Maharashtra Ladki Bahin Yojana 2026: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ के तहत राज्य की करोड़ों पात्र महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता की अगली किस्त का बेसब्री से इंतजार है। इस कल्याणकारी योजना के अंतर्गत 21 से 65 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की सीधी आर्थिक मदद उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। अक्टूबर का आधा महीना बीत जाने के बाद भी सितंबर माह की किस्त जारी न होने से लाभार्थियों में असमंजस बना हुआ है। इसी बीच मंत्रालय और प्रशासनिक गलियारों में दिवाली के पावन पर्व को देखते हुए सितंबर और अक्टूबर दोनों महीनों की किस्तों को एक साथ संयोजित कर जारी करने के प्रस्ताव पर गहन चर्चा चल रही है। यदि राज्य कैबिनेट इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाती है, तो पात्र महिलाओं के खातों में तीन हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि अंतरित की जा सकती है, जिससे त्योहारों के अवसर पर महिलाओं को बड़ा आर्थिक संबल प्राप्त होगा।
Maharashtra Ladki Bahin Yojana 2026: सितंबर किस्त की स्थिति और भुगतान में देरी की मुख्य वजहें
लाडकी बहिन योजना के तहत अगस्त 2026 की किस्त का भुगतान सितंबर के अंतिम सप्ताह में अधिकांश लाभार्थियों के खातों में सफलतापूर्वक किया जा चुका था। इसके बाद से ही लाभार्थी महिलाएं सितंबर महीने के 1,500 रुपये के भुगतान की प्रतीक्षा कर रही हैं। आमतौर पर महीने के शुरुआती या मध्य सप्ताह में जारी होने वाली इस राशि में देरी के पीछे प्रशासनिक सत्यापन प्रक्रिया और वित्तीय तालमेल को मुख्य कारण माना जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग तथा वित्त विभाग के बीच चल रहे परामर्श के अनुसार, त्योहारी सीजन के दौरान ग्रामीण और शहरी परिवारों के घरेलू खर्चों में भारी बढ़ोतरी हो जाती है। ऐसे में दोनों महीनों की किस्त एक साथ जारी करने से परिवारों को सीधी तरलता मिलेगी। हालांकि, जब तक राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक शासनादेश (जीआर) और निश्चित तिथि जारी नहीं होती, तब तक संयुक्त भुगतान को एक विचाराधीन प्रस्ताव ही माना जा रहा है।
अनिवार्य ई-केवाईसी और सघन सत्यापन के बाद लाभार्थियों की छंटनी
योजना में पूर्ण पारदर्शिता लाने और फर्जी दावों को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने सभी लाभार्थियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर (e-KYC) प्रक्रिया को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है। पूर्व में पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या 2.4 करोड़ से अधिक पहुंच गई थी, किंतु आधार प्रमाणीकरण, आयकर दाता होने की जांच और वार्षिक पारिवारिक आय (ढाई लाख रुपये की सीमा) के सघन सत्यापन के बाद बड़ी संख्या में अपात्र नाम हटाए गए हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, ई-केवाईसी पूरी न करने और अपात्र पाए जाने के कारण लगभग 92 लाख आवेदनों को योजना से बाहर किया गया है, जिसके बाद वर्तमान में सक्रिय एवं पात्र लाभार्थियों की संख्या लगभग 1.5 करोड़ से 1.66 करोड़ के बीच रह गई है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल उन्हीं महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए राशि भेजी जाएगी जिनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुकी है और जिनका बैंक खाता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के लिए आधार से सक्रिय रूप से लिंक है।
घर बैठे ऑनलाइन ऐसे चेक करें अपना आवेदन और भुगतान स्टेटस
यदि आप लाडकी बहिन योजना की पात्र लाभार्थी हैं और अपने भुगतान की स्थिति जांचना चाहती हैं, तो इसे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आसानी से देखा जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले ‘माझी लाडकी बहिन’ के आधिकारिक वेब पोर्टल या संबंधित मोबाइल एप्लिकेशन पर जाना होता है। पोर्टल पर अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और पासवर्ड की सहायता से लॉगिन करने के बाद सिटिजन डैशबोर्ड खुल जाता है।
डैशबोर्ड पर ‘केलेला अर्ज’ (किए गए आवेदन) अथवा ‘एप्लीकेशन स्टेटस’ विकल्प पर क्लिक करके फॉर्म की वर्तमान स्थिति देखी जा सकती है। यदि आवेदन के आगे ‘एप्रूव्ड’ (Approved) लिखा है और ई-केवाईसी का विकल्प सत्यापित दिख रहा है, तो लाभार्थी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा, केंद्र सरकार के पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) पोर्टल पर ‘नो योर पेमेंट’ विकल्प में जाकर अपना बैंक खाता नंबर दर्ज करके भी डीबीटी के माध्यम से भेजे गए सरकारी पैसों का ताजा विवरण देखा जा सकता है।
Maharashtra Ladki Bahin Yojana 2026: महिलाओं के लिए जरूरी हिदायतें और वित्तीय सावधानी
त्योहारी सीजन में सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर भुगतान की तारीखों को लेकर कई फर्जी तारीखें और असत्यापित दावे प्रसारित किए जा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने लाभार्थियों को सलाह दी है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी अनधिकृत व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते या ओटीपी का विवरण साझा करें। योजना से जुड़ी किसी भी आधिकारिक घोषणा की पुष्टि विभागीय पोर्टल अथवा जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय के माध्यम से ही की जानी चाहिए।
जिन महिलाओं के बैंक खातों में आधार सीडिंग में कोई तकनीकी समस्या है, उन्हें तत्काल अपनी संबंधित बैंक शाखा या डाकघर जाकर आधार एनपीसीआई (NPCI) मैपिंग को सक्रिय करा लेना चाहिए। बैंक खाता इनएक्टिव होने की स्थिति में सरकार द्वारा फंड रिलीज किए जाने पर भी ट्रांजैक्शन फेल हो सकता है। यदि सभी दस्तावेज और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड सही पाए जाते हैं, तो दिवाली से पूर्व खाते में आने वाली यह संभावित सहायता राशि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और त्योहार की खुशियों को दोगुना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
स्रोत: मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना पोर्टल
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