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भाई दूज का खाना: बहन के घर बनने वाले पारंपरिक पकवान, आसान मेन्यू, समय बचाने की तैयारी और मीठे के विकल्प

यम द्वितीया की कथा में यमुना ने भाई यमराज को घर बुलाकर भोजन कराया था, इसीलिए भाई दूज पर बहन के घर भाई का भोजन सबसे अहम रस्म है। जानिए इस बार 11 नवंबर के लिए पारंपरिक पकवान, आसान मेन्यू और तैयारी के टिप्स।

भाई दूज के खाने के पारंपरिक मेन्यू का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • भाई दूज की कथा के अनुसार यमुना ने अपने भाई यमराज को घर बुलाकर तिलक किया और प्रेम से भोजन कराया था।
  • भाई की पसंद की एक खास डिश जरूर रखें, यही इस दिन को निजी बनाता है।
  • कई परिवारों में बहन पहले भाई को तिलक करती है और फिर अपने हाथ से पहला कौर खिलाती है।
  • कई भाई-बहन वीडियो कॉल पर तिलक की रस्म करते हैं। भाई अपने घर पर ही बहन की पसंद का खाना बनाकर इस दिन को मना सकता है।

भाई दूज की कथा के अनुसार यमुना ने अपने भाई यमराज को घर बुलाकर तिलक किया और प्रेम से भोजन कराया था। इसलिए इस दिन बहन के घर भाई का भोजन सबसे अहम रस्म मानी जाती है। इस बार भाई दूज 11 नवंबर 2026 को है। दिवाली के लगातार त्योहारों के बाद यह दिन रसोई के लिए थकाने वाला भी हो सकता है, इसलिए पहले से योजना बनाना मददगार है। जानिए भाई दूज का खाना कैसे तय करें।

अलग-अलग राज्यों के पकवान

  • **उत्तर प्रदेश और दिल्ली:** पूरी, कचौड़ी, आलू की सब्जी, कद्दू, रायता और खीर
  • **बिहार और पूर्वांचल:** दाल-भात, सब्जी, बजरी और मिठाई, कई जगह गोधन कूटने के बाद भोजन
  • **महाराष्ट्र:** भाऊबीज पर बासुंदी-पूरी या श्रीखंड
  • **बंगाल:** भाई फोटा पर कई तरह की मिठाइयां और मछली या पारंपरिक व्यंजन
  • **गुजरात:** भाई बीज पर पूरी, शाक और मिठाई
मुख्य बातें: भाई दूज के खाने के पारंपरिक मेन्यू का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

एक आसान मेन्यू

  • **स्टार्टर:** दही वड़ा या आलू टिक्की
  • **मुख्य:** पूरी या पराठा, आलू-टमाटर की सब्जी, पनीर या छोले, जीरा राइस
  • **साथ में:** बूंदी रायता, सलाद और अचार
  • **मीठा:** खीर, गाजर का हलवा या घर की बनी कोई मिठाई

भाई की पसंद की एक खास डिश जरूर रखें, यही इस दिन को निजी बनाता है।

एक दिन पहले की तैयारी

  • सब्जियां धोकर काट लें और फ्रिज में रखें
  • दही जमा लें और रायते के लिए बूंदी तैयार रखें
  • छोले भिगो दें
  • खीर या हलवा एक दिन पहले बनाकर फ्रिज में रखा जा सकता है
  • पूरी का आटा सुबह गूंथें

यह भी पढ़ें: भाई दूज की थाली कैसे सजाएं: तिलक की थाली में क्या रखें, सामग्री की सूची और तिलक की रस्म | दिवाली मेन्यू प्लानिंग: पांच दिन के त्योहार का खाना पहले से कैसे तय करें, रसोई का काम कैसे बांटें

समय कैसे बचाएं

  • प्रेशर कुकर में दाल और छोले एक साथ बनाएं
  • परिवार के सदस्यों को अलग-अलग काम बांट दें
  • दिवाली की बची मिठाई और नमकीन भी परोसी जा सकती है, अगर ताजी हो

कम मीठे के विकल्प

दिवाली के कई दिनों तक मीठा खाने के बाद भाई दूज पर कम चीनी वाली चीजें रखें, जैसे फल का रायता, गुड़ की खीर, या मेवे। परिवार में डायबिटीज वाले सदस्य हों तो उनके लिए अलग मीठा रखें।

खाने की सुरक्षा

  • दूध और खोये वाली चीजें ज्यादा देर बाहर न रखें
  • तलने का तेल बार-बार गर्म न करें
  • बचा खाना ढककर जल्दी फ्रिज में रखें

परोसने का तरीका

कई परिवारों में बहन पहले भाई को तिलक करती है और फिर अपने हाथ से पहला कौर खिलाती है। भोजन के बाद भाई बहन को उपहार देता है।

बहन दूर हो तो?

कई भाई-बहन वीडियो कॉल पर तिलक की रस्म करते हैं। भाई अपने घर पर ही बहन की पसंद का खाना बनाकर इस दिन को मना सकता है।

बच्चों के लिए

घर में छोटे बच्चे हों तो उनके लिए कम मसाले वाली चीजें, जैसे सादी पूरी, आलू की सूखी सब्जी और मीठी सेवइयां अलग से रखें। बच्चे भी भाई दूज की रस्म में शामिल हों तो उन्हें तिलक और आरती का अर्थ बताएं। इससे वे परंपरा से जुड़ते हैं और त्योहार का मजा भी दोगुना होता है।

स्रोत: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI): Eat Right India। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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