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PM Ujjwala Yojana: उज्ज्वला योजना में नया गैस कनेक्शन कैसे लें? जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

PM Ujjwala Yojana: उज्ज्वला योजना में नया गैस कनेक्शन कैसे लें? जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

सारांश

  • PM Ujjwala Yojana: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पात्र महिलाओं को LPG कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए है।
  • आवेदन के लिए निर्धारित पात्रता और परिवार में पहले से गैस कनेक्शन न होने की शर्त जांचें।
  • पहचान पत्र, राशन कार्ड और बैंक विवरण जैसे दस्तावेज तैयार रखें।
  • ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक वेबसाइट pmuy.gov.in देखें।
  • ऑफलाइन आवेदन के लिए अधिकृत गैस एजेंसी से संपर्क करें।
  • रिफिल सब्सिडी और मुफ्त सिलेंडर से जुड़े लाभों की पुष्टि आधिकारिक नियमों से करें।

PM Ujjwala Yojana: देश के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली गरीब परिवारों की महिलाओं को पारंपरिक जीवाश्म ईंधन के जहरीले धुएं से मुक्ति दिलाने और उन्हें स्वच्छ रसोई ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ (PM Ujjwala Yojana) का संचालन किया जा रहा है। लकड़ी, कोयला, उपले और सूखे पत्तों पर भोजन पकाने से न केवल पर्यावरण को क्षति पहुंचती थी, बल्कि चूल्हे से निकलने वाले हानिकारक कार्बन मोनोऑक्साइड और बारीक कणों के कारण ग्रामीण महिलाओं और छोटे बच्चों में श्वसन रोग, दमा और आंखों की बीमारियां तेजी से फैलती थीं। इस स्वास्थ्य संकट का स्थायी समाधान निकालने के लिए केंद्र सरकार ने महिलाओं के नाम पर निशुल्क एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने की ऐतिहासिक पहल की। उज्ज्वला योजना के दूसरे चरण यानी ‘उज्ज्वला 2.0’ के अंतर्गत लाभार्थियों को बिना किसी सुरक्षा जमा राशि के गैस कनेक्शन के साथ-साथ पहला भरा हुआ सिलेंडर और गैस चूल्हा (हॉटप्लेट) भी पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है।

PM Ujjwala Yojana: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 2.0 का मूल स्वरूप और मिलने वाले वित्तीय लाभ

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का पहला चरण जहां मुख्य रूप से सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC-2011) के आंकड़ों पर केंद्रित था, वहीं उज्ज्वला 2.0 का दायरा काफी व्यापक और सरल बनाया गया है। इस योजना के तहत नामांकित होने वाली पात्र महिला को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों—इंडेन (इंडियन ऑयल), भारत गैस (BPCL) अथवा एचपी गैस (HPCL)—द्वारा 14.2 किलोग्राम अथवा 5 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर का नया कनेक्शन जारी किया जाता है।

नए कनेक्शन के लिए उपभोक्ता को किसी भी प्रकार की जमानत राशि (Security Deposit), रेगुलेटर शुल्क, पासबुक शुल्क या पाइप लगाने का खर्च नहीं देना होता। यह संपूर्ण 1,600 रुपये का वित्तीय भार केंद्र सरकार द्वारा सीधे वहन किया जाता है। इसके अतिरिक्त, उज्ज्वला 2.0 के तहत महिला को पहला एलपीजी सिलेंडर रिफिल और बीआईएस प्रमाणित दो बर्नर वाला गैस चूल्हा तेल विपणन कंपनियों की ओर से निशुल्क दिया जाता है। नियमित रिफिलिंग को किफायती बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए प्रति 14.2 किलो सिलेंडर पर 300 रुपये की सीधी लक्षित सब्सिडी भी महिला के बैंक खाते में जमा कराई जाती है।

उज्ज्वला कनेक्शन के लिए निर्धारित पात्रता के कड़े मापदंड

योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट पात्रता दिशा-निर्देश तय किए हैं। योजना के तहत केवल महिला ही आवेदन करने की पात्र है और आवेदन के समय उसकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष पूर्ण होनी अनिवार्य है। सबसे प्राथमिक और गैर-परक्राम्य शर्त यह है कि आवेदिका के परिवार में किसी भी सदस्य (पति, माता-पिता या अविवाहित बच्चों) के नाम पर पहले से किसी भी सार्वजनिक अथवा निजी कंपनी का कोई घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन मौजूद नहीं होना चाहिए।

