प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली 2026 के पावन अवसर पर समस्त देशवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। एक विशेष वीडियो संदेश के माध्यम से उन्होंने इस पर्व को अंधकार पर प्रकाश की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री ने यह भी साझा किया कि वह अपनी वर्षों पुरानी परंपरा को निभाते हुए इस साल भी देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों के साथ दिवाली का त्योहार मनाएंगे। उन्होंने सभी नागरिकों के लिए सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए अपने संदेश में त्योहार की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गहराई पर जोर दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने इस पर्व के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने दीपावली को अंधकार पर प्रकाश की विजय का एक महान प्रतीक बताया। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि दीपावली का यह पर्व पूरे देश को रोशनी से सराबोर कर रहा है, जो अंधकार के खिलाफ हमारे सामूहिक संकल्प को प्रदर्शित करता है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत नमस्ते शब्द के साथ की और सभी नागरिकों के लिए आने वाले समय के सुखद होने की आशा व्यक्त की।
वीर जवानों के साथ उत्सव की अटूट परंपरा
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर अपनी उस पुरानी परंपरा का भी उल्लेख किया, जिसके तहत वह हर साल देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों के साथ दीपावली मनाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष भी वह इस परंपरा को जारी रखेंगे और सैनिकों के बीच जाकर त्योहार की खुशियां साझा करेंगे। प्रधानमंत्री ने बताया कि सैनिकों के साथ समय बिताना और उनके साथ उत्सव मनाना उनके लिए अत्यंत उत्साह और उमंग का विषय है। हालांकि, सुरक्षा और अन्य कारणों से उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया कि वह इस बार किस सैन्य स्टेशन या सीमा चौकी पर जवानों के साथ मौजूद रहेंगे। यह परंपरा उनके कार्यकाल का एक अभिन्न हिस्सा रही है, जो देश के रक्षकों के प्रति उनके सम्मान को दर्शाती है।
उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष आरती
दीपावली की पूर्व संध्या पर, यानी शनिवार, 7 नवंबर 2026 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष आरती में भाग लिया। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान उनके साथ उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम ने उत्सव की औपचारिक शुरुआत की और देश के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति में पारंपरिक रीति-रिवाजों को संपन्न किया गया। उपराष्ट्रपति भवन में हुई इस आरती के माध्यम से प्रधानमंत्री ने सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। इस अवसर की तस्वीरों में प्रधानमंत्री को उपराष्ट्रपति की मौजूदगी में भक्ति भाव से अनुष्ठान करते हुए देखा गया।
जन संपर्क पोर्टल के माध्यम से राष्ट्र को संदेश
वीडियो संदेश के अलावा, प्रधानमंत्री ने सरकार के जन संपर्क पोर्टल पर भी एक विस्तृत संदेश साझा किया। इस संदेश में उन्होंने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीपावली का त्योहार प्रकाश की अंधकार पर, अच्छाई की बुराई पर और आशा की निराशा पर शाश्वत जीत का उत्सव है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह त्योहारी सीजन सभी को दया भाव फैलाने, सकारात्मकता अपनाने और एक उज्जवल भविष्य की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को भी दोहराया। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे नई ऊर्जा और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें ताकि देश को समृद्धि और विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।
त्योहार का गहरा सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
प्रधानमंत्री के संदेशों में इस बात पर जोर दिया गया कि दीपावली केवल दीप जलाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह भारत की समृद्ध परंपराओं को संजोने और आपसी भाईचारे के बंधनों को मजबूत करने का समय है। उन्होंने कामना की कि दीपावली हर घर को खुशियों, सद्भाव और समृद्धि से रोशन करे। सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिक विकास के विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्रधानमंत्री ने देश भर में एकता की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया। उन्होंने अपने संदेशों का समापन सभी को दीपावली की पुनः बधाई देते हुए किया और यह आशा व्यक्त की कि यह पर्व हर परिवार के जीवन में नई उमंग और सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा।
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स्रोत: Prabhat Khabar, The Hindu





