घर बनाने या खरीदने में लोग जीवन भर की बचत लगा देते हैं, लेकिन उसके बीमा के बारे में कम ही सोचते हैं। आग, बाढ़, भूकंप या चोरी जैसी घटनाओं में घर और सामान का नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है। होम इंश्योरेंस ऐसे जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा देता है। जानिए होम इंश्योरेंस क्या है और इसे कैसे चुनें।
भारत गृह रक्षा पॉलिसी
बीमा नियामक IRDAI ने घर के बीमा के लिए एक मानक पॉलिसी तय की है, जिसका नाम भारत गृह रक्षा है। सभी सामान्य बीमा कंपनियों के लिए यह पॉलिसी देना जरूरी है। इसकी शर्तें सभी कंपनियों में एक जैसी होती हैं, जिससे तुलना करना आसान होता है। प्रीमियम कंपनी के हिसाब से अलग हो सकता है।

क्या कवर होता है
पॉलिसी की शर्तों के अनुसार इसमें आमतौर पर इन जोखिमों से हुए नुकसान का कवर होता है:
- आग और बिजली गिरना
- विस्फोट
- तूफान, चक्रवात, बाढ़ और जलभराव
- भूकंप और भूस्खलन
- दंगा, हड़ताल और आतंकी घटना
- पानी की टंकी या पाइप फटने से नुकसान
- चोरी, अगर ऊपर बताई किसी घटना के सात दिन के भीतर हुई हो
घर के सामान का कवर अलग से चुना जा सकता है। गहने और कीमती चीजों के लिए अतिरिक्त कवर लेना पड़ता है।
इमारत और सामान
- इमारत का कवर: घर के ढांचे के लिए, जिसमें बीमित राशि घर को दोबारा बनाने की लागत के हिसाब से तय होती है, जमीन की कीमत इसमें नहीं जुड़ती
- सामान का कवर: फर्नीचर, बिजली के उपकरण, कपड़े और घरेलू सामान
- किरायेदार केवल सामान का बीमा ले सकते हैं
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क्या कवर नहीं होता
- जानबूझकर किया गया नुकसान
- पुराने होने से हुई टूट-फूट
- युद्ध और परमाणु जोखिम
- बिना सूचना के लंबे समय तक खाली घर से जुड़ी कुछ शर्तें
- नकदी, जब तक अलग से कवर न लिया हो
पॉलिसी के अपवाद ध्यान से पढ़ें।
प्रीमियम कैसे तय होता है
प्रीमियम बीमित राशि, घर की जगह, बनावट और चुने गए अतिरिक्त कवर पर निर्भर करता है। आमतौर पर घर का बीमा स्वास्थ्य या वाहन बीमा की तुलना में कम प्रीमियम पर मिल जाता है। कई कंपनियां एक साल से ज्यादा अवधि की पॉलिसी भी देती हैं।
होम लोन वाला बीमा
होम लोन लेते समय बैंक अक्सर घर का बीमा कराते हैं। देखें कि यह बीमा किस चीज को कवर करता है। कई बार यह केवल लोन की रकम तक सीमित होता है और सामान को कवर नहीं करता।
क्लेम कैसे करें
- घटना की सूचना तुरंत बीमा कंपनी को दें
- आग या चोरी में पुलिस या फायर ब्रिगेड की रिपोर्ट लें
- नुकसान की तस्वीरें और वीडियो लें
- सामान के बिल संभालकर रखें
- सर्वेयर के निरीक्षण तक नुकसान वाली जगह से सामान न हटाएं, जब तक सुरक्षा के लिए जरूरी न हो
शिकायत
बीमा कंपनी से शिकायत का समाधान न मिले, तो IRDAI के बीमा भरोसा पोर्टल पर शिकायत की जा सकती है। बीमा लोकपाल के पास भी जाया जा सकता है।
पॉलिसी कहां से लें?
बीमा कंपनी की वेबसाइट, एजेंट या पंजीकृत बीमा ब्रोकर से पॉलिसी ली जा सकती है। कंपनी IRDAI में पंजीकृत है, यह जरूर जांचें।
स्रोत: भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI), बीमा भरोसा, IRDAI। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





