ताज़ा खबर
जल जीवन मिशन: हर ग्रामीण घर तक नल से पानी का लक्ष्य, दिसंबर 2028 तक विस्तार और अब तक की प्रगति BREAKING: राजनाथ सिंह ने की घोषणा, दो साल के विस्तार के बाद सभी अग्निवीर होंगे नियमित PM Kisan Maandhan Yojana: Rs 3,000 Monthly Pension for Small Farmers, Eligibility and How to Join BREAKING: भारत ने दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड को डकवर्थ लुईस नियम से चार रनों से हराया रेल मदद पर शिकायत कैसे करें: ट्रेन में गंदगी, खाना, सुरक्षा या मेडिकल मदद के लिए 139, ऐप और पोर्टल सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस क्या है: कम प्रीमियम में बड़ा कवर, टॉप-अप से अंतर और डिडक्टिबल का गणित BREAKING: अयोध्या में भव्य दीपोत्सव की तैयारी सरयू के छप्पन घाटों पर जलेंगे तीस लाख दीये जौ की खेती और दाम: रबी 2027-28 के लिए जौ MSP 2286 रुपये, माल्ट जौ की मांग और बुआई का सही समय
ट्रेंडिंग
सरकारी योजना

जल जीवन मिशन: हर ग्रामीण घर तक नल से पानी का लक्ष्य, दिसंबर 2028 तक विस्तार और अब तक की प्रगति

जल जीवन मिशन का लक्ष्य हर ग्रामीण घर तक नल से साफ पीने का पानी पहुंचाना है। जानिए योजना कैसे काम करती है और आप शिकायत कहां करें।

गांव के घर के आंगन में लगे नल से पानी भरती महिला का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • गांवों में पीने का पानी लाने की जिम्मेदारी अक्सर महिलाओं और बच्चियों पर होती थी, जिन्हें कई बार दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता था।
  • PIB की जानकारी के अनुसार मिशन की शुरुआत के समय सिर्फ 3.23 करोड़ ग्रामीण घरों यानी लगभग 16.71 प्रतिशत घरों में नल का कनेक्शन था।
  • पानी सिर्फ पहुंचे नहीं, साफ भी हो, यह योजना का अहम हिस्सा है।
  • पीने का पानी घर के पास मिलने से महिलाओं और बच्चियों का पानी ढोने में लगने वाला समय बचता है, जिसे वे पढ़ाई, काम या दूसरे कामों में लगा सकती हैं।

गांवों में पीने का पानी लाने की जिम्मेदारी अक्सर महिलाओं और बच्चियों पर होती थी, जिन्हें कई बार दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता था। इस तस्वीर को बदलने के लिए केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन शुरू किया, जिसका लक्ष्य हर ग्रामीण घर तक नल से साफ पीने का पानी पहुंचाना है। इसे हर घर जल अभियान के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानते हैं यह योजना कैसे काम करती है और अब तक कितनी प्रगति हुई।

योजना की शुरुआत

PIB के अनुसार जल जीवन मिशन 15 अगस्त 2019 को शुरू किया गया। इसका लक्ष्य है कि हर ग्रामीण परिवार को घर में काम करने वाला नल कनेक्शन मिले, जिससे प्रति व्यक्ति प्रति दिन 55 लीटर पीने योग्य पानी नियमित रूप से मिल सके। योजना का संचालन जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल और स्वच्छता विभाग के तहत होता है।

मुख्य बातें: गांव के घर के आंगन में लगे नल से पानी भरती महिला का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

कितनी प्रगति हुई

PIB की जानकारी के अनुसार मिशन की शुरुआत के समय सिर्फ 3.23 करोड़ ग्रामीण घरों यानी लगभग 16.71 प्रतिशत घरों में नल का कनेक्शन था। जुलाई 2026 तक यह संख्या लगभग 15.89 करोड़ घर यानी करीब 82 प्रतिशत तक पहुंच गई। ताजा आंकड़े जल जीवन मिशन के डैशबोर्ड पर देखे जा सकते हैं।

