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अटल टिंकरिंग लैब क्या है: स्कूलों में 3D प्रिंटिंग, रोबोटिक्स और IoT सिखाने वाली NITI आयोग की योजना

स्कूल में ही 3D प्रिंटर और रोबोटिक्स सीखने का मौका देती है अटल टिंकरिंग लैब। जानिए यह योजना क्या है।

स्कूल लैब में रोबोट बनाते छात्रों का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • आज के समय में बच्चों को सिर्फ किताबें रटाने के बजाय सोचने, बनाने और प्रयोग करने का मौका देना जरूरी माना जाता है।
  • विकिपीडिया के अनुसार अटल टिंकरिंग लैब में ये कौशल सिखाने पर जोर होता है:
  • विकिपीडिया के अनुसार अटल इनक्यूबेशन सेंटर स्टार्टअप को ये सुविधाएं देते हैं:
  • टिंकरिंग का मतलब है चीजों को खोलकर, जोड़कर और उनसे प्रयोग करके यह समझना कि वे कैसे काम करती हैं।

आज के समय में बच्चों को सिर्फ किताबें रटाने के बजाय सोचने, बनाने और प्रयोग करने का मौका देना जरूरी माना जाता है। इसी सोच के साथ केंद्र सरकार ने अटल इनोवेशन मिशन शुरू किया, जिसके तहत स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब बनाई जाती हैं। इस लेख में जानिए अटल टिंकरिंग लैब क्या है, इसमें क्या सिखाया जाता है और अटल इनोवेशन मिशन के दूसरे कार्यक्रम क्या हैं।

अटल इनोवेशन मिशन क्या है

विकिपीडिया पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार अटल इनोवेशन मिशन यानी AIM भारत सरकार की पहल है, जो NITI आयोग के तहत चलती है। यह 2016 में शुरू हुई। इसका मकसद देश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। यह छात्रों में समस्या सुलझाने और कुछ नया करने की सोच पैदा करने पर जोर देता है और विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, निजी क्षेत्र और MSME क्षेत्र में उद्यमिता का माहौल बनाना चाहता है।

मुख्य बातें: स्कूल लैब में रोबोट बनाते छात्रों का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

अटल टिंकरिंग लैब क्या है

अटल टिंकरिंग लैब यानी ATL स्कूल स्तर पर काम करती हैं। विकिपीडिया के अनुसार इनका उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, जिज्ञासा और कल्पनाशीलता को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए है।

लैब में क्या सिखाया जाता है

विकिपीडिया के अनुसार अटल टिंकरिंग लैब में ये कौशल सिखाने पर जोर होता है:

  • डिजाइन सोच यानी किसी समस्या का हल डिजाइन करना
  • कंप्यूटेशनल थिंकिंग
  • एडैप्टिव लर्निंग
  • फिजिकल कंप्यूटिंग

इसके साथ छात्रों को इंटरनेट ऑफ थिंग्स यानी IoT, 3D प्रिंटिंग और रैपिड प्रोटोटाइपिंग जैसे आधुनिक औजारों और तकनीकों पर हाथ से काम करने का मौका मिलता है।

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कितनी लैब बनीं

विकिपीडिया के अनुसार 2025 में अटल इनोवेशन मिशन ने 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्कूलों में 10,000 लैब स्थापित कर दी थीं। ये 722 जिलों में फैली हैं और 1.1 करोड़ से ज्यादा छात्रों को मार्गदर्शन दे रही हैं।

अटल इनक्यूबेशन सेंटर

अटल इनोवेशन मिशन का दूसरा बड़ा हिस्सा अटल इनक्यूबेशन सेंटर यानी AIC हैं। ये विश्वविद्यालयों, संस्थानों और कंपनियों में बनाए जाते हैं और नए स्टार्टअप को आगे बढ़ने में मदद करते हैं। विकिपीडिया के अनुसार 2025 में देश में 72 AIC चल रहे थे।

