उत्तराखंड में राज्य की सरकारी नौकरियों, शिक्षण संस्थानों में प्रवेश, छात्रवृत्ति और कई सरकारी योजनाओं में स्थायी निवास प्रमाण पत्र मांगा जाता है। राज्य सरकार ने यह सेवा अपणि सरकार पोर्टल eservices.uk.gov.in पर ऑनलाइन कर दी है। जानिए उत्तराखंड स्थायी निवास प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं।
किसे बन सकता है
स्थायी निवास प्रमाण पत्र उन लोगों को जारी होता है, जो राज्य के नियमों के तहत उत्तराखंड के स्थायी निवासी माने जाते हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने शर्तें तय की हैं, जैसे परिवार का लंबे समय से राज्य में रहना, या राज्य में अचल संपत्ति और निवास से जुड़े रिकॉर्ड। अपनी पात्रता की पुष्टि पोर्टल या तहसील से करें।

स्थायी निवास और मूल निवास
उत्तराखंड में मूल निवास और स्थायी निवास अलग-अलग प्रमाण पत्र हैं, और दोनों की शर्तें भी अलग हैं। आवेदन से पहले देख लें कि आपके काम के लिए कौन सा प्रमाण पत्र मांगा गया है।
कहां से आवेदन करें
- अपणि सरकार पोर्टल पर खुद
- नजदीकी जन सेवा केंद्र
- तहसील का नागरिक सुविधा केंद्र
यह भी पढ़ें: उत्तराखंड जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन कैसे बनवाएं: अपणि सरकार पोर्टल पर आवेदन, दस्तावेज और प्रमाण पत्र डाउनलोड | अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना: 5 लाख तक कैशलेस इलाज, गोल्डन कार्ड कैसे बनवाएं और अस्पताल कैसे खोजें
जरूरी दस्तावेज
आमतौर पर ये कागज मांगे जाते हैं:
- आधार कार्ड या दूसरा पहचान पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- परिवार रजिस्टर की नकल, ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत से
- राज्य में निवास के प्रमाण, जैसे राशन कार्ड, बिजली बिल, जमीन या मकान के कागज
- शैक्षिक प्रमाण पत्र, जिनसे राज्य में पढ़ाई का पता चले
- स्व-घोषणा पत्र
दस्तावेजों की ताजा सूची सेवा चुनने पर पोर्टल पर दिखती है।
ऑनलाइन आवेदन के स्टेप
1. eservices.uk.gov.in पर जाएं और पंजीकरण करें
2. मोबाइल नंबर और OTP से लॉगिन करें
3. राजस्व विभाग की सेवाओं में स्थायी निवास प्रमाण पत्र चुनें
4. फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, स्थायी पता और परिवार की जानकारी भरें
5. दस्तावेज अपलोड करें
6. तय शुल्क ऑनलाइन भरें
7. आवेदन संख्या सहेज लें
सत्यापन
आवेदन तहसील में जाता है, जहां पटवारी या राजस्व उपनिरीक्षक की रिपोर्ट और रिकॉर्ड के आधार पर जांच होती है। इसके बाद तहसीलदार या सक्षम अधिकारी प्रमाण पत्र जारी करते हैं। सेवा के अधिकार कानून के तहत इसकी समय सीमा तय है।
स्टेटस और डाउनलोड
पोर्टल पर लॉगिन करके आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है। मंजूरी के बाद डिजिटल हस्ताक्षर वाला प्रमाण पत्र डाउनलोड करें। प्रमाण पत्र संख्या से इसकी सत्यता ऑनलाइन जांची जा सकती है।
आम दिक्कतें
- आधार और परिवार रजिस्टर में नाम या पता अलग होना
- गलत तहसील चुनना
- धुंधले या अधूरे कागज अपलोड करना
- स्थायी और मूल निवास के बीच गलत सेवा चुनना
सावधानी
सिर्फ सरकारी पोर्टल और अधिकृत केंद्र से आवेदन करें। प्रमाण पत्र जल्दी दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वालों से बचें।
क्या प्रमाण पत्र दोबारा बनवाना पड़ता है?
कई विभाग नौकरी या प्रवेश के समय हाल में जारी प्रमाण पत्र मांगते हैं। संबंधित विज्ञापन या सूचना की शर्त देख लें।
स्रोत: अपणि सरकार, उत्तराखंड सरकार, राजस्व विभाग, उत्तराखंड। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





