घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना या किसी भी तरह के संकट में फंसी महिला के लिए सबसे बड़ी मुश्किल यह होती है कि मदद के लिए कहां जाए। पुलिस, अस्पताल, वकील और रहने की जगह, सब अलग-अलग जगह होते हैं। इसी परेशानी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने वन स्टॉप सेंटर की व्यवस्था की है, जिसे सखी सेंटर के नाम से भी जाना जाता है। यहां पीड़ित महिला को एक ही छत के नीचे कई तरह की मदद मिलती है।
वन स्टॉप सेंटर क्या है
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की PIB विज्ञप्ति के अनुसार वन स्टॉप सेंटर, अम्ब्रेला योजना मिशन शक्ति के संबल वर्टिकल का हिस्सा है। यह निजी या सार्वजनिक, किसी भी जगह हिंसा की शिकार या संकट में फंसी महिलाओं को एक ही जगह पर एकीकृत सहायता देता है। मंत्रालय के अनुसार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हर जिले में कम से कम एक वन स्टॉप सेंटर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। जिन जिलों में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर ज्यादा है, क्षेत्रफल या आबादी बड़ी है या जो आकांक्षी जिले हैं, वहां अतिरिक्त केंद्र बनाए जा सकते हैं।

वन स्टॉप सेंटर में क्या मदद मिलती है
PIB के अनुसार वन स्टॉप सेंटर में जरूरतमंद महिलाओं को ये सेवाएं दी जाती हैं:
- मेडिकल सहायता: चोट या स्वास्थ्य संबंधी जरूरत होने पर इलाज और जांच में मदद।
- कानूनी सहायता और सलाह: अपने अधिकारों की जानकारी, शिकायत दर्ज कराने और कानूनी प्रक्रिया में मार्गदर्शन।
- पुलिस सहायता: FIR दर्ज कराने और पुलिस से जुड़ी कार्रवाई में मदद।
- अस्थायी आश्रय: जरूरत पड़ने पर कुछ समय के लिए सुरक्षित रहने की जगह।
- मनो-सामाजिक काउंसलिंग: मानसिक आघात से उबरने के लिए परामर्श।
कितने केंद्र चल रहे हैं
PIB की 12 मार्च 2025 की विज्ञप्ति के अनुसार उस समय तक देशभर में 802 वन स्टॉप सेंटर काम कर रहे थे। ये केंद्र अपने भवनों, पहले से मौजूद सरकारी भवनों या किराये की जगहों पर चलते हैं। केंद्रों की संख्या समय के साथ बढ़ती रही है, इसलिए अपने जिले के केंद्र की जानकारी जिला महिला कल्याण अधिकारी या जिला प्रशासन से ली जा सकती है।
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कौन ले सकता है मदद
हिंसा या संकट में फंसी कोई भी महिला, उम्र, जाति, धर्म, वर्ग या वैवाहिक स्थिति से परे, वन स्टॉप सेंटर से मदद ले सकती है। इसमें घर के भीतर होने वाली हिंसा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, सार्वजनिक जगह पर हिंसा, तस्करी, एसिड हमला और दूसरी तरह की हिंसा शामिल है। पीड़ित महिला खुद केंद्र पहुंच सकती है या उसकी ओर से कोई और भी संपर्क कर सकता है।
मदद कैसे लें
- संकट की स्थिति में तुरंत महिला हेल्पलाइन 181 पर फोन करें। यह हेल्पलाइन 24 घंटे काम करती है और पुलिस, अस्पताल, कानूनी सहायता और वन स्टॉप सेंटर से जोड़ती है।
- आपात स्थिति में आपातकालीन नंबर 112 पर भी कॉल किया जा सकता है।
- अपने जिले के वन स्टॉप सेंटर में सीधे जाकर भी मदद मांगी जा सकती है।
- केंद्र में आपकी बात सुनकर जरूरत के हिसाब से मेडिकल, कानूनी, पुलिस या आश्रय की व्यवस्था की जाती है।
खर्च कौन उठाता है
PIB के अनुसार वन स्टॉप सेंटर एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता देती है। योजना को लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन की है। पीड़ित महिला को केंद्र की सेवाओं के लिए भुगतान नहीं करना होता।
कर्मचारियों का प्रशिक्षण
मंत्रालय के अनुसार वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों के लिए NIPCCD, NIMHANS, UNFPA, NALSA और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र जैसी संस्थाओं के विशेषज्ञों की मदद से प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए हैं। इनमें मनो-सामाजिक काउंसलिंग, लैंगिक हिंसा से जुड़े मामलों के प्रबंधन, लैंगिक संवेदनशीलता और डैशबोर्ड संचालन जैसे विषय शामिल रहे हैं।
केंद्र जाने से पहले क्या जानें
संकट की स्थिति में सबसे पहले अपनी और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। अगर संभव हो तो पहचान पत्र, मोबाइल फोन, जरूरी दवाएं और कुछ पैसे साथ रखें। चोट लगी हो तो उसकी मेडिकल जांच जल्द कराना जरूरी है, क्योंकि बाद में कानूनी कार्रवाई में यह रिपोर्ट अहम सबूत बनती है। धमकी भरे संदेश, कॉल रिकॉर्ड या दूसरे सबूत सुरक्षित रखें। केंद्र के कर्मचारी आपकी बात गोपनीय रखते हैं और आपकी सहमति से ही आगे की कार्रवाई करते हैं। अगर आप तुरंत कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहतीं, तब भी काउंसलिंग और सलाह के लिए केंद्र से संपर्क कर सकती हैं।
परिवार और पड़ोसी कैसे मदद करें
अगर आपको पता है कि आसपास कोई महिला हिंसा झेल रही है, तो उसे 181 हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर की जानकारी दें। आपात स्थिति में खुद भी 112 पर सूचना दे सकते हैं। पीड़ित महिला पर फैसले का दबाव न डालें, बल्कि उसे भरोसा दिलाएं कि मदद उपलब्ध है।
मिशन शक्ति की दूसरी सेवाएं
मिशन शक्ति के संबल वर्टिकल में वन स्टॉप सेंटर के साथ महिला हेल्पलाइन और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे घटक शामिल हैं। सामर्थ्य वर्टिकल में महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाएं आती हैं, जैसे कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और संकट में फंसी महिलाओं के लिए शक्ति सदन।
महिला हेल्पलाइन नंबर क्या है
महिला हेल्पलाइन नंबर 181 है, जो 24 घंटे काम करता है। आपात स्थिति में 112 पर भी कॉल कर सकते हैं।
क्या वन स्टॉप सेंटर की सेवाएं मुफ्त हैं
हां, यह केंद्र प्रायोजित योजना है और पीड़ित महिलाओं को यहां की सेवाओं के लिए भुगतान नहीं करना होता।
स्रोत: PIB: 802 One-Stop Centres operational (12 Mar 2025), Mission Shakti, Ministry of Women and Child Development





