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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना: 60 साल पर 200 और 80 साल पर 500 रुपये केंद्रीय हिस्सा, राज्य जोड़ते हैं अपनी रकम

गरीब परिवारों के बुजुर्गों को हर महीने पेंशन देने वाली इस केंद्रीय योजना में राज्य भी अपना हिस्सा जोड़ते हैं।

बुजुर्ग दंपती को पेंशन मिलने का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • गांवों और शहरों में ऐसे लाखों बुजुर्ग हैं जिनके पास बुढ़ापे में कोई नियमित आमदनी नहीं है।
  • कुछ राज्यों ने अपनी पेंशन योजनाओं में आय सीमा और दूसरी शर्तें भी तय की हैं।
  • NSAP की वेबसाइट पर लाभार्थियों की सूची और भुगतान से जुड़ी रिपोर्ट देखी जा सकती हैं।
  • राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में गरीब परिवार के 18 से 59 साल के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर परिवार को 20,000 रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाती है।

गांवों और शहरों में ऐसे लाखों बुजुर्ग हैं जिनके पास बुढ़ापे में कोई नियमित आमदनी नहीं है। ऐसे गरीब बुजुर्गों को हर महीने थोड़ी आर्थिक मदद देने के लिए केंद्र सरकार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना यानी IGNOAPS चलाती है। यह राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम यानी NSAP का हिस्सा है, जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है। केंद्र अपनी तय राशि देता है और ज्यादातर राज्य उसमें अपनी ओर से रकम जोड़ कर पेंशन बढ़ाते हैं। इस लेख में जानिए योजना की पात्रता, राशि और आवेदन का तरीका।

NSAP क्या है

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम 15 अगस्त 1995 को शुरू हुआ था। इसका मकसद गरीब परिवारों के बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों और परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु पर परिवार को आर्थिक सहायता देना है। NSAP के तहत ये योजनाएं आती हैं:

  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना।
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना।
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना।
  • राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना।
  • अन्नपूर्णा योजना।
मुख्य बातें: बुजुर्ग दंपती को पेंशन मिलने का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

कितनी पेंशन मिलती है

NSAP के दिशानिर्देशों के अनुसार वृद्धावस्था पेंशन में केंद्र सरकार 60 से 79 साल के पात्र व्यक्ति को 200 रुपये महीना देती है। 80 साल या उससे ज्यादा उम्र होने पर केंद्रीय हिस्सा बढ़ कर 500 रुपये महीना हो जाता है। राज्य सरकारों से कहा गया है कि वे इसमें कम से कम बराबर की राशि जोड़ें। असल में ज्यादातर राज्य इससे कहीं ज्यादा जोड़ते हैं, इसलिए अलग अलग राज्यों में बुजुर्गों को मिलने वाली कुल पेंशन अलग होती है। उदाहरण के लिए कई राज्यों में कुल पेंशन एक हजार रुपये या उससे ज्यादा है। अपने राज्य की कुल राशि राज्य के समाज कल्याण विभाग से पता करें।

कौन पात्र है

  • आवेदक की उम्र कम से कम 60 साल हो।
  • परिवार गरीबी रेखा से नीचे यानी BPL सूची में हो, या राज्य के तय मानक के हिसाब से गरीब परिवार में गिना जाए।
  • आवेदक भारत का नागरिक हो और संबंधित राज्य का निवासी हो।

कुछ राज्यों ने अपनी पेंशन योजनाओं में आय सीमा और दूसरी शर्तें भी तय की हैं।

यह भी पढ़ें: अटल पेंशन योजना: 18 से 40 साल वालों को 60 के बाद 5,000 रुपये तक पेंशन, उम्र के हिसाब से अंशदान तालिका | प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में आवेदन कैसे करें: असंगठित मजदूरों के लिए 3000 रुपये पेंशन, पात्रता और अंशदान

आवेदन कैसे करें

NSAP योजनाओं को राज्य सरकारें लागू करती हैं, इसलिए आवेदन राज्य के सिस्टम से होता है।

  • ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत, ब्लॉक विकास कार्यालय या समाज कल्याण विभाग में आवेदन दें।
  • शहरी क्षेत्र में नगर निकाय या जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में आवेदन करें।
  • कई राज्यों में यह आवेदन ऑनलाइन पोर्टल या जन सेवा केंद्र से भी होता है।

जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड।
  • उम्र का प्रमाण, जैसे जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल रिकॉर्ड या वोटर कार्ड।
  • BPL कार्ड या राशन कार्ड।
  • बैंक या डाकघर खाते की पासबुक।
  • पासपोर्ट साइज फोटो।

पैसा कैसे मिलता है

पेंशन सीधे लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाती है। कई राज्यों में यह भुगतान हर महीने और कुछ में हर तीन महीने पर होता है। भुगतान आधार से जुड़े खाते में होने से बिचौलियों की भूमिका कम हुई है।

स्टेटस कैसे देखें

NSAP की वेबसाइट पर लाभार्थियों की सूची और भुगतान से जुड़ी रिपोर्ट देखी जा सकती हैं। इसके लिए राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव चुनना होता है। राज्य के पेंशन पोर्टल पर भी आवेदन नंबर या खाते से स्टेटस देखा जा सकता है।

पेंशन रुकने पर क्या करें

अगर पेंशन अचानक बंद हो जाए तो पहले देखें कि बैंक खाता आधार से जुड़ा है या नहीं और eKYC पूरा है या नहीं। कई राज्यों में हर साल जीवन सत्यापन भी जरूरी होता है। इसके बाद ब्लॉक या जिला समाज कल्याण कार्यालय में शिकायत करें।

विधवा और दिव्यांग पेंशन

NSAP के तहत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना में गरीब परिवार की 40 से 79 साल की विधवा महिलाओं को केंद्र की ओर से 300 रुपये महीना दिया जाता है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना में 18 से 79 साल के गंभीर या बहु दिव्यांगता वाले गरीब व्यक्तियों को भी केंद्र से 300 रुपये महीना मिलता है। 80 साल की उम्र होने पर ऐसे लाभार्थी वृद्धावस्था पेंशन की 500 रुपये वाली श्रेणी में आ जाते हैं। इन योजनाओं में भी राज्य अपनी ओर से रकम जोड़ते हैं।

पारिवारिक लाभ योजना

राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में गरीब परिवार के 18 से 59 साल के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर परिवार को 20,000 रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाती है।

वृद्धावस्था पेंशन में केंद्र कितना देता है

60 से 79 साल पर 200 रुपये और 80 साल से ऊपर 500 रुपये महीना।

क्या राज्य अलग से पैसा देते हैं

हां, ज्यादातर राज्य अपनी ओर से अतिरिक्त राशि जोड़ते हैं।

आवेदन कहां करें

ग्राम पंचायत, ब्लॉक, नगर निकाय या राज्य के पेंशन पोर्टल पर।

स्रोत: NSAP: National Social Assistance Programme, Ministry of Rural Development, PIB: NSAP schemes

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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