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BREAKING: दिल्ली की हवा 8 साल में सबसे साफ, AQI आंकड़ों ने सबको चौंकाया

दिल्ली में अक्टूबर 2026 का औसत AQI 166 रहा, जो आठ साल में अक्टूबर का सबसे कम स्तर है।

BREAKING: दिल्ली की हवा 8 साल में सबसे साफ, AQI आंकड़ों ने सबको चौंकाया
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • दिल्ली में अक्टूबर 2026 के दौरान वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
  • पर्यावरण मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 166 दर्ज किया गया है।
  • इस वर्ष जनवरी से अक्टूबर के बीच कुल 220 दिन ऐसे रहे, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के स्तर से नीचे दर्ज किया गया।
  • जिन दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के अंक से ऊपर रहता है, उन्हें खराब से गंभीर प्लस श्रेणी में गिना जाता है।

दिल्ली में अक्टूबर 2026 के दौरान वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। पर्यावरण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस महीने का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 166 रहा, जो पिछले आठ वर्षों में अक्टूबर माह का सबसे न्यूनतम स्तर है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 223 दर्ज किया गया था, जो इस बार की तुलना में काफी अधिक था।

वायु गुणवत्ता के आंकड़े
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

अक्टूबर महीने के वायु गुणवत्ता आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण

पर्यावरण मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 166 दर्ज किया गया है। यदि हम पिछले आठ वर्षों के ऐतिहासिक आंकड़ों का अवलोकन करें, तो यह सुधार काफी महत्वपूर्ण प्रतीत होता है। वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 234 था, जबकि 2023 में 219 और 2022 में 210 दर्ज किया गया था। इसी प्रकार, वर्ष 2021 में यह 173, 2019 में 234, 2018 में 269 और 2020 में 265 रहा था। इन सभी वर्षों के आंकड़ों की तुलना में, वर्तमान वर्ष का अक्टूबर महीना अब तक का सबसे स्वच्छ अक्टूबर साबित हुआ है। यह सांख्यिकीय गिरावट वायु गुणवत्ता में आए सकारात्मक बदलावों को रेखांकित करती है।

जनवरी से अक्टूबर तक की समग्र स्थिति

वर्ष 2026 की शुरुआत यानी 1 जनवरी से 31 अक्टूबर तक की अवधि का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 167 दर्ज किया गया है। पिछले वर्ष 2025 की इसी समान अवधि में यह औसत 170 था। यदि हम पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो 2024 में यह 184, 2023 में 172, 2022 में 187, 2021 में 179, 2019 में 192 और 2018 में 201 औसत AQI दर्ज किया गया था। केवल वर्ष 2020 में यह आंकड़ा 156 था, जो इस वर्ष की तुलना में बेहतर स्थिति को दर्शाता है। यह डेटा जनवरी से अक्टूबर तक की लंबी अवधि में वायु गुणवत्ता के उतार-चढ़ाव को समझने में मदद करता है।

स्वच्छ हवा वाले दिनों की संख्या में हुई वृद्धि

इस वर्ष जनवरी से अक्टूबर के बीच कुल 220 दिन ऐसे रहे, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के स्तर से नीचे दर्ज किया गया। इन दिनों को तकनीकी रूप से अच्छा से मध्यम श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत किया जाता है। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर है, क्योंकि वर्ष 2025 में ऐसे 200 दिन, 2024 में 201 दिन और 2023 में 206 दिन दर्ज किए गए थे। केवल वर्ष 2020 में ऐसे दिनों की संख्या 224 थी, जो इस वर्ष के आंकड़ों के काफी करीब है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मध्यम वायु गुणवत्ता वाले दिनों की संख्या में निरंतर सुधार हो रहा है।

प्रदूषण युक्त दिनों में आई कमी का आकलन

जिन दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के अंक से ऊपर रहता है, उन्हें खराब से गंभीर प्लस श्रेणी में गिना जाता है। वर्ष 2026 में ऐसे दिनों की कुल संख्या 84 रही है। पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 और 2024 में ऐसे 104 दिन थे, जबकि वर्ष 2023 में 98 दिन खराब श्रेणी में दर्ज किए गए थे। प्रदूषित दिनों की संख्या में यह कमी वायु गुणवत्ता प्रबंधन के प्रयासों का परिणाम मानी जा सकती है।

PM2.5 और PM10 के स्तर में परिवर्तन

वायु गुणवत्ता में सुधार के साथ PM2.5 के स्तर में भी कमी देखी गई है। 1 जनवरी से 29 अक्टूबर तक PM2.5 का औसत 69 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 72 था। हालांकि, PM10 के स्तर में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस वर्ष 171 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 166 था। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। आयोग का कहना है कि भविष्य में इन प्रयासों को और अधिक गति दी जाएगी ताकि हवा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके। वायु गुणवत्ता सूचकांक हवा की गुणवत्ता मापने का एक पैमाना है, जिसका स्तर जितना कम होता है, हवा उतनी ही स्वच्छ मानी जाती है।

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स्रोत: Aaj Tak

लेखक

Sanjna Gupta

संजना गुप्ता डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी कंटेंट राइटर हैं और मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। इससे पहले वे बीबी डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड में सोशल मीडिया कंटेंट राइटर रह चुकी हैं और दैनिक भास्कर में इंटर्नशिप कर चुकी हैं।

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