भाई दूज पर बहनें भाई को तिलक लगाकर उसकी लंबी आयु और खुशहाली की कामना करती हैं। इस रस्म के लिए एक खास थाली सजाई जाती है। द्रिक पंचांग के अनुसार इस बार भाई दूज 11 नवंबर 2026, बुधवार को है। थाली की सामग्री पहले से जुटा ली जाए, तो रस्म आराम से हो जाती है। जानिए भाई दूज की थाली कैसे सजाएं।
थाली की सामग्री
- पीतल, तांबे या स्टील की थाली
- रोली या कुमकुम
- अक्षत यानी साबुत चावल
- कलावा या मौली
- घी का छोटा दीपक और बाती
- मिठाई, जैसे लड्डू, पेड़ा या घर की बनी मिठाई
- सूखा नारियल या गोला, कई क्षेत्रों में यह खास तौर पर दिया जाता है
- पान का पत्ता और सुपारी
- फूल या फूलों की पंखुड़ियां
- छोटा कलश या लोटे में जल
- कुछ जगह मिश्री, बताशे और केला भी रखा जाता है

थाली कैसे सजाएं
- थाली को साफ करके उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछा सकती हैं
- बीच में रोली से स्वास्तिक बनाएं
- एक तरफ दीपक रखें और उसके चारों ओर फूलों की पंखुड़ियां सजाएं
- छोटी कटोरियों में रोली, अक्षत और मिठाई रखें
- कलावा और नारियल एक ओर रखें
- थाली के किनारे पर रंगोली के रंग से हल्की सजावट की जा सकती है
चौक बनाना
कई घरों में भाई को बैठाने के लिए जमीन पर आटे या चावल के घोल से चौक बनाया जाता है। उस पर पटरा या आसन रखकर भाई को बैठाया जाता है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ क्षेत्रों में इस चौक पर गोबर से यम और यमुना की आकृति बनाने की परंपरा भी है।
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तिलक की रस्म
- भाई को पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठाएं, जैसा परिवार की परंपरा हो
- सिर पर रूमाल या कपड़ा रखा जाता है
- माथे पर रोली का तिलक लगाकर अक्षत लगाएं
- हाथ में कलावा बांधें
- दीपक से आरती उतारें
- मिठाई खिलाएं और नारियल या गोला दें
- भाई बहन को उपहार या शगुन देता है
इसके बाद बहन भाई के लिए भोजन परोसती है। मान्यता है कि इस दिन बहन के हाथ का बना भोजन करना शुभ होता है।
क्षेत्रीय परंपराएं
- महाराष्ट्र में भाऊबीज पर बहनें भाई की आरती उतारती हैं और भाई को चंद्रमा का प्रतीक मानकर पूजा की जाती है
- बंगाल में भाई फोंटा पर बहनें चंदन से तिलक लगाती हैं
- नेपाल और सिक्किम में भाई टीका पर सात रंगों का टीका लगाया जाता है
- बिहार में कई जगह गोधन कूटने की परंपरा है
थाली तैयार रखने के टिप्स
- सुबह स्नान करके ही थाली तैयार करें
- दीपक तभी जलाएं, जब भाई बैठ जाए
- मिठाई ढककर रखें
अगर भाई दूर हो तो?
भाई दूर हो, तो बहनें वीडियो कॉल पर तिलक की रस्म कर सकती हैं या भगवान के सामने भाई के नाम का तिलक लगाकर कामना कर सकती हैं।
थाली को पहले से तैयार रखें
तिलक के समय कोई चीज खोजनी न पड़े, इसलिए थाली एक दिन पहले ही सजा लें। मिठाई और फूल सुबह ताजे रखें। दीपक की बाती पहले से घी में भिगोकर रख लें।
स्रोत: द्रिक पंचांग। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





