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1 नवंबर राज्य स्थापना दिवस: कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़ समेत किन राज्यों का है जन्मदिन

1 नवंबर की तारीख भारत के नक्शे में बड़ी अहमियत रखती है। 1956, 1966 और 2000 में इसी दिन कई राज्य बने या नए रूप में आए। जानिए पूरी कहानी।

1 नवंबर राज्य स्थापना दिवस का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • भारत के कैलेंडर में 1 नवंबर एक ऐसी तारीख है, जिस दिन एक साथ कई राज्य अपना स्थापना दिवस मनाते हैं।
  • 1953 में फजल अली की अध्यक्षता में राज्य पुनर्गठन आयोग बना। इसके दो अन्य सदस्य के.एम. पणिक्कर और हृदयनाथ कुंजरू थे।
  • मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के तहत 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से से छत्तीसगढ़ राज्य बना।
  • भाषा के आधार पर राज्यों के गठन को लेकर उस समय भी बहस थी। कुछ नेताओं को डर था कि इससे क्षेत्रीय भावना बढ़ेगी, जबकि समर्थकों का कहना था कि अपनी भाषा में शासन से लोकतंत्र मजबूत होगा।

भारत के कैलेंडर में 1 नवंबर एक ऐसी तारीख है, जिस दिन एक साथ कई राज्य अपना स्थापना दिवस मनाते हैं। कर्नाटक में यह कन्नड़ राज्योत्सव है, केरल में केरल पिरवी, मध्य प्रदेश में मध्य प्रदेश स्थापना दिवस, हरियाणा में हरियाणा दिवस और छत्तीसगढ़ में राज्योत्सव। इसके पीछे आजाद भारत में राज्यों की सीमाओं को नए सिरे से तय करने का लंबा इतिहास है। आइए जानते हैं कि 1 नवंबर को किन राज्यों का जन्म हुआ और ऐसा क्यों हुआ।

आजादी के बाद राज्यों का नक्शा

1947 में आजादी के समय भारत में ब्रिटिश प्रांत और सैकड़ों रियासतें थीं। रियासतों के विलय के बाद संविधान लागू होने पर राज्यों को भाग क, ख, ग और घ जैसी श्रेणियों में बांटा गया। यह व्यवस्था प्रशासनिक रूप से उलझी हुई थी और कई इलाकों में भाषा के आधार पर अलग राज्य की मांग उठ रही थी। तेलुगु भाषी इलाकों के लिए अलग राज्य की मांग पर पोट्टि श्रीरामुलु के अनशन और उनकी मृत्यु के बाद 1953 में आंध्र राज्य बना। इसके बाद केंद्र सरकार ने पूरे देश के लिए एक आयोग बनाया।

मुख्य बातें: 1 नवंबर राज्य स्थापना दिवस का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

राज्य पुनर्गठन आयोग

1953 में फजल अली की अध्यक्षता में राज्य पुनर्गठन आयोग बना। इसके दो अन्य सदस्य के.एम. पणिक्कर और हृदयनाथ कुंजरू थे। आयोग ने 1955 में अपनी रिपोर्ट दी, जिसमें भाषा को एक अहम आधार माना गया, लेकिन राष्ट्रीय एकता और प्रशासनिक सुविधा को भी ध्यान में रखने की बात कही गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर संसद ने राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 पारित किया, जो 1 नवंबर 1956 से लागू हुआ। इसके साथ ही सातवां संविधान संशोधन भी लागू हुआ, जिसने राज्यों की पुरानी श्रेणियां खत्म कर दीं और राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों की नई व्यवस्था बनाई।

