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यूपी श्रमिक कार्ड कैसे बनवाएं: निर्माण श्रमिक पंजीकरण की पात्रता, दस्तावेज और upbocw.in पर आवेदन

उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण के बाद निर्माण मजदूर बोर्ड की योजनाओं के पात्र बनते हैं। जानिए पात्रता, दस्तावेज, आवेदन और नवीनीकरण की प्रक्रिया।

यूपी श्रमिक कार्ड पंजीकरण की जानकारी का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • उत्तर प्रदेश में भवन निर्माण, सड़क, पुल और दूसरे निर्माण कामों में लगे मजदूरों के लिए उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड काम करता है।
  • जिन्हें ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत हो, वे नजदीकी जन सेवा केंद्र या जिले के श्रम विभाग कार्यालय से मदद ले सकते हैं।
  • पंजीकृत श्रमिक बोर्ड की योजनाओं में आवेदन कर सकते हैं। इनमें बच्चों की पढ़ाई, बेटी की शादी, मातृत्व, दुर्घटना, बीमारी और मृत्यु जैसी स्थितियों से जुड़ी सहायता योजनाएं शामिल हैं।
  • श्रमिक कार्ड बनवाने के नाम पर ज्यादा पैसे मांगने वाले दलालों से बचें।

उत्तर प्रदेश में भवन निर्माण, सड़क, पुल और दूसरे निर्माण कामों में लगे मजदूरों के लिए उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड काम करता है। बोर्ड में पंजीकरण के बाद मजदूर को एक पंजीकरण संख्या मिलती है, जिसे आम बोलचाल में श्रमिक कार्ड या लेबर कार्ड कहा जाता है। इसके बाद मजदूर और उसका परिवार बोर्ड की अलग-अलग कल्याण योजनाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। जानिए यूपी श्रमिक कार्ड कैसे बनवाएं।

कौन बनवा सकता है श्रमिक कार्ड

बोर्ड के नियमों के अनुसार ये शर्तें जरूरी हैं:

  • आवेदक की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच हो
  • आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी हो
  • पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया हो
  • आमतौर पर आवेदक EPF, ESIC या NPS जैसी योजनाओं का सदस्य न हो

राजमिस्त्री, बेलदार, कारपेंटर, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, सरिया बांधने वाले, टाइल लगाने वाले और ईंट-भट्ठे से जुड़े कई तरह के निर्माण मजदूर इसमें आते हैं। काम की पूरी सूची बोर्ड की वेबसाइट पर देखी जा सकती है।

मुख्य बातें: यूपी श्रमिक कार्ड पंजीकरण की जानकारी का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • बैंक खाते की पासबुक
  • निवास का प्रमाण
  • 90 दिन निर्माण कार्य करने का प्रमाण पत्र, जो ठेकेदार, नियोक्ता या तय अधिकारी से मिलता है
  • परिवार के सदस्यों का विवरण

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

  • upbocw.in वेबसाइट पर जाएं
  • श्रमिक पंजीकरण या लेबर रजिस्ट्रेशन विकल्प चुनें
  • आधार नंबर और मोबाइल नंबर से सत्यापन करें
  • व्यक्तिगत, बैंक, परिवार और काम का विवरण भरें
  • दस्तावेज अपलोड करें और लागू शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें
  • आवेदन जमा करके पंजीकरण संख्या या आवेदन संख्या संभाल लें

जिन्हें ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत हो, वे नजदीकी जन सेवा केंद्र या जिले के श्रम विभाग कार्यालय से मदद ले सकते हैं।

यह भी पढ़ें: ई-श्रम कार्ड: असंगठित कामगारों का मुफ्त पंजीकरण, पात्रता, UAN और एक पोर्टल पर 15 योजनाओं की जानकारी | UP फैमिली आईडी कैसे बनाएं: एक परिवार एक पहचान के तहत ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज और फायदे

सत्यापन और नवीनीकरण

आवेदन जमा होने के बाद श्रम विभाग के अधिकारी दस्तावेजों और काम के प्रमाण का सत्यापन करते हैं। स्वीकृति के बाद पंजीकरण की जानकारी पोर्टल पर देखी जा सकती है। पंजीकरण तय अवधि के लिए मान्य होता है, इसलिए समय पर नवीनीकरण कराना जरूरी है। नवीनीकरण न होने पर योजनाओं का लाभ रुक सकता है।

पंजीकरण के बाद क्या मिलता है

पंजीकृत श्रमिक बोर्ड की योजनाओं में आवेदन कर सकते हैं। इनमें बच्चों की पढ़ाई, बेटी की शादी, मातृत्व, दुर्घटना, बीमारी और मृत्यु जैसी स्थितियों से जुड़ी सहायता योजनाएं शामिल हैं। हर योजना की पात्रता, राशि और शर्तें अलग हैं और समय-समय पर बदल सकती हैं, इसलिए आवेदन से पहले बोर्ड की वेबसाइट पर ताजा जानकारी जरूर पढ़ें।

ई-श्रम कार्ड से अंतर

ई-श्रम कार्ड केंद्र सरकार का असंगठित कामगारों का राष्ट्रीय डेटाबेस है। यूपी श्रमिक कार्ड राज्य के निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड का पंजीकरण है। निर्माण मजदूर दोनों में पंजीकरण करा सकते हैं, क्योंकि दोनों की योजनाएं अलग हैं।

सावधानी

श्रमिक कार्ड बनवाने के नाम पर ज्यादा पैसे मांगने वाले दलालों से बचें। केवल आधिकारिक पोर्टल या सरकारी केंद्र से ही आवेदन करें और अपना आधार या बैंक विवरण किसी अनजान व्यक्ति को न दें।

श्रमिक कार्ड की स्थिति कैसे देखें?

upbocw.in पर पंजीकरण की स्थिति वाले विकल्प में पंजीकरण या आवेदन संख्या डालकर आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है।

स्रोत: उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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