पनीर भारतीय रसोई की सबसे पसंदीदा चीजों में से एक है। मटर पनीर, पालक पनीर, पनीर पराठा और पनीर टिक्का जैसी कई डिश इसके बिना अधूरी हैं। बाजार में मिलने वाले पनीर की गुणवत्ता को लेकर कई बार सवाल उठते हैं, ऐसे में घर पर पनीर बनाना अच्छा विकल्प है। इसमें ज्यादा मेहनत नहीं लगती और ताजा पनीर का स्वाद भी बेहतर होता है। आइए जानते हैं घर पर पनीर बनाने का आसान तरीका।
किस दूध से बनाएं
पनीर के लिए फुल क्रीम दूध सबसे अच्छा माना जाता है। भैंस के दूध से पनीर ज्यादा मात्रा में और नरम बनता है, जबकि गाय के दूध से थोड़ा कम पनीर निकलता है। NIFTEM की सामग्री के अनुसार भैंस के दूध से लगभग 21 से 23 प्रतिशत और गाय के दूध से लगभग 17 से 18 प्रतिशत पनीर मिलता है, यानी एक लीटर भैंस के दूध से मोटे तौर पर 200 ग्राम से कुछ ज्यादा पनीर बन सकता है। घर पर यह मात्रा दूध की गुणवत्ता के हिसाब से कम-ज्यादा हो सकती है। टोंड या स्किम्ड दूध से पनीर कम और सख्त बनता है।

दूध फाड़ने के लिए क्या इस्तेमाल करें
- नींबू का रस: घरों में सबसे आम तरीका।
- सिरका: थोड़ा पानी मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है।
- साइट्रिक एसिड: डेयरी उद्योग में आमतौर पर इसका घोल इस्तेमाल होता है।
- खट्टा दही या पिछली बार का पनीर का पानी: कुछ घरों में यह तरीका भी अपनाया जाता है।
स्टेप बाय स्टेप तरीका
- भारी तले के बर्तन में दूध डालकर उबालें और बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि नीचे न लगे।
- उबाल आने पर आंच बंद कर दें और दूध को एक-दो मिनट थोड़ा ठंडा होने दें।
- नींबू के रस या सिरके को थोड़े पानी में मिलाकर घोल बना लें।
- यह घोल थोड़ा-थोड़ा करके दूध में डालें और धीरे-धीरे चलाते रहें।
- जैसे ही दूध फटकर हरा-पीला साफ पानी अलग होने लगे, घोल डालना बंद कर दें।
- कुछ मिनट ऐसे ही रहने दें, ताकि छेना अच्छी तरह बैठ जाए।
- एक बर्तन के ऊपर छलनी रखें और उस पर मलमल या साफ सूती कपड़ा बिछाकर छेना छान लें।
- नींबू का खट्टापन हटाने के लिए छेने पर ठंडा पानी डालकर एक बार धो सकते हैं।
- कपड़े को बांधकर अतिरिक्त पानी निचोड़ें।
- कपड़े में लिपटे छेने को चौकोर आकार दें और उस पर भारी चीज रखकर लगभग एक घंटे दबाएं।
- इसके बाद पनीर को टुकड़ों में काटकर इस्तेमाल करें या फ्रिज में रखें।
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डेयरी में कैसे बनता है पनीर
NIFTEM और INFLIBNET की तकनीकी सामग्री के अनुसार उद्योग में दूध को लगभग 90 डिग्री सेल्सियस तक गर्म किया जाता है, फिर करीब 70 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा करके एक प्रतिशत साइट्रिक एसिड का गर्म घोल चलाते हुए मिलाया जाता है, जब तक साफ पानी अलग न हो जाए। इसके बाद छेने को कपड़े में रखकर दबाया जाता है और फिर ठंडे तापमान पर रखा जाता है। घर पर उबाल के बाद एक-दो मिनट रुककर अम्ल मिलाने का तरीका इसी सिद्धांत से मिलता-जुलता है।
नरम पनीर के टिप्स
- दूध बहुत ठंडा होने के बाद न फाड़ें, इससे पनीर कम और चूरेदार बन सकता है।
- अम्ल एक साथ ज्यादा न डालें, जरूरत भर ही डालें। ज्यादा अम्ल से पनीर सख्त और खट्टा हो सकता है।
- बहुत देर तक या बहुत ज्यादा वजन से न दबाएं, नहीं तो पनीर सख्त हो जाता है।
- दबाने के बाद पनीर को कुछ देर ठंडे पानी में रखने से वह कसा हुआ और नरम रहता है।
बचे हुए पानी का इस्तेमाल
पनीर बनाने के बाद बचा हरा-पीला पानी यानी व्हे फेंकने के बजाय कई तरह से काम आता है। इसे आटा गूंथने, दाल या सब्जी की ग्रेवी में या सूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। कई लोग इसी पानी को अगली बार दूध फाड़ने के लिए भी रख लेते हैं।
पनीर कैसे स्टोर करें
घर का पनीर ताजा ही सबसे अच्छा लगता है। इसे एयरटाइट डिब्बे में या पानी में डुबोकर फ्रिज में रखें और एक-दो दिन में इस्तेमाल कर लें। पानी में रखने पर पानी रोज बदलें। अगर पनीर में खट्टी गंध या चिपचिपापन आ जाए, तो उसका इस्तेमाल न करें।
पनीर और छेना में फर्क
घर पर बना बिना दबाया हुआ नरम छेना रसगुल्ला और संदेश जैसी बंगाली मिठाइयों में इस्तेमाल होता है, जबकि दबाकर ठोस किया गया पनीर सब्जियों और स्नैक्स में। यानी बनाने का तरीका लगभग एक है, बस दबाने और पानी निकालने में अंतर है।
एक लीटर दूध से कितना पनीर बनता है
दूध के प्रकार और गुणवत्ता के अनुसार, भैंस के दूध से लगभग 200 ग्राम से कुछ ज्यादा और गाय के दूध से कुछ कम।
पनीर सख्त क्यों बनता है
ज्यादा अम्ल, ठंडे दूध को फाड़ने या बहुत ज्यादा दबाने से पनीर सख्त हो सकता है।
स्रोत: NIFTEM (PMFME): Paneer Production, INFLIBNET e-PG Pathshala: Technology of Paneer





