संक्षेप में: करवा चौथ से छठ तक के त्योहारों में मिठाई, तले हुए पकवान और देर रात खाना आम बात है। ICMR-राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) के भारतीयों के लिए आहार दिशानिर्देश 2024 कहते हैं कि वयस्क रोज 25 ग्राम से कम अतिरिक्त चीनी और अधिकतम 5 ग्राम नमक लें। इन्हीं दिशानिर्देशों और FSSAI के नियमों के आधार पर जानिए त्योहारों में खानपान कैसे संतुलित रखें।
त्योहारों में खानपान पर ध्यान क्यों जरूरी है
त्योहारों में खानपान बिगड़ने की सबसे बड़ी वजह है लगातार कई दिनों तक मिठाई, नमकीन और तले हुए पकवान खाना, जिससे कैलोरी, चीनी, नमक और वसा की मात्रा तेजी से बढ़ती है। ICMR-NIN के अनुसार ज्यादा वसा, चीनी और नमक वाले (HFSS) और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। इसका मतलब यह नहीं कि त्योहारों में खानपान का आनंद न लें, बल्कि मात्रा और चुनाव पर ध्यान दें।
त्योहारों में खानपान: चीनी, नमक और तेल की सीमा
- चीनी: ICMR-NIN के अनुसार अतिरिक्त चीनी कुल ऊर्जा के 5 प्रतिशत से कम होनी चाहिए, यानी 2,000 कैलोरी के आहार में लगभग 25 ग्राम। गुड़ और शहद भी अतिरिक्त चीनी में गिने जाते हैं। 2 साल से छोटे बच्चों को अतिरिक्त चीनी नहीं देनी चाहिए।
- नमक: अतिरिक्त नमक अधिकतम 5 ग्राम प्रतिदिन। नमकीन, पापड़, अचार और पैकेट वाले स्नैक्स में छिपा नमक ज्यादा होता है।
- तेल: दिशानिर्देश तले हुए खाने को सीमित करने और एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल न करने की सलाह देते हैं।
त्योहारों में खानपान की योजना बनाते समय याद रखें कि एक मध्यम आकार की मिठाई में ही कई चम्मच चीनी हो सकती है, इसलिए दिनभर में