त्योहार, शादी या अचानक आई जरूरत के लिए बहुत से परिवार घर में रखे सोने के बदले कर्ज लेते हैं, जिसे गोल्ड लोन कहा जाता है। यह जल्दी मिल जाता है और इसमें आय के कागज भी कम लगते हैं। लेकिन इसके नियम और जोखिम समझे बिना लिया गया कर्ज सोना गंवाने की वजह भी बन सकता है। जानिए गोल्ड लोन कैसे लें और किन बातों का ध्यान रखें।
गोल्ड लोन क्या है
गोल्ड लोन में आप अपने सोने के गहने या तय नियमों के अनुसार सोने के सिक्के बैंक या NBFC के पास गिरवी रखते हैं और उसके बदले कर्ज लेते हैं। कर्ज चुकाने पर सोना वापस मिल जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI बैंकों और पंजीकृत NBFC के गोल्ड लोन से जुड़े नियम तय करता है।

LTV यानी लोन-टू-वैल्यू
सोने की कुल कीमत का जितना प्रतिशत कर्ज के रूप में मिलता है, उसे LTV कहते हैं। RBI ने गोल्ड लोन के लिए LTV की अधिकतम सीमा तय की है, जो कर्ज की रकम के हिसाब से अलग हो सकती है। ध्यान रहे कि सोने का मूल्य केवल उसकी शुद्धता और वजन के आधार पर लगाया जाता है। गहनों में लगे पत्थर और मेकिंग चार्ज की कीमत नहीं जोड़ी जाती। मौजूदा LTV सीमा अपने बैंक या RBI की वेबसाइट से जांचें।
ब्याज और शुल्क
- ब्याज दर अलग-अलग बैंकों और NBFC में काफी अलग होती है
- प्रोसेसिंग फीस, मूल्यांकन शुल्क और समय से पहले चुकाने का शुल्क पूछें
- सालाना प्रतिशत दर यानी कुल खर्च देखकर तुलना करें, केवल मासिक ब्याज देखकर नहीं
- लोन की शर्तों वाला दस्तावेज, जिसे की फैक्ट स्टेटमेंट कहा जाता है, जरूर लें
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चुकाने के विकल्प
- EMI: हर महीने मूलधन और ब्याज दोनों चुकाएं
- केवल ब्याज: हर महीने ब्याज भरें और मूलधन अंत में
- बुलेट भुगतान: पूरी रकम और ब्याज एक साथ अवधि के अंत में
बुलेट भुगतान आसान लगता है, लेकिन अंत में बड़ी रकम जुटानी पड़ती है। अपनी आमदनी के हिसाब से विकल्प चुनें।
सोने की कीमत गिरने पर
अगर सोने का भाव काफी गिर जाता है, तो कर्ज देने वाला संस्थान आपसे कुछ रकम चुकाने या और सोना रखने को कह सकता है। ऐसा न करने पर आगे की कार्रवाई हो सकती है।
नीलामी का जोखिम
समय पर कर्ज न चुकाने पर कर्ज देने वाला संस्थान नोटिस देकर गिरवी रखे सोने की नीलामी कर सकता है। नीलामी से जुड़े नियम और नोटिस की प्रक्रिया RBI के नियमों के अनुसार तय होती है। नीलामी के बाद बची हुई रकम कर्जदार को लौटाई जानी चाहिए। नोटिस को नजरअंदाज न करें और दिक्कत हो तो तुरंत संस्थान से बात करें।
सावधानियां
- केवल बैंक या RBI में पंजीकृत NBFC से गोल्ड लोन लें
- गिरवी रखे सोने की रसीद में वजन, शुद्धता और गहनों का विवरण जांचें
- रसीद और कर्ज के कागज संभालकर रखें
- त्योहार के गैर-जरूरी खर्च के लिए गोल्ड लोन लेने से बचें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या गोल्ड लोन से क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है?
हां, समय पर भुगतान से स्कोर अच्छा हो सकता है और देरी या चूक से खराब हो सकता है।
स्रोत: भारतीय रिजर्व बैंक। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





