उत्तर प्रदेश की मंडियों के आज के भाव commodityonline.com के मंडी भाव से लिए गए हैं। इस तारीख पर 48 मंडियों से 17 फसलों के 110 भाव दर्ज हुए। गेहूं का औसत (मध्य) भाव ₹2,505 प्रति क्विंटल, धान (सामान्य) का औसत (मध्य) भाव ₹2,800 प्रति क्विंटल, आलू का औसत (मध्य) भाव ₹715 प्रति क्विंटल।
सभी भाव रुपये प्रति क्विंटल में हैं। मध्य भाव (मोडल प्राइस) वह दर है जिस पर उस दिन मंडी में सबसे ज्यादा सौदे हुए।

यूपी में फसलवार भाव (1 नवंबर 2026)
| फसल | मंडियां | मध्य भाव | सबसे कम (मंडी) | सबसे ज्यादा (मंडी) |
|---|---|---|---|---|
| गेहूं | 15 | ₹2,505 | ₹2,400 (लेडियारी) | ₹3,000 (भेजोई) |
| धान (सामान्य) | 15 | ₹2,800 | ₹1,790 (विश्वन) | ₹4,000 (भरथना) |
| सरसों | 15 | ₹8,000 | ₹5,800 (खलीलाबाद) | ₹10,994.21 (गाज़ियाबाद) |
| आलू | 15 | ₹715 | ₹400 (समसाबाद) | ₹1,500 (खलीलाबाद) |
| प्याज | 15 | ₹3,050 | ₹2,000 (झांसी) | ₹4,500 (खंडला) |
| टमाटर | 15 | ₹1,970 | ₹1,200 (खलीलाबाद) | ₹3,100 (दूधी) |
| बैंगन | 2 | ₹2,000 | ₹600 (शादाबाद) | ₹2,200 (खेकदा) |
| भिंडी | 2 | ₹2,210 | ₹1,920 (मैगलगंज) | ₹2,260 (जसवंतनगर) |
| कद्दू | 1 | ₹650 | ₹600 (शादाबाद) | ₹700 (शादाबाद) |
| मूली | 3 | ₹1,050 | ₹1,000 (कैराना) | ₹1,200 (गुलावती) |
| लोकी | 5 | ₹1,150 | ₹600 (शादाबाद) | ₹1,500 (दूधी) |
| खीरा | 2 | ₹1,500 | ₹120 (खंडला) | ₹1,600 (गुलावती) |
| पत्ता गोभी | 1 | ₹1,715 | ₹1,665 (जसवंतनगर) | ₹1,765 (जसवंतनगर) |
| करेला | 1 | ₹1,485 | ₹1,450 (हसनपुर) | ₹1,520 (हसनपुर) |
| घेवड़ा | 1 | ₹540 | ₹500 (खंडला) | ₹580 (खंडला) |
| गोभी | 1 | ₹1,215 | ₹1,200 (मैगलगंज) | ₹1,230 (मैगलगंज) |
| केला – हरा | 1 | ₹1,515 | ₹1,500 (मैगलगंज) | ₹1,530 (मैगलगंज) |
उत्तर प्रदेश की मंडियों में फसलों का तुलनात्मक विश्लेषण
उत्तर प्रदेश की विभिन्न मंडियों में फसलों के दामों में काफी विविधता देखी जा रही है। अगर हम अनाज की बात करें तो गेहूं का भाव भेजोई मंडी में सबसे अधिक 3,000 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि लेडियारी मंडी में यही गेहूं 2,400 रुपये के भाव पर दर्ज किया गया। धान के मामले में भी मंडियों के बीच बड़ा अंतर नजर आता है। भरथना मंडी में धान का अधिकतम भाव 4,000 रुपये तक गया है, जो कि विश्वन मंडी के न्यूनतम भाव 1,790 रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है। यह अंतर फसल की किस्म और मंडी की मांग पर निर्भर करता है। तिलहन फसलों में सरसों का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है। गाज़ियाबाद मंडी में सरसों का भाव 10,994.21 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि खलीलाबाद में सरसों का न्यूनतम भाव 5,800 रुपये रहा।
सब्जियों के बाजार में भी उतार चढ़ाव का माहौल बना हुआ है। प्याज का अधिकतम भाव खंडला मंडी में 4,500 रुपये दर्ज किया गया, जबकि झांसी में यह 2,000 रुपये के न्यूनतम स्तर पर रहा। टमाटर की बात करें तो दूधी मंडी में किसानों को 3,100 रुपये का अधिकतम भाव मिला, जबकि खलीलाबाद में यही टमाटर 1,200 रुपये के भाव पर बिका। खीरे के भाव में सबसे ज्यादा विसंगति देखी गई, जहां खंडला मंडी में न्यूनतम भाव मात्र 120 रुपये रहा, वहीं गुलावती मंडी में यह 1,600 रुपये तक बिका। आलू के बाजार में खलीलाबाद मंडी 1,500 रुपये के साथ शीर्ष पर रही, जबकि समसाबाद में न्यूनतम भाव 400 रुपये तक नीचे चला गया। ये आंकड़े बताते हैं कि एक ही दिन में अलग-अलग जिलों की मंडियों में कीमतों का भारी अंतर हो सकता है।
