पुर्तगाल के महान फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 41 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह दिया है। उन्होंने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपने संन्यास की आधिकारिक घोषणा की, जिससे उनके 23 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत हो गया। रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए कुल 234 मैच खेले और 146 गोल करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नवंबर के अंतरराष्ट्रीय ब्रेक के बाद वह राष्ट्रीय टीम की अपनी प्रतिष्ठित नंबर 7 जर्सी वापस कर देंगे।

अंतरराष्ट्रीय करियर के शानदार आंकड़े और उपलब्धियां
क्रिस्टियानो रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल करियर आंकड़ों के लिहाज से दुनिया में सबसे बेहतरीन रहा है। उन्होंने पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के लिए 234 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले, जो पुरुष फुटबॉल के इतिहास में किसी भी खिलाड़ी द्वारा खेले गए सर्वाधिक मैच हैं। इन मैचों के दौरान उन्होंने 146 बार गेंद को जाल में उलझाया, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा गोल करने वाले पुरुष फुटबॉलर बन गए हैं। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2016 में आई, जब पुर्तगाल ने उनकी कप्तानी में पहली बार यूरो कप का खिताब जीता था। फ्रांस में खेले गए उस टूर्नामेंट के फाइनल में पुर्तगाल ने मेजबान टीम को 1:0 से हराकर इतिहास रचा था। हालांकि रोनाल्डो चोट के कारण फाइनल मैच पूरा नहीं खेल पाए थे, लेकिन टीम के नेतृत्व में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही थी।
यूरो कप के अलावा, रोनाल्डो की कप्तानी में पुर्तगाल ने 2019 और 2025 में यूएफा नेशंस लीग की ट्रॉफी भी अपने नाम की थी। रोनाल्डो के नाम छह अलग-अलग फीफा विश्व कप में खेलने का दुर्लभ रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने 2006, 2010, 2014, 2018, 2022 और हाल ही में 2026 के विश्व कप में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया। क्लब फुटबॉल के स्तर पर भी उन्होंने मैनचेस्टर यूनाइटेड और रियल मैड्रिड जैसी टीमों के साथ छह बार चैंपियंस लीग का खिताब जीतने वाली टीम का हिस्सा बनकर अपनी योग्यता साबित की है।
जर्सी नंबर 7 और भावुक विदाई संदेश
अपने संन्यास की घोषणा करते हुए रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय टीम के साथ बिताए गए अपने समय को याद किया। उन्होंने कहा कि वह अपना सिर ऊंचा रखकर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से विदा ले रहे हैं। रोनाल्डो ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें उस रास्ते पर गर्व है जिस पर वह पिछले दो दशकों से चले हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुर्तगाल के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया है। जर्सी नंबर 7 के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब इसे अगली पीढ़ी को सौंपने का सही समय आ गया है।
रोनाल्डो ने अपने संदेश में यह भी कहा कि समय के साथ गोल और ट्रॉफियां पुरानी हो जाती हैं और रिकॉर्ड भी एक दिन टूट जाते हैं, लेकिन प्रशंसकों के दिलों में जो जगह उन्होंने बनाई है, वह हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने 2003 में मात्र 18 साल की उम्र में पुर्तगाल के लिए अपना पहला मैच खेला था। तब से लेकर अब तक वह टीम के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बने रहे। उन्होंने कहा कि 23 साल तक पुर्तगाल की जर्सी पहनना उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान की बात थी। उनके अनुसार, यह जर्सी केवल उनकी नहीं बल्कि पूरे देश की पहचान रही है।
कोच के साथ विवाद और अनुशासनात्मक कार्रवाई
रोनाल्डो के संन्यास का यह फैसला पुर्तगाल की टीम के मुख्य कोच जॉर्ज जीसस के साथ हुए हालिया विवाद के बाद आया है। इस विवाद की जड़ 27 सितंबर को नॉर्वे के ओस्लो में खेले गए नेशंस लीग के एक मैच में छिपी है। उस मुकाबले में पुर्तगाल ने 2:1 से जीत दर्ज की थी, लेकिन रोनाल्डो को पूरे मैच के दौरान मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला। मैच खत्म होने के बाद रोनाल्डो ने नाराजगी जाहिर की और अपने साथियों के साथ दर्शकों का अभिवादन किए बिना ही सीधे ड्रेसिंग रूम चले गए। इसके तुरंत बाद उन्होंने पुर्तगाल के ट्रेनिंग कैंप को भी छोड़ दिया था।
इस घटना के बाद रोनाल्डो ने लगभग 2000 शब्दों का एक विस्तृत बयान जारी किया था, जिसमें उन्होंने कोच जॉर्ज जीसस पर भरोसे के उल्लंघन का आरोप लगाया था। रोनाल्डो का कहना था कि कोच ने उन्हें सब्स्टीट्यूट के रूप में मैदान पर भेजने का वादा किया था, जिसके लिए उन्होंने वार्मअप भी किया था, लेकिन अंत में कोच मुकर गए। दूसरी ओर, कोच जीसस ने स्वीकार किया था कि रोनाल्डो को वार्मअप कराने के बाद मैदान पर न उतारना उनकी गलती थी। इस पूरे घटनाक्रम के कारण पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ ने रोनाल्डो पर 285 डॉलर का जुर्माना लगाया और 1 अक्टूबर से उन्हें 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया था।
भविष्य की योजनाएं और क्लब फुटबॉल
भले ही रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले लिया है, लेकिन वह क्लब फुटबॉल में खेलना जारी रखेंगे। वर्तमान में वह सऊदी अरब के क्लब अल नासर के लिए खेल रहे हैं। रोनाल्डो ने स्पष्ट किया है कि उनका लक्ष्य अपने पेशेवर करियर में 1000 गोल के आंकड़े तक पहुंचना है। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से हटने के बाद अब वह पूरी तरह से अपने क्लब करियर और इस व्यक्तिगत उपलब्धि पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
उनके संन्यास के साथ ही पुर्तगाल फुटबॉल के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। रोनाल्डो ने अपने करियर में न केवल रिकॉर्ड बनाए, बल्कि पुर्तगाल को विश्व फुटबॉल के मानचित्र पर एक बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित किया। उनके जाने के बाद पुर्तगाल की टीम में उनकी जगह भरना एक बड़ी चुनौती होगी। प्रशंसकों के लिए यह एक भावुक क्षण है क्योंकि उन्होंने एक ऐसे खिलाड़ी को विदा होते देखा है जिसने दो दशक से अधिक समय तक खेल पर अपना दबदबा बनाए रखा।
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स्रोत: Prabhat Khabar, Aaj Tak





