अक्टूबर के महीने का समापन भारतीय सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में एक बड़ी गिरावट के साथ हुआ है। नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही बाजार के आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पिछले पूरे महीने के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में भारी कमी दर्ज की गई है। विशेष रूप से चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने सभी का ध्यान खींचा है, क्योंकि यह गिरावट 40,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर गई है। त्योहारी सीजन के बावजूद बाजार में आई इस गिरावट ने ग्राहकों के लिए खरीदारी की स्थिति को काफी बदल दिया है।

**मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट**
अक्टूबर महीने के दौरान चांदी की कीमतों में आई गिरावट का विश्लेषण करने के लिए मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज, जिसे एमसीएक्स के नाम से भी जाना जाता है, के आंकड़ों को देखना महत्वपूर्ण है। वायदा कारोबार के बाजार में चांदी की कीमतों में एक महीने के भीतर बहुत बड़ा अंतर देखा गया है। यदि हम सितंबर महीने के अंतिम कारोबारी दिन यानी 30 सितंबर की बात करें, तो उस समय एक किलोग्राम चांदी की कीमत 2,23,706 रुपये पर बंद हुई थी। इसके ठीक एक महीने बाद, अक्टूबर के अंतिम शुक्रवार यानी 30 अक्टूबर को, यही कीमती धातु गिरकर 1,78,900 रुपये पर बंद हुई। इस प्रकार, केवल एक महीने के समय में चांदी की कीमत में 44,806 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी कमी आई है। यह गिरावट दर्शाती है कि वायदा बाजार में चांदी के निवेशकों के लिए अक्टूबर का महीना काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है।
**ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर से चांदी की कीमतों की तुलना**
चांदी की कीमतों में आई इस हालिया गिरावट को समझने के लिए इसके ऐतिहासिक उच्चतम स्तर से तुलना करना आवश्यक है। इस साल जनवरी महीने के अंतिम सप्ताह में चांदी ने अपनी कीमतों में एक रिकॉर्ड तेजी दर्ज की थी और यह 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई थी। यदि हम वर्तमान की कीमतों की तुलना उस उच्चतम स्तर से करते हैं, तो चांदी अब अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से 2,41,148 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती मिल रही है। गिरावट का यह सिलसिला अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में भी जारी रहा। महीने के आखिरी पांच कारोबारी दिनों के दौरान ही चांदी की कीमत 1,95,719 रुपये से गिरकर 16,819 रुपये प्रति किलो तक कम हो गई। यह आंकड़े बताते हैं कि चांदी की कीमतों में गिरावट की गति काफी तेज रही है।
**घरेलू बाजार और दिल्ली के सर्राफा बाजार की स्थिति**
चांदी की कीमतों में गिरावट केवल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज तक ही सीमित नहीं रही है, बल्कि इसका असर घरेलू खुदरा बाजारों में भी स्पष्ट रूप से देखा गया है। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन, जिसे आईबीजेए के नाम से जाना जाता है, की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के सर्राफा बाजारों में भी कीमतें काफी नीचे आई हैं। 30 सितंबर को दिल्ली के बाजारों में चांदी की कीमत 2,20,435 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई थी। अक्टूबर के अंत तक, यानी 30 अक्टूबर को, यह कीमत घटकर 1,81,344 रुपये पर आ गई। इस गणना के आधार पर, घरेलू बाजार में चांदी एक महीने के भीतर 39,091 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई है। यह घरेलू बाजार में खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
**सोने की कीमतों में आई गिरावट का पूरा विवरण**
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी अक्टूबर के दौरान गिरावट का रुख देखा गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने की कीमतों में भी चांदी की तरह ही कमी आई है। 30 सितंबर को सोने का क्लोजिंग रेट 1,49,036 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 30 अक्टूबर तक गिरकर 1,38,419 रुपये पर आ गया। इसका अर्थ है कि एक महीने में सोना 10,617 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है। अक्टूबर के आखिरी पांच कारोबारी दिनों में भी सोने की कीमतों में कमी देखी गई, जहां 24 कैरेट सोने का भाव 1,42,024 रुपये से 3,605 रुपये कम हो गया। सोने की कीमतों में यह गिरावट उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदते हैं।
**घरेलू बाजार में सोने के भाव और अतिरिक्त शुल्क**
दिल्ली के घरेलू बाजारों में सोने की कीमतों का रुझान भी एमसीएक्स के समान ही रहा है। आईबीजेए के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर के आखिरी दिन 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,47,888 रुपये था। अक्टूबर के आखिरी शुक्रवार को यह भाव 1,40,054 रुपये पर बंद हुआ, जिससे प्रति 10 ग्राम पर 7,834 रुपये की कमी दर्ज की गई। हालांकि, ग्राहकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सर्राफा बाजार के इन भावों के अलावा, ज्वेलरी खरीदते समय कुछ अतिरिक्त शुल्क भी देने होते हैं। इसमें 3 प्रतिशत का गोल्ड जीएसटी अनिवार्य रूप से शामिल होता है। इसके साथ ही, ज्वेलरी की बनावट के आधार पर मेकिंग चार्ज भी वसूला जाता है, जो अंतिम कीमत को प्रभावित करता है। बाजार के जानकारों का मानना है कि किसी भी प्रकार के निवेश से पहले बाजार की स्थितियों का सही आकलन करना आवश्यक है।
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स्रोत: Aaj Tak





