ताज़ा खबर
अंटार्कटिक संधि: 1959 में 12 देशों का समझौता, बर्फीले महाद्वीप पर सेना और खनन पर रोक, मैड्रिड प्रोटोकॉल और भारत की भूमिका What Is BRICS? Members, New Development Bank and India’s Role as Chair in 2026 BREAKING: 4 नवंबर को चंडीगढ़ में बीजेपी का सिख सम्मेलन आयोजित प्रधानमंत्री वन धन योजना: आदिवासी समूहों को महुआ, इमली और शहद जैसी वन उपज से कमाई, वन धन विकास केंद्र और TRIFED की भूमिका BREAKING: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरदार पटेल कौशल योजना का शुभारंभ करेंगे Guru Nanak Jayanti: Significance of Gurpurab, Prabhat Pheri, Akhand Path and the Teachings of Guru Nanak पुराना सामान ऑनलाइन बेचने में फ्रॉड: दिवाली की सफाई के बाद बिक्री करते समय QR कोड और फर्जी खरीदार से बचें BREAKING: तमिलनाडु में सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा में पांच साल की छूट
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल

बालकनी की दिवाली सजावट: छोटी जगह में लाइट, दीये, लालटेन और पौधों से सजाने के आसान आइडिया

फ्लैट में रहने वालों के लिए बालकनी ही दिवाली की रोशनी का सबसे बड़ा कोना है। जानिए झालर लगाने का तरीका, कंदील, दीयों की जगह, पौधों से सजावट और आग व बिजली से जुड़ी सावधानियां।

बालकनी की दिवाली सजावट के आइडिया का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • शहरों के फ्लैटों में रहने वाले परिवारों के लिए बालकनी ही दिवाली की रोशनी का सबसे बड़ा कोना होती है।
  • सजावट से पहले बालकनी को खाली और साफ करें। पुराने डिब्बे, टूटे गमले और कबाड़ हटा दें।
  • बालकनी में रखे गमलों को ही सजावट का हिस्सा बनाएं। गमलों पर रंग या गोटा लगाएं।
  • राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भी त्योहार में आग से बचाव की सलाह देता है।

शहरों के फ्लैटों में रहने वाले परिवारों के लिए बालकनी ही दिवाली की रोशनी का सबसे बड़ा कोना होती है। यही वह जगह है जो बाहर से दिखती है और जहां शाम को परिवार बैठकर दीये जलाता है। छोटी बालकनी को भी थोड़ी योजना से बहुत सुंदर सजाया जा सकता है। जानिए बालकनी की दिवाली सजावट के आसान आइडिया।

पहले जगह तैयार करें

सजावट से पहले बालकनी को खाली और साफ करें। पुराने डिब्बे, टूटे गमले और कबाड़ हटा दें। रेलिंग और फर्श को धोकर सुखाएं। जो चीजें हटाई नहीं जा सकतीं, जैसे कपड़े सुखाने का स्टैंड, उन्हें एक कोने में ढक दें।

मुख्य बातें: बालकनी की दिवाली सजावट के आइडिया का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

लाइट लगाने के आइडिया

  • रेलिंग के साथ सीधी लाइन में LED झालर लगाएं, जो बाहर से साफ दिखती है
  • छत से नीचे की ओर पर्दे जैसी लटकती लाइट, जिसे कर्टेन लाइट कहते हैं
  • गमलों और पौधों के चारों ओर बैटरी वाली छोटी फेयरी लाइट
  • एक या दो रंग की लाइट चुनें, बहुत सारे रंग भीड़ जैसे लगते हैं
  • बालकनी बाहर खुली है तो वाटरप्रूफ या आउटडोर लाइट लें

कंदील और लालटेन

दिवाली पर बालकनी में ऊपर टंगी कंदील पुरानी परंपरा का हिस्सा है। कागज, कपड़े, बांस या धातु की कंदील बाजार में मिलती हैं। कागज या कपड़े की कंदील में केवल LED बल्ब लगाएं, खुली लौ नहीं। छोटी धातु या कांच की लालटेन को फर्श या स्टूल पर रखकर भी अच्छा असर आता है।

यह भी पढ़ें: इको-फ्रेंडली दिवाली सजावट: फूल, पत्तों, मिट्टी और पुरानी चीजों से घर सजाने के आसान तरीके | दिवाली लाइट और बिजली बिल: LED झालर से कैसे बचाएं खर्च, स्टार रेटिंग और सुरक्षा की जरूरी बातें

दीयों की सजावट

  • दीयों को सीधे रेलिंग की पतली किनारी पर रखने की जगह मजबूत ट्रे या स्टैंड पर रखें
  • पानी भरे बड़े बर्तन में तैरते दीये और फूल
  • सीढ़ीनुमा स्टैंड पर अलग-अलग ऊंचाई पर दीये
  • दीयों के पास रंगोली या फूलों की पंखुड़ियां

पौधों और फूलों से सजावट

बालकनी में रखे गमलों को ही सजावट का हिस्सा बनाएं। गमलों पर रंग या गोटा लगाएं। गेंदे के फूलों की माला रेलिंग पर बांधें। तुलसी के गमले के पास दीया जलाएं, जो कार्तिक मास की परंपरा से भी जुड़ा है। छोटे पौधे, जैसे गुलदाउदी या गेंदा, इस मौसम में आसानी से मिल जाते हैं।

बैठने का कोना

अगर जगह हो, तो फर्श पर दरी या कुशन बिछाकर छोटा बैठने का कोना बनाएं। शाम को परिवार के साथ यहां चाय या मिठाई का आनंद लिया जा सकता है।

सुरक्षा के जरूरी नियम

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भी त्योहार में आग से बचाव की सलाह देता है। बालकनी में इनका खास ध्यान रखें:

  • सूखे कपड़े, पर्दे और कागज जलते दीयों से दूर रखें
  • दीये ऐसी जगह न रखें, जहां से वे नीचे गिर सकें
  • पटाखों की चिंगारी आने की आशंका हो, तो बालकनी में ज्वलनशील सामान न रखें
  • एक्सटेंशन बोर्ड को पानी से दूर और ढककर रखें
  • रात को सोने से पहले लाइट और दीये बुझा दें
  • पास में पानी की बाल्टी रखें

बालकनी में दीये कितनी देर जलाएं?

दीये शाम से कुछ घंटे तक जलाना काफी है। जब घर में कोई देखरेख करने वाला न हो, तब दीये न जलाएं या बुझा दें।

स्रोत: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA): अग्नि सुरक्षा। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X