न्यूनतम, अधिकतम और मोडल भाव का सही अर्थ
मंडी में व्यापार के दौरान तीन तरह के भाव मुख्य रूप से सामने आते हैं जिन्हें समझना किसानों के लिए बहुत जरूरी है। सबसे पहले आता है न्यूनतम भाव, यह वह सबसे कम कीमत होती है जिस पर उस दिन मंडी में किसी फसल की सबसे साधारण या कम गुणवत्ता वाली खेप की बिक्री हुई। जैसे शादाबाद मंडी में बैंगन और कद्दू का न्यूनतम भाव 600 रुपये रहा। इसके बाद आता है अधिकतम भाव, जो उस दिन की सबसे ऊंची बोली होती है और यह आमतौर पर सबसे अच्छी गुणवत्ता वाली फसल को मिलती है। उदाहरण के लिए जसवंतनगर में भिंडी का अधिकतम भाव 2,260 रुपये दर्ज किया गया।
इन दोनों के बीच सबसे महत्वपूर्ण होता है मोडल भाव या मध्य भाव। मोडल भाव वह दर होती है जिस पर उस दिन मंडी में फसल की सबसे ज्यादा मात्रा का सौदा हुआ। इसे ही मंडी का औसत रुझान माना जाता है। यदि गेहूं का मध्य भाव 2,505 रुपये है, तो इसका मतलब है कि ज्यादातर किसानों को अपनी फसल के लिए इसी के आसपास दाम मिले हैं। किसानों को अपनी आय का अनुमान हमेशा मोडल भाव के आधार पर ही लगाना चाहिए, क्योंकि अधिकतम भाव केवल कुछ ही उच्च श्रेणी की फसलों को मिल पाता है।
Agmarknet और e-NAM पर भाव देखने का तरीका
आज के डिजिटल युग में किसान भाई घर बैठे ही अपनी फसल का सही दाम जान सकते हैं। भारत सरकार का एगमार्कनेट पोर्टल एक ऐसा माध्यम है जहां देश भर की हजारों मंडियों के दैनिक भाव उपलब्ध रहते हैं। इसके अलावा ई-नाम पोर्टल के जरिए किसान न केवल भाव देख सकते हैं, बल्कि अपनी उपज को ऑनलाइन बेच भी सकते हैं। इन पोर्टल्स पर जाने के बाद आपको अपने राज्य, जिले और मंडी का चुनाव करना होता है। इसके बाद उस दिन के न्यूनतम, अधिकतम और मोडल भाव की पूरी सूची आपके सामने आ जाती है। इससे किसानों को यह तय करने में मदद मिलती है कि उन्हें अपनी फसल किस मंडी में लेकर जानी चाहिए ताकि उन्हें बेहतर मुनाफा मिल सके।
फसल बेचने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें
मंडी में अपनी उपज ले जाने से पहले कुछ सावधानियां बरतकर किसान बेहतर दाम पा सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण कारक फसल की गुणवत्ता और उसमें मौजूद नमी की मात्रा होती है। अगर अनाज या तिलहन में नमी अधिक होगी, तो व्यापारी कम दाम लगाएंगे। इसलिए फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी ले जाना चाहिए। इसके साथ ही ग्रेडिंग का भी बड़ा महत्व है। यदि किसान अपनी फसल को अच्छी, मध्यम और सामान्य श्रेणियों में बांटकर अलग-अलग ढेर लगाते हैं, तो अच्छी गुणवत्ता वाली फसल को ऊंचे दाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
सब्जियों के मामले में ताजगी और पैकिंग बहुत मायने रखती है। जैसे मैगलगंज मंडी में केले का भाव 1,530 रुपये तक रहा, जो इसकी अच्छी गुणवत्ता को दर्शाता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मंडी जाने से पहले वहां के प्रचलित भावों की जानकारी जरूर लें और संभव हो तो अपनी उपज को साफ-सुथरा करके ले जाएं। मिट्टी या कचरा मिली हुई फसल का भाव हमेशा कम मिलता है। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर किसान अपनी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।
मंडी भाव रोज़ बदलते हैं और गुणवत्ता के हिसाब से अलग होते हैं। फसल बेचने से पहले अपनी मंडी में भाव की पुष्टि ज़रूर करें। देश भर की मंडियों के भाव हमारे मंडी भाव पेज पर देखें।
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स्रोत: commodityonline.com मंडी भाव





