किसी और वजह से कराए गए अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में “फैटी लिवर” लिखा देखकर कई लोग चौंक जाते हैं, क्योंकि उन्हें कोई परेशानी महसूस नहीं हो रही होती। फैटी लिवर में लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा हो जाती है। ब्रिटेन की सरकारी स्वास्थ्य सेवा NHS के अनुसार शुरुआती अवस्था में यह अक्सर कोई लक्षण नहीं देता, लेकिन अनदेखी करने पर समय के साथ लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। जानिए फैटी लिवर क्या है और इससे कैसे बचें।
फैटी लिवर के प्रकार
फैटी लिवर मोटे तौर पर दो तरह का होता है। एक, जो ज्यादा शराब पीने से होता है। दूसरा, जिसे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज कहा जाता है और जो कम या बिना शराब पीने वाले लोगों में भी होता है। हाल के वर्षों में डॉक्टर इसे मेटाबॉलिक गड़बड़ी से जुड़ा फैटी लिवर भी कहने लगे हैं, क्योंकि इसका संबंध मोटापे, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं से है।

जोखिम बढ़ाने वाली बातें
NHS के अनुसार इन लोगों में फैटी लिवर का खतरा ज्यादा होता है:
- जिनका वजन ज्यादा है, खासकर पेट के आसपास चर्बी है
- टाइप 2 डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस वाले लोग
- हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग
- धूम्रपान करने वाले लोग
- 50 साल से ज्यादा उम्र के लोग
कम शारीरिक गतिविधि, ज्यादा मीठा, मैदा और तला-भुना खाना भी इसमें भूमिका निभा सकते हैं।
संकेत और लक्षण
ज्यादातर लोगों में शुरुआत में कोई लक्षण नहीं होता। कुछ लोगों को थकान या पेट के दाहिनी ओर ऊपर हल्का दर्द महसूस हो सकता है। NHS के अनुसार बीमारी बढ़ने पर लिवर में सूजन और धीरे-धीरे निशान यानी फाइब्रोसिस बन सकते हैं, और गंभीर अवस्था में सिरोसिस हो सकता है। त्वचा या आंखों में पीलापन, पैरों या पेट में सूजन और खुजली जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
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जांच कैसे होती है
फैटी लिवर का पता अक्सर खून की लिवर फंक्शन जांच या अल्ट्रासाउंड से चलता है। लिवर को कितना नुकसान हुआ है, यह जानने के लिए डॉक्टर कुछ और जांचें भी सुझा सकते हैं। रिपोर्ट में फैटी लिवर आए, तो घबराने के बजाय डॉक्टर से अपनी स्थिति और अगले कदम समझें। साथ में ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की जांच भी उपयोगी रहती है।
बचाव और सुधार के तरीके
NHS के अनुसार शुरुआती फैटी लिवर में जीवनशैली में बदलाव सबसे बड़ा उपाय है:
- धीरे-धीरे और स्थायी रूप से वजन घटाएं, बहुत तेजी से वजन कम करना ठीक नहीं
- रोज कुछ न कुछ शारीरिक गतिविधि करें, जैसे तेज चलना या साइकिल चलाना
- सब्जियां, फल, साबुत अनाज और दालें ज्यादा लें, मीठे पेय, मैदा और तला खाना कम करें
- शराब से दूरी रखें और धूम्रपान छोड़ें
- डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को डॉक्टर की सलाह से नियंत्रित रखें
इंटरनेट पर बिकने वाले “लिवर डिटॉक्स” उत्पादों पर बिना डॉक्टर की सलाह भरोसा न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या दुबले लोगों को भी फैटी लिवर हो सकता है?
हां, कम वजन वाले लोगों में भी यह हो सकता है, खासकर अगर पेट पर चर्बी हो या डायबिटीज जैसी समस्या हो।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। कोई भी लक्षण होने या इलाज शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लें।
स्रोत: NHS (यूके): Non-alcoholic fatty liver disease। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