दिसंबर 2028 तक विस्तार

प्रधानमंत्री कार्यालय की जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन की अवधि दिसंबर 2028 तक बढ़ाने को मंजूरी दी है। इसके साथ JJM 2.0 के तहत जोर सिर्फ ढांचा बनाने से हटकर टिकाऊ और भरोसेमंद जल आपूर्ति सेवा पर है। यानी अब ध्यान इस पर भी है कि नल लगने के बाद उनमें नियमित रूप से पर्याप्त और साफ पानी आता रहे।

यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में आवेदन कैसे करें: 436 रुपये सालाना में 2 लाख का जीवन बीमा, पात्रता और क्लेम | UP Women Schemes: यूपी की महिलाओं के लिए 4 बड़ी योजनाएं, जानें लाभ और पात्रता

योजना कैसे काम करती है

  • गांव की जरूरत के अनुसार ग्राम कार्य योजना बनाई जाती है।
  • पाइपलाइन, टंकी और जल स्रोत से जुड़ा ढांचा तैयार किया जाता है।
  • हर घर तक नल कनेक्शन दिया जाता है।
  • गांव में पानी की गुणवत्ता की जांच की व्यवस्था की जाती है।
  • संचालन और रखरखाव में ग्राम पंचायत और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है।

ग्राम जल समिति की भूमिका

योजना में गांव के लोगों की भागीदारी पर खास जोर है। ग्राम पंचायत के तहत ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति या पानी समिति बनाई जाती है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी जरूरी मानी गई है। यह समिति गांव में पानी की योजना बनाने, निगरानी करने और रखरखाव में अहम भूमिका निभाती है। कई जगह गांव की महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट से पानी की जांच का प्रशिक्षण भी दिया गया है।

पानी की गुणवत्ता

पानी सिर्फ पहुंचे नहीं, साफ भी हो, यह योजना का अहम हिस्सा है। देशभर में जल परीक्षण प्रयोगशालाओं का नेटवर्क बनाया गया है और गांवों में फील्ड टेस्ट किट से भी जांच होती है। आर्सेनिक, फ्लोराइड या दूसरी अशुद्धियों वाले इलाकों में साफ पानी पहुंचाने को प्राथमिकता दी गई है।

नल न लगा हो या पानी न आए तो क्या करें

अगर आपके गांव में नल कनेक्शन नहीं मिला है या नल लगने के बावजूद पानी नियमित नहीं आता, तो सबसे पहले ग्राम पंचायत और पानी समिति को बताएं। इसके बाद ब्लॉक या जिला स्तर पर पेयजल विभाग से संपर्क करें। केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। कई राज्यों के अपने हेल्पलाइन नंबर भी हैं।

योजना का असर

पीने का पानी घर के पास मिलने से महिलाओं और बच्चियों का पानी ढोने में लगने वाला समय बचता है, जिसे वे पढ़ाई, काम या दूसरे कामों में लगा सकती हैं। साफ पानी से पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा भी कम होता है। हालांकि कई जगह जल स्रोतों की स्थिरता, बिजली और रखरखाव जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं, जिन पर JJM 2.0 में ध्यान देने की बात कही गई है।

पानी बचाना भी जरूरी

नल से पानी मिलने के साथ पानी की बर्बादी रोकना भी जरूरी है। नल खुला न छोड़ें, लीकेज की तुरंत शिकायत करें और गांव के जल स्रोतों जैसे कुएं, तालाब और हैंडपंप के आसपास सफाई रखें। बारिश के पानी को जमा करने के उपाय भूजल स्तर बनाए रखने में मदद करते हैं।

अपने गांव की स्थिति कैसे देखें

जल जीवन मिशन का ऑनलाइन डैशबोर्ड ejalshakti.gov.in पर उपलब्ध है। यहां राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव के स्तर पर नल कनेक्शन की स्थिति देखी जा सकती है। कई गांवों को हर घर जल प्रमाणित घोषित किया गया है, जिसका मतलब है कि ग्राम सभा ने प्रस्ताव पारित करके पुष्टि की है कि गांव के सभी घरों में नल से पानी मिल रहा है।

जल जीवन मिशन कब शुरू हुआ

15 अगस्त 2019 को।

जल जीवन मिशन में प्रति व्यक्ति कितना पानी देने का लक्ष्य है

प्रति व्यक्ति प्रति दिन 55 लीटर।

स्रोत: PIB: Jal Jeevan Mission, PM India: Cabinet approves extension of JJM up to December 2028, PIB: JJM progress (2026)

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X