धनतेरस के मौके पर सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है. सोना 2500 रुपये तक गिर गया है, जबकि चांदी की कीमतों में भी 3000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है.
धनतेरस का पावन अवसर कीमती धातुओं के बाजार में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया है। जहां इस दिन आमतौर पर बाजार में काफी रौनक और हलचल देखी जाती है, वहीं इस बार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सोने और चांदी के वायदा भाव में काफी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। यह स्थिति निवेशकों और खरीदारों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखी जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में प्रति 10 ग्राम के हिसाब से 2428 रुपये की कमी दर्ज की गई है, जिसके बाद इसका भाव 1,41,667 रुपये के स्तर पर आ गया है। चांदी की कीमतों में भी इसी प्रकार की गिरावट देखी गई है, जहां दिसंबर सिल्वर फ्यूचर का भाव 3100 रुपये टूटकर 1,84,050 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार और कच्चे तेल का प्रभाव
सोने और चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में हुई वृद्धि को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 2 फीसदी का उछाल देखा गया है, जिसके बाद यह 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं पर दबाव की स्थिति बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव 1.46 फीसदी की गिरावट के साथ 4,053.8 डॉलर प्रति औंस पर आ गए हैं। इसी क्रम में, चांदी की कीमतों में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 1.70 फीसदी की कमी दर्ज की गई है, जिससे यह 51.485 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रही है। वैश्विक बाजार की यह हलचल सीधे तौर पर घरेलू वायदा बाजार को प्रभावित कर रही है।
डॉलर इंडेक्स और रुपये की स्थिति
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर वैश्विक वित्तीय संकेतकों पर भी पड़ा है। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई है, जिसके विपरीत भारतीय रुपया गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। ऐसी आर्थिक परिस्थितियों में, सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग में उतार चढ़ाव देखा जा रहा है। बाजार के जानकारों के अनुसार, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल के बढ़ते दाम सीधे तौर पर कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। इस आर्थिक माहौल में निवेशकों का रुझान भी सतर्क बना हुआ है। डॉलर इंडेक्स में आई यह तेजी कीमती धातुओं की चमक को कम करने का काम कर रही है, जिससे निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो के प्रति अधिक सजग रहने की आवश्यकता महसूस हो रही है।
दिल्ली का बाजार और ऐतिहासिक स्तर
दिल्ली के स्थानीय बाजार में स्थिति वायदा बाजार से थोड़ी अलग नजर आई है, जहां सोने और चांदी के भाव में मामूली तेजी देखी गई है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव 1,46,180 रुपये, 22 कैरेट का भाव 1,34,010 रुपये और 18 कैरेट सोने की कीमत 1,09,680 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं, दिल्ली में चांदी का भाव 2,10,100 रुपये प्रति किलो पर बना हुआ है। यदि ऐतिहासिक स्तरों की बात करें, तो एमसीएक्स पर चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर 4.20 लाख रुपये से काफी नीचे आ चुकी है, जो कि 2.36 लाख रुपये प्रति किलो की बड़ी गिरावट को दर्शाता है। इसी प्रकार, सोना भी अपने 1.93 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर से 52 हजार रुपये की गिरावट के साथ 1,41,667 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बाजार में चल रही इन विविधताओं को देखते हुए निवेशकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी धातु में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें ताकि वे बाजार के जोखिमों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
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स्रोत: Aaj Tak