आर्थिक और सामाजिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में, आवेदिका का बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की लाभार्थी, अंत्योदय अन्न योजना (AAY), अति पिछड़ा वर्ग (MBC), वनवासी, चाय बागान श्रमिक अथवा नदी द्वीपों में रहने वाले वंचित समुदाय से संबंधित होना आवश्यक है। यदि कोई परिवार इन श्रेणियों में सीधे तौर पर दर्ज नहीं है, तो वह 14-सूत्रीय गरीबी घोषणा पत्र भरकर भी खुद को पात्र साबित कर सकता है। प्रवासी कामगार परिवारों के लिए विशेष छूट दी गई है, जिसके तहत यदि उनके पास अपने वर्तमान कार्यस्थल का स्थानीय निवास प्रमाण पत्र नहीं है, तो वे एक साधारण स्व-घोषणा पत्र (Self-Declaration) जमा करके नया गैस कनेक्शन प्राप्त कर सकते हैं।

आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज और बैंक खाता सीडिंग के नियम

आवेदन प्रक्रिया को बिना किसी प्रशासनिक रुकावट के पूरा करने के लिए सभी जरूरी दस्तावेजों का अद्यतन होना आवश्यक है। आवेदिका का पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र प्राथमिक दस्तावेज हैं। इसके साथ ही, परिवार के सभी वयस्क सदस्यों के पहचान पत्र की प्रति संलग्न करना अनिवार्य होता है ताकि डी-डुप्लीकेशन प्रणाली यह जांच सके कि परिवार के किसी अन्य सदस्य के पास पहले से कनेक्शन तो नहीं है।

राशन कार्ड अथवा संबंधित राज्य सरकार द्वारा जारी पारिवारिक रजिस्टर की नकल परिवार के सदस्यों के सत्यापन के लिए जरूरी होती है। वित्तीय अंतरण के लिए आवेदिका का किसी भी वाणिज्यिक, ग्रामीण या डाकघर पेमेंट बैंक में सक्रिय एकल बैंक खाता होना अनिवार्य है। यह बैंक खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) मैपिंग पूरी होनी चाहिए, ताकि सरकार द्वारा भेजी जाने वाली 300 रुपये की रिफिल सब्सिडी बिना किसी रुकावट के सीधे खाते में पहुंच सके। अंत में आवेदिका का पासपोर्ट आकार का नवीनतम फोटो और सक्रिय मोबाइल नंबर आवेदन पत्र के साथ संलग्न किया जाता है।

आधिकारिक पोर्टल से घर बैठे आवेदन का तरीका

उज्ज्वला योजना के तहत नए कनेक्शन के लिए डिजिटल आवेदन की व्यवस्था को बेहद यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। इच्छुक महिलाएं अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर के जरिए आधिकारिक वेबसाइट ‘pmuy.gov.in’ पर जाकर सीधे आवेदन कर सकती हैं। पोर्टल के मुख्य पृष्ठ पर ‘अप्लाई फॉर न्यू उज्ज्वला 2.0 कनेक्शन’ के विकल्प का चयन करने पर स्क्रीन पर तीनों तेल कंपनियों—इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस—के ऑनलाइन पोर्टल लिंक प्रदर्शित होते हैं। आवेदिका अपनी सुविधानुसार और अपने नजदीकी वितरक के आधार पर किसी भी एक कंपनी का चयन कर सकती है।

कंपनी के पोर्टल पर पहुंचते ही ‘उज्ज्वला बेनिफिशियरी कनेक्शन’ पर टिक करें और अपना राज्य, जिला तथा नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर चुनें। इसके बाद आवेदिका को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जन्मतिथि, पता और बैंक खाते का विवरण भरना होता है। अगले भाग में राशन कार्ड का नंबर और परिवार के सभी सदस्यों के विवरण दर्ज करने होते हैं। पहचान पत्र, निवास प्रमाण और बैंक पासबुक की स्कैन कॉपी निर्धारित साइज में अपलोड करने के बाद फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट कर दिया जाता है। प्रक्रिया पूरी होते ही स्क्रीन पर एक विशिष्ट रेफरेंस नंबर (Application Reference Number) जनरेट होता है, जिसकी सहायता से आवेदन की स्थिति को किसी भी समय ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकता है।

सीएससी केंद्र और नजदीकी गैस एजेंसी से ऑफलाइन आवेदन की सुविधा

ग्रामीण परिवेश में जिन महिलाओं को ऑनलाइन पोर्टल या डिजिटल टूल्स के संचालन में असुविधा होती है, उनके लिए ऑफलाइन आवेदन का मार्ग भी पूरी तरह खुला रखा गया है। आवेदिका अपनी ग्राम पंचायत के नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या जनसेवा केंद्र पर जाकर अपने मूल दस्तावेजों के जरिए नाममात्र शुल्क पर डिजिटल आवेदन करा सकती हैं।