AIC क्या मदद देते हैं

विकिपीडिया के अनुसार अटल इनक्यूबेशन सेंटर स्टार्टअप को ये सुविधाएं देते हैं:

  • तकनीकी सुविधाएं
  • मेंटरशिप यानी मार्गदर्शन
  • फंडिंग से जुड़ी मदद
  • को वर्किंग स्पेस
  • साझेदारी और नेटवर्किंग

स्टार्टअप और रोजगार

विकिपीडिया के अनुसार AIC में 3,500 से ज्यादा स्टार्टअप तैयार हुए हैं, जिन्होंने 32,000 से ज्यादा नौकरियां पैदा की हैं। इनमें 1,000 से ज्यादा स्टार्टअप की कमान या स्थापना महिलाओं के हाथ में है। ये स्टार्टअप हेल्थटेक, फिनटेक, अंतरिक्ष और ड्रोन तकनीक, एडटेक, AR और VR, पर्यटन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं।

छात्रों और अभिभावकों के लिए

अगर आपके बच्चे के स्कूल में अटल टिंकरिंग लैब है, तो उसे इसमें होने वाली गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे बच्चे विज्ञान और तकनीक को किताब से बाहर निकलकर समझते हैं। स्कूल में लैब है या नहीं, यह स्कूल प्रशासन से पूछा जा सकता है।

स्कूल कैसे जुड़ें

जो स्कूल अटल टिंकरिंग लैब के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे अटल इनोवेशन मिशन की आधिकारिक वेबसाइट aim.gov.in पर पात्रता, आवेदन की खिड़की और दिशानिर्देश देख सकते हैं। आवेदन से पहले ताजा नियम जरूर पढ़ें, क्योंकि शर्तें समय समय पर बदल सकती हैं।

टिंकरिंग का मतलब

टिंकरिंग का मतलब है चीजों को खोलकर, जोड़कर और उनसे प्रयोग करके यह समझना कि वे कैसे काम करती हैं। अटल टिंकरिंग लैब का विचार यही है कि बच्चे खुद हाथ से काम करके सीखें। किसी समस्या को पहचानना, उसका हल सोचना, छोटा मॉडल बनाना और उसे परखना, यह पूरा सिलसिला लैब में सिखाया जाता है।

पढ़ाई में कैसे मदद करती है

जब बच्चा खुद सेंसर जोड़कर कोई छोटा उपकरण बनाता है, तो विज्ञान, गणित और कंप्यूटर के पाठ उसके लिए ज्यादा साफ हो जाते हैं। इससे टीम में काम करने, गलती से सीखने और धैर्य रखने जैसी आदतें भी बनती हैं। कई छात्र लैब में बने विचारों को विज्ञान प्रदर्शनियों और प्रतियोगिताओं में भी ले जाते हैं।

NITI आयोग की भूमिका

अटल इनोवेशन मिशन NITI आयोग के तहत काम करता है, इसलिए इसका फोकस पूरे देश में नवाचार का ढांचा तैयार करना है। स्कूल स्तर पर टिंकरिंग लैब और आगे विश्वविद्यालय तथा स्टार्टअप स्तर पर इनक्यूबेशन सेंटर, दोनों मिलकर एक कड़ी बनाते हैं।

अटल इनोवेशन मिशन कब शुरू हुआ

2016 में, NITI आयोग के तहत।

अटल टिंकरिंग लैब किन छात्रों के लिए है

कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए।

2025 तक कितनी अटल टिंकरिंग लैब बनीं

विकिपीडिया के अनुसार 10,000 लैब।

अटल इनक्यूबेशन सेंटर क्या करते हैं

स्टार्टअप को तकनीकी सुविधा, मार्गदर्शन, फंडिंग मदद और जगह देते हैं।

स्रोत: Wikipedia: Atal Innovation Mission, Atal Innovation Mission, NITI Aayog

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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