1 नवंबर 1956 को बने राज्य

  • कर्नाटक: कन्नड़ भाषी इलाकों को मिलाकर मैसूर राज्य बना। 1973 में इसका नाम बदलकर कर्नाटक रखा गया। राज्य 1 नवंबर को कन्नड़ राज्योत्सव मनाता है
  • केरल: त्रावणकोर-कोचीन और मद्रास राज्य के मालाबार इलाके को मिलाकर केरल बना। इसे केरल पिरवी कहा जाता है
  • मध्य प्रदेश: पुराने मध्य प्रदेश में मध्य भारत, विंध्य प्रदेश और भोपाल राज्य को मिलाकर नया मध्य प्रदेश बना
  • आंध्र प्रदेश: आंध्र राज्य में हैदराबाद राज्य के तेलुगु भाषी इलाकों को मिलाकर आंध्र प्रदेश बना। 2014 में इससे अलग होकर तेलंगाना बना
  • राजस्थान का भी पुनर्गठन हुआ और अजमेर राज्य को इसमें मिलाया गया

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1 नवंबर 1966: हरियाणा और पंजाब

पंजाबी सूबे की मांग पर संसद ने पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 पारित किया। 1 नवंबर 1966 को पंजाब का पुनर्गठन हुआ। हिंदी भाषी इलाकों से हरियाणा राज्य बना और कुछ पहाड़ी इलाके हिमाचल प्रदेश में मिलाए गए। चंडीगढ़ को केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया, जो पंजाब और हरियाणा दोनों की राजधानी है। इसी कारण हरियाणा 1 नवंबर को हरियाणा दिवस मनाता है और पंजाब में भी यह दिन पंजाब दिवस के रूप में याद किया जाता है।

1 नवंबर 2000: छत्तीसगढ़

मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के तहत 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से से छत्तीसगढ़ राज्य बना। रायपुर इसकी राजधानी है। उसी साल नवंबर में उत्तराखंड (9 नवंबर) और झारखंड (15 नवंबर) भी बने, यानी नवंबर 2000 में देश को तीन नए राज्य मिले।

दूसरी अहम तारीखें

  • पुडुचेरी: फ्रांसीसी बस्तियों का वास्तविक हस्तांतरण 1 नवंबर 1954 को हुआ, जिसे वहां मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है
  • लक्षद्वीप: 1 नवंबर 1956 को लक्कादीव, मिनिकॉय और अमीनदीवी द्वीपों को मिलाकर केंद्रशासित प्रदेश बना, जिसका नाम 1973 में लक्षद्वीप हुआ
  • अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह भी 1956 के पुनर्गठन में केंद्रशासित प्रदेश बने

स्थापना दिवस कैसे मनाते हैं

कर्नाटक में इस दिन लाल-पीले झंडे फहराए जाते हैं और राज्य सरकार राज्योत्सव पुरस्कार देती है। केरल में स्कूलों और दफ्तरों में मलयालम भाषा और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम होते हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में राज्योत्सव के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम और सरकारी आयोजन होते हैं। कई राज्यों में इस दिन सार्वजनिक अवकाश भी रहता है, जिसकी जानकारी राज्य की अवकाश सूची से लें।

भाषाई राज्यों पर बहस

भाषा के आधार पर राज्यों के गठन को लेकर उस समय भी बहस थी। कुछ नेताओं को डर था कि इससे क्षेत्रीय भावना बढ़ेगी, जबकि समर्थकों का कहना था कि अपनी भाषा में शासन से लोकतंत्र मजबूत होगा। आज के अनुभव में भाषाई राज्यों ने स्थानीय भाषा, साहित्य और प्रशासन को मजबूत किया है, हालांकि सीमा और जल बंटवारे से जुड़े कुछ विवाद अब भी बने हुए हैं। राज्यों की सीमा या नाम बदलने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत संसद के पास है।

1 नवंबर को कौन सा अधिनियम लागू हुआ था

1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 और सातवां संविधान संशोधन लागू हुआ।

मैसूर राज्य का नाम कर्नाटक कब हुआ

मैसूर राज्य का नाम 1 नवंबर 1973 को बदलकर कर्नाटक किया गया।

स्रोत: भारत का राष्ट्रीय पोर्टल: राज्य और केंद्रशासित प्रदेश, विधायी विभाग: राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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