इसके अतिरिक्त, महिला अपने गांव या कस्बे की अधिकृत गैस एजेंसी (इंडेन, भारत गैस या एचपी) के कार्यालय में सीधे जाकर उज्ज्वला योजना का निशुल्क आवेदन प्रपत्र प्राप्त कर सकती हैं। फॉर्म में सभी जानकारियां भरकर और दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित छायाप्रतियां संलग्न कर एजेंसी काउंटर पर जमा किया जाता है। गैस वितरक द्वारा दस्तावेजों का भौतिक मिलान करने के बाद डाटा को कंपनी के केंद्रीय सर्वर पर अपलोड किया जाता है। विभागीय जांच और नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिलने के बाद वितरक द्वारा लाभार्थी महिला को उसके घर पर गैस चूल्हा, भरा हुआ सिलेंडर, सेफ्टी होज पाइप और पासबुक सुपुर्द कर दी जाती है।

त्योहारी मौकों पर राज्यों द्वारा मुफ्त सिलेंडर रिफिल और सब्सिडी का सच

उज्ज्वला योजना के संदर्भ में उपभोक्ताओं के बीच अक्सर यह असमंजस देखा जाता है कि क्या पूरे वर्ष भर सभी सिलेंडर मुफ्त मिलते हैं। केंद्र सरकार की मूल नीति के अनुसार केवल पहला सिलेंडर ही कनेक्शन के साथ निशुल्क दिया जाता है, जबकि बाद के प्रत्येक रिफिल पर लाभार्थी को सामान्य बाजार दर का भुगतान करना पड़ता है और उसके बाद 300 रुपये की सब्सिडी उसके बैंक खाते में वापस भेजी जाती है।

हालांकि, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड जैसी कई राज्य सरकारें अपने राज्य बजट से होली और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों के अवसर पर उज्ज्वला लाभार्थियों को एक या दो गैस सिलेंडर पूरी तरह मुफ्त (100 प्रतिशत रिफंड मॉडल पर) उपलब्ध कराती हैं। इस व्यवस्था में उपभोक्ता को पहले गैस एजेंसी पर सिलेंडर का पूरा पैसा देना होता है, जिसके तीन से चार दिनों के भीतर पूरी राशि सीधे उसके खाते में डीबीटी द्वारा स्थानांतरित कर दी जाती है। इस विशेष छूट का लाभ पाने के लिए लाभार्थी का गैस एजेंसी पर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) पूर्ण होना और बैंक खाता डीबीटी इनेबल्ड होना अनिवार्य है।

PM Ujjwala Yojana: उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा नियम, साइबर सतर्कता और आधिकारिक हेल्पलाइन

रसोई गैस का उपयोग करते समय सुरक्षा के बुनियादी नियमों का पालन करना परिवार की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सिलेंडर को हमेशा सीधा और हवादार स्थान पर रखें, कभी भी गैस चूल्हे को सिलेंडर से नीचे न रखें और रात को सोते समय अथवा घर से बाहर जाते समय रेगुलेटर नॉब को बंद करना न भूलें। गैस पाइप में किसी भी प्रकार की दरार दिखने पर तुरंत अधिकृत एजेंसी से संपर्क कर उसे बदलवाएं।

डिजिटल सतर्कता के दृष्टिकोण से महिलाओं को सचेत किया जाता है कि नया गैस कनेक्शन स्वीकृत कराने या सब्सिडी जारी रखने के नाम पर किसी भी दलाल, बिचौलिए या फर्जी कॉल करने वाले व्यक्ति को कोई नकद रिश्वत या बैंक ओटीपी न दें। यह योजना सरकार द्वारा पूरी तरह निशुल्क चलाई जा रही है। किसी भी प्रकार की धांधली, देरी, रिफिल न मिलने या अवैध वसूली की स्थिति में उपभोक्ता सीधे उज्ज्वला हेल्पलाइन नंबर 1800-266-6696 अथवा पेट्रोलियम मंत्रालय की चौबीसों घंटे चलने वाली आपातकालीन सेवा संख्या 1906 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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लेखक

Netsha Singh

नेत्शा सिंह डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं। वे सरकारी योजनाओं, आपका पैसा, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल न्यूज़ लेखन में उन्हें लगभग एक साल का अनुभव है; इससे पहले वे खबर नगरी और ऑनलाइन ताज़ा खबर के साथ काम कर चुकी हैं और यूट्यूब पर समसामयिक विषयों पर कंटेंट भी बनाती हैं।

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