हुआ संविधान दिवस

भारत सरकार ने 19 नवंबर 2015 को अधिसूचना जारी कर हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। यह वर्ष संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की 125वीं जयंती का था। इसका उद्देश्य नागरिकों, खासकर युवाओं, के बीच संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाना था। CBSE ने भी 2015 में स्कूलों को पहला संविधान दिवस मनाने के लिए सर्कुलर जारी किया था। इससे पहले 26 नवंबर को कई जगह राष्ट्रीय विधि दिवस के रूप में भी मनाया जाता था।

संविधान सभा की कहानी

संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी। डॉ. राजेंद्र प्रसाद इसके स्थायी अध्यक्ष चुने गए, जो बाद में देश के पहले राष्ट्रपति बने। 29 अगस्त 1947 को संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए प्रारूप समिति बनी, जिसके अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर थे। इसी वजह से डॉ. आंबेडकर को संविधान का मुख्य शिल्पी कहा जाता है।

संविधान सभा ने मसौदे के हर अनुच्छेद पर विस्तार से बहस की। सदस्यों ने हजारों संशोधन प्रस्ताव रखे, जिनमें से कई स्वीकार भी हुए। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 2 साल 11 महीने 18 दिन लगे। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के सदस्यों ने संविधान की हस्तलिखित प्रतियों पर हस्ताक्षर किए।

यह भी पढ़ें: भारत में कानून कैसे बनता है: विधेयक के तीन वाचन, संयुक्त बैठक, धन विधेयक और राष्ट्रपति की मंजूरी | राष्ट्रपति की शक्तियां: चुनाव कैसे होता है, अध्यादेश, क्षमादान, आपातकाल और संविधान की सीमाएं

संविधान की प्रमुख विशेषताएं

भारत का संविधान दुनिया के सबसे विस्तृत लिखित संविधानों में गिना जाता है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं हैं:

  • प्रस्तावना, जो भारत को संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करती है। समाजवादी और पंथनिरपेक्ष शब्द 1976 के 42वें संशोधन से जोड़े गए।
  • मौलिक अधिकार, जो नागरिकों को समानता, अभिव्यक्ति, धर्म और संवैधानिक उपचार जैसे अधिकार देते हैं।
  • राज्य के नीति निदेशक तत्व, जो सरकारों के लिए कल्याणकारी नीतियों की दिशा तय करते हैं।
  • मौलिक कर्तव्य, जिन्हें 1976 में संविधान में जोड़ा गया।
  • संसदीय शासन प्रणाली, संघीय ढांचा और स्वतंत्र न्यायपालिका।

संविधान दिवस कैसे मनाया जाता है

इस दिन सरकारी संस्थानों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों में प्रस्तावना का सामूहिक पाठ होता है। क्विज, निबंध, वाद-विवाद और संविधान पर व्याख्यान जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। MyGov जैसे सरकारी मंचों पर भी ऑनलाइन प्रस्तावना पाठ और क्विज जैसे अभियान चलाए जाते रहे हैं। संसद में भी इस अवसर पर कार्यक्रम होते रहे हैं।

नागरिकों के लिए संदेश

संविधान दिवस सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं है। यह याद दिलाता है कि संविधान ने हर नागरिक को अधिकार देने के साथ कुछ कर्तव्य भी सौंपे हैं, जैसे संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और भाईचारे की भावना को बढ़ाना। संविधान को पढ़ना और समझना हर नागरिक को लोकतंत्र में बेहतर भागीदारी के लिए तैयार करता है।

संविधान दिवस और गणतंत्र दिवस में क्या अंतर है

26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया गया था, इसलिए यह संविधान दिवस है। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ, इसलिए यह गणतंत्र दिवस है।

संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे

डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष थे। संविधान लागू होने के बाद वे देश के पहले राष्ट्रपति बने।

प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे

29 अगस्त 1947 को बनी प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर थे। उन्होंने संविधान सभा में मसौदे को पेश किया और उस पर हुई बहस में सरकार की ओर से जवाब दिए।

संविधान बनने में कितना समय लगा

संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई और 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया गया। पूरी प्रक्रिया में लगभग 2 साल 11 महीने 18 दिन लगे।

संविधान दिवस पहली बार कब मनाया गया

भारत सरकार की 19 नवंबर 2015 की अधिसूचना के बाद पहला संविधान दिवस 26 नवंबर 2015 को मनाया गया।

स्रोत: MyGov: Constitution Day, CBSE Circular: Celebration of First Constitution Day (2015), Constitution of India (Legislative Department)

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X