टीबी यानी क्षय रोग का इलाज लंबा चलता है और इस दौरान मरीज के लिए पौष्टिक भोजन बहुत जरूरी होता है। लेकिन कई गरीब परिवारों के लिए इलाज के साथ अच्छे भोजन का खर्च उठाना मुश्किल होता है। इसी को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार निक्षय पोषण योजना चलाती है, जिसमें टीबी मरीजों को इलाज के दौरान हर महीने आर्थिक मदद सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।
कितनी मिलती है सहायता
PIB की 7 अक्टूबर 2024 की विज्ञप्ति के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने घोषणा की थी कि निक्षय पोषण योजना के तहत सहायता 500 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रति माह प्रति मरीज की जाएगी। यह सहायता इलाज की पूरी अवधि तक मिलती है। विज्ञप्ति के अनुसार इससे सभी टीबी मरीजों को इलाज के दौरान कुल 3,000 से 6,000 रुपये तक की पोषण सहायता मिलेगी। बढ़ी हुई राशि 1 नवंबर 2024 से लागू हुई।

किसे मिलता है फायदा
योजना का फायदा उन टीबी मरीजों को मिलता है जिनका नाम निक्षय पोर्टल पर अधिसूचित यानी दर्ज है। निक्षय, राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम का ऑनलाइन पोर्टल है, जहां हर टीबी मरीज की जानकारी दर्ज की जाती है। सरकारी अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों का पंजीकरण अस्पताल की ओर से होता है। निजी डॉक्टर या निजी अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों का भी अधिसूचित होना जरूरी है, ताकि वे योजना का लाभ ले सकें।
भुगतान कैसे होता है
योजना की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के जरिये सीधे मरीज के बैंक खाते में भेजी जाती है। इसके लिए आधार से जुड़ा बैंक खाता होना बेहतर माना जाता है। PIB के अनुसार अक्टूबर 2024 तक इस योजना के तहत 1.13 करोड़ लाभार्थियों को DBT के जरिये 3,202 करोड़ रुपये दिए जा चुके थे।
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योजना का लाभ लेने के लिए क्या करें
- टीबी की जांच और इलाज सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अधिसूचित निजी अस्पताल में कराएं।
- सुनिश्चित करें कि आपका नाम निक्षय पोर्टल पर दर्ज हो गया है। इसके लिए इलाज कर रहे स्वास्थ्य कर्मी या टीबी सुपरवाइजर से पूछें।
- अपने बैंक खाते की सही जानकारी, जैसे खाता संख्या और IFSC कोड, स्वास्थ्य कर्मी को दें।
- आधार नंबर और मोबाइल नंबर अपडेट रखें, ताकि भुगतान और सूचनाएं समय पर मिलें।
- भुगतान न आए तो अपने टीबी यूनिट या जिला क्षय रोग अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें।
कुपोषित मरीजों के लिए अतिरिक्त सहायता
PIB की विज्ञप्ति के अनुसार सरकार ने उन मरीजों के लिए ऊर्जा से भरपूर पोषण सप्लीमेंट देने का फैसला भी किया, जिनका बॉडी मास इंडेक्स यानी BMI जांच के समय 18.5 से कम हो। यह सप्लीमेंट इलाज के पहले दो महीनों के लिए दिया जाता है। विज्ञप्ति में अनुमान बताया गया था कि इससे लगभग 12 लाख कम वजन वाले मरीजों को फायदा होगा।
निक्षय मित्र क्या हैं
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत निक्षय मित्र पहल चल रही है। इसमें व्यक्ति, संस्थाएं, कंपनियां या संगठन टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण किट यानी फूड बास्केट देते हैं। PIB के अनुसार 2024 में इस पहल का दायरा बढ़ाकर टीबी मरीजों के घर के सदस्यों को भी इसमें शामिल करने का फैसला किया गया, ताकि परिवार के लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर हो सके।
खर्च कौन उठाता है
PIB के अनुसार बढ़ी हुई सहायता से सरकार पर लगभग 1,040 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान था, जिसे केंद्र और राज्य 60:40 के अनुपात में साझा करते हैं।
ध्यान रखने वाली बातें
योजना की राशि केवल अधिसूचित टीबी मरीजों को मिलती है, इसलिए पंजीकरण सबसे जरूरी कदम है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे देकर योजना में नाम जुड़वाने का झांसा न खाएं, क्योंकि यह सहायता सरकारी व्यवस्था से मुफ्त मिलती है। टीबी की दवा का कोर्स बीच में न छोड़ें, क्योंकि अधूरा इलाज बीमारी को और गंभीर बना सकता है। इलाज और दवा से जुड़ी हर बात अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी से ही पूछें।
निक्षय पोषण योजना में कितने पैसे मिलते हैं
PIB के अनुसार टीबी मरीजों को इलाज की पूरी अवधि तक 1,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं।
निक्षय पोषण योजना की राशि कैसे मिलती है
राशि DBT के जरिये सीधे मरीज के बैंक खाते में भेजी जाती है। खाते की सही जानकारी और आधार से जुड़ा खाता होने पर भुगतान में दिक्कत कम आती है।
भुगतान न आए तो कहां शिकायत करें
सबसे पहले इलाज कर रहे स्वास्थ्य केंद्र के टीबी सुपरवाइजर से बात करें। समाधान न होने पर जिला क्षय रोग अधिकारी के कार्यालय से संपर्क करें।
क्या निजी अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीज को भी फायदा मिलता है
हां, अगर मरीज निक्षय पोर्टल पर अधिसूचित है तो उसे योजना का लाभ मिल सकता है। इसके लिए इलाज करने वाले डॉक्टर से पंजीकरण की पुष्टि कर लें।
स्रोत: PIB: Ni-Kshay Poshan Yojana support increased to Rs 1000 (7 Oct 2024), NHM Uttarakhand: Ni-kshay Poshan Yojana





