हर साल खरीफ और रबी सीजन से पहले केंद्र सरकार फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP घोषित करती है। मंडियों में फसल बेचने वाले किसानों के लिए यह सबसे अहम संख्या होती है, क्योंकि सरकारी खरीद इसी दाम पर होती है और खुले बाजार के भाव भी काफी हद तक इससे प्रभावित होते हैं। लेकिन यह दाम तय कैसे होता है, कौन इसकी सिफारिश करता है और किस आधार पर, इस पर अक्सर भ्रम रहता है। इस लेख में आसान भाषा में समझिए।
MSP क्या है
MSP वह न्यूनतम कीमत है जिस पर सरकार किसानों से फसल खरीदने का भरोसा देती है। इसका मकसद यह है कि बंपर पैदावार या बाजार में गिरावट की स्थिति में भी किसान को उसकी उपज का एक न्यूनतम दाम मिले और वह अगली फसल के लिए प्रेरित रहे। MSP की व्यवस्था 1960 के दशक में हरित क्रांति के दौर में शुरू हुई थी।

CACP कौन है
MSP की सिफारिश कृषि लागत और मूल्य आयोग यानी CACP करता है। यह कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय से जुड़ा आयोग है। इसकी स्थापना 1965 में कृषि मूल्य आयोग के नाम से हुई थी और 1985 में इसका नाम बदलकर कृषि लागत और मूल्य आयोग किया गया। आयोग हर साल खरीफ और रबी फसलों के लिए अलग-अलग मूल्य नीति रिपोर्ट तैयार करता है।
किन फसलों का MSP
CACP 22 अनिवार्य फसलों के लिए MSP की सिफारिश करता है और गन्ने के लिए उचित और लाभकारी मूल्य यानी FRP सुझाता है।
- खरीफ की 14 फसलें: धान, ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन, तिल, रामतिल और कपास
- रबी की फसलें: गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों-तोरिया और कुसुम
- अन्य: खोपरा और जूट
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आयोग किन बातों को देखता है
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार MSP की सिफारिश करते समय CACP कई पहलुओं पर विचार करता है:
- उत्पादन की लागत
- देश और विदेश में फसल की मांग और आपूर्ति की स्थिति
- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें
- अलग-अलग फसलों के दामों के बीच संतुलन, ताकि किसान किसी एक फसल की ओर जरूरत से ज्यादा न झुकें
- कृषि और गैर-कृषि क्षेत्र के बीच व्यापार की शर्तें
- पूरी अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं पर MSP के असर
- लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत मार्जिन
आयोग राज्य सरकारों, केंद्रीय मंत्रालयों, किसान संगठनों और विशेषज्ञों से भी सलाह लेता है।
लागत के पैमाने
CACP लागत के अलग-अलग पैमाने इस्तेमाल करता है:
- A2: किसान का नकद खर्च, जैसे बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरी, सिंचाई, मशीन, डीजल-बिजली और पट्टे की जमीन का किराया
- A2+FL: ऊपर का खर्च और परिवार के श्रम का अनुमानित मूल्य
- C2: A2+FL के साथ अपनी जमीन का किराया और पूंजी पर ब्याज जैसी लागतें भी
केंद्रीय बजट 2018-19 में घोषणा की गई थी कि MSP अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत का कम से कम डेढ़ गुना रखा जाएगा। सरकार यह गणना A2+FL लागत के आधार पर करती है। कई किसान संगठन मांग करते रहे हैं कि डेढ़ गुना का फॉर्मूला C2 लागत पर लागू हो।
मंजूरी कैसे मिलती है
CACP की सिफारिशें केंद्र सरकार को भेजी जाती हैं। राज्यों और संबंधित मंत्रालयों की राय लेने के बाद प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति अंतिम फैसला करती है और MSP घोषित होता है। सरकार CACP की सिफारिश मानने के लिए बाध्य नहीं है, लेकिन आम तौर पर सिफारिशों के करीब ही फैसला होता है।
उदाहरण से समझें
खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए PIB की विज्ञप्ति के अनुसार सामान्य धान की अनुमानित लागत ₹1,627 प्रति क्विंटल आंकी गई और MSP ₹2,441 तय हुआ, यानी लागत पर लगभग 50 प्रतिशत मार्जिन। मूंग में यह मार्जिन 61 प्रतिशत रखा गया।
किसान को क्या ध्यान रखना चाहिए
MSP का फायदा लेने के लिए राज्य सरकार की खरीद व्यवस्था में समय पर पंजीकरण जरूरी है। फसल की गुणवत्ता तय मानकों के अनुसार हो, जैसे नमी की सीमा और साफ दाने, वरना खरीद केंद्र पर फसल लौटाई जा सकती है। भुगतान सीधे बैंक खाते में आता है, इसलिए खाता आधार से जुड़ा और सक्रिय रखें। MSP की ताजा घोषणाएं PIB और CACP की वेबसाइट पर देखी जा सकती हैं।
MSP की सीमाएं
MSP कानूनी गारंटी नहीं है, यह सरकार की नीति है। हर फसल की सरकारी खरीद हर राज्य में बड़े पैमाने पर नहीं होती। धान और गेहूं की खरीद पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर होती है, जबकि कई राज्यों में किसानों तक इसका पूरा फायदा नहीं पहुंच पाता। दलहन और तिलहन की खरीद मूल्य समर्थन योजना के तहत तय मात्रा तक होती है। MSP को कानूनी दर्जा देने की मांग भी समय-समय पर उठती रही है।
MSP की सिफारिश कौन करता है
कृषि लागत और मूल्य आयोग यानी CACP सिफारिश करता है और केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति मंजूरी देती है।
कितनी फसलों का MSP घोषित होता है
22 अनिवार्य फसलों का MSP घोषित होता है और गन्ने के लिए FRP तय किया जाता है।
स्रोत: कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP), PIB: MSP पर दस्तावेज, PIB: खरीफ MSP 2026-27





