छठ में संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य के समय घाटों पर भारी भीड़ उमड़ती है। इस बार संध्या अर्घ्य 15 नवंबर और उषा अर्घ्य 16 नवंबर को है। हर साल कई जगह डूबने और भगदड़ जैसी घटनाओं की खबरें आती हैं। थोड़ी सावधानी से ऐसे हादसे टाले जा सकते हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) भीड़ वाले धार्मिक आयोजनों के लिए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी करता रहा है। जानिए छठ घाट पर सुरक्षा के लिए जरूरी बातें।
पानी में उतरते समय
- प्रशासन ने जहां बैरिकेड या रस्सी लगाई है, उसके अंदर ही खड़े हों
- गहरे पानी, तेज बहाव और खतरनाक बताए गए घाटों से दूर रहें
- तैरना न जानते हों तो कमर से ज्यादा गहरे पानी में न जाएं
- सीढ़ियों पर काई और फिसलन से सावधान रहें
- अंधेरे में पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगता, इसलिए उषा अर्घ्य के समय और सावधानी रखें

बच्चों के साथ
- छोटे बच्चों को पानी के पास अकेला न छोड़ें
- बच्चों की जेब में या कलाई पर नाम और माता-पिता का मोबाइल नंबर लिखी पर्ची रखें
- बिछड़ने पर कहां मिलना है, यह पहले तय करें
- बच्चों को पुलिस या वॉलंटियर से मदद मांगना सिखाएं
बुजुर्ग व्रतियों के साथ
- उनके साथ हमेशा परिवार का कोई सदस्य रहे
- पानी में उतरते और निकलते समय हाथ पकड़ें
- ठंड से बचाने के लिए सूखे कपड़े और कंबल पास रखें
- घाट तक पहुंचने के लिए भीड़ से पहले निकलें
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दीये और आतिशबाजी
- सूप में जलते दीये के पास दुपट्टा, साड़ी का पल्लू और शॉल संभालकर रखें
- घाट पर पटाखे चलाने से भीड़ में अफरा-तफरी और जलने का खतरा रहता है, इससे बचें
- प्रशासन ने जहां आतिशबाजी पर रोक लगाई है, वहां नियम मानें
भीड़ में
- धक्का-मुक्की से बचें और तय रास्ते से ही आएं-जाएं
- पुल, संकरी गलियों और ढलान पर रुकें नहीं
- कीमती गहने और ज्यादा नकदी घर पर छोड़ें
- मोबाइल पूरा चार्ज रखें
कृत्रिम घाट और छत
शहरों में कई जगह प्रशासन और सोसायटी कृत्रिम तालाब बनाती हैं, और कई परिवार घर की छत पर अर्घ्य देते हैं। ये विकल्प भीड़ और गहरे पानी के खतरे से बचाते हैं।
आपात स्थिति में
- किसी के डूबने पर खुद गहरे पानी में कूदने की बजाय तुरंत गोताखोरों, नाव वालों और पुलिस को बुलाएं
- रस्सी, लंबा बांस या दुपट्टा फेंककर मदद करें
- आपात सेवा के लिए 112 पर कॉल करें
सफाई
घाट पर प्लास्टिक और कचरा न छोड़ें। पूजा सामग्री तय जगह पर रखें, ताकि नदी साफ रहे।
घाट की जानकारी कहां मिलेगी?
जिला प्रशासन और नगर निगम छठ से पहले सुरक्षित और खतरनाक घाटों की सूची जारी करते हैं। स्थानीय सूचना जरूर देखें।
वापसी में भी सावधानी
अर्घ्य के बाद लौटते समय भी भीड़ एक साथ निकलती है। जल्दबाजी न करें, परिवार को एक साथ रखें और गाड़ी धीरे चलाएं।
स्रोत: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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