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दीपावली पूजा की थाली कैसे सजाएं: थाली में क्या रखें, सजावट के आसान तरीके और जरूरी सावधानियां

दीपावली पूजा की थाली में रखी जाने वाली सामग्री, हर चीज का महत्व, स्टील, पीतल या चांदी की थाली, रंगोली, फूल और कपड़े से सजावट, बच्चों के साथ थाली सजाने के तरीके और आग से सुरक्षा।

दीपावली पूजा की सजी हुई थाली का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • दीपावली की लक्ष्मी पूजा में पूजा की थाली का विशेष स्थान है। इसमें वह सारी सामग्री रखी जाती है, जिसकी पूजा के दौरान जरूरत पड़ती है।
  • दीपक को प्रकाश और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। रोली और अक्षत तिलक व पूजा में इस्तेमाल होते हैं।
  • बच्चों को फूल लगाने और रंगोली बनाने का काम दें, इससे वे परंपरा से जुड़ते हैं।
  • लक्ष्मी पूजा का शुभ समय अलग-अलग शहरों में अलग होता है। इसके लिए अपने स्थानीय पंचांग या पुरोहित से जानकारी लें।

दीपावली की लक्ष्मी पूजा में पूजा की थाली का विशेष स्थान है। इसमें वह सारी सामग्री रखी जाती है, जिसकी पूजा के दौरान जरूरत पड़ती है। सुंदर ढंग से सजी थाली पूजा को व्यवस्थित बनाती है और घर के सदस्यों, खासकर बच्चों को भी इसमें शामिल होने का मौका देती है। जानिए दीपावली पूजा की थाली कैसे सजाएं।

थाली में क्या रखें

परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार सामग्री में थोड़ा फर्क हो सकता है। आम तौर पर थाली में ये चीजें रखी जाती हैं:

  • घी या तेल का दीपक
  • रोली या कुमकुम और हल्दी
  • अक्षत यानी साबुत चावल
  • फूल और फूलों की माला
  • अगरबत्ती या धूप
  • कलावा या मौली
  • सुपारी, पान के पत्ते और लौंग-इलायची
  • खील, बताशे और मिठाई
  • एक सिक्का
  • छोटे कलश में जल
  • कपूर, आरती के लिए
मुख्य बातें: दीपावली पूजा की सजी हुई थाली का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

हर चीज का महत्व

दीपक को प्रकाश और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। रोली और अक्षत तिलक व पूजा में इस्तेमाल होते हैं। खील और बताशे दीपावली पूजा का खास प्रसाद माने जाते हैं। कलश को मंगल का प्रतीक माना जाता है। ये परंपरागत मान्यताएं हैं, जिनके बारे में अपने परिवार के बड़ों या पुरोहित से भी जानकारी ली जा सकती है।

कौन सी थाली लें

पीतल, तांबे, चांदी या स्टील, किसी भी धातु की थाली ली जा सकती है। बहुत से घरों में हर साल वही पुरानी थाली साफ करके इस्तेमाल होती है। थाली को पहले अच्छी तरह साफ करें। पीतल और तांबे की थाली को नींबू और नमक या इमली से चमकाया जा सकता है।

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सजावट के आसान तरीके

  • थाली के बीच में रोली या हल्दी से स्वस्तिक या छोटी रंगोली बनाएं
  • किनारों पर गेंदे या गुलाब की पंखुड़ियां लगाएं
  • थाली पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर उस पर सामग्री सजाएं
  • छोटी कटोरियों में रोली, अक्षत और हल्दी अलग-अलग रखें, ताकि सामग्री फैले नहीं
  • किनारे पर गोटा या लेस चिपकाई जा सकती है

बच्चों को फूल लगाने और रंगोली बनाने का काम दें, इससे वे परंपरा से जुड़ते हैं।

दीपक से जुड़ी सावधानियां

सजावट के लिए इस्तेमाल किया गया कपड़ा, गोटा या कागज दीपक की लौ से दूर रखें। आरती के समय दुपट्टे और ढीले कपड़ों का ध्यान रखें। कपूर जलाते समय बच्चों को पास न आने दें। पूजा के बाद जलते दीपक को किसी सुरक्षित जगह पर रखें।

पूजा का समय

लक्ष्मी पूजा का शुभ समय अलग-अलग शहरों में अलग होता है। इसके लिए अपने स्थानीय पंचांग या पुरोहित से जानकारी लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या प्लास्टिक की थाली इस्तेमाल कर सकते हैं?

परंपरा में धातु की थाली को प्राथमिकता दी जाती है। प्लास्टिक की थाली दीपक की गर्मी से पिघल भी सकती है, इसलिए इससे बचें।

पूजा के बाद थाली की सामग्री का क्या करें?

फूल और बची पूजा सामग्री को कूड़े में फेंकने की जगह गमले या बगीचे की मिट्टी में डाल दें। खील, बताशे और मिठाई प्रसाद के रूप में परिवार और पड़ोसियों में बांटें। अक्षत पक्षियों को डाले जा सकते हैं।

स्रोत: द्रिक पंचांग: हिंदू कैलेंडर और त्योहार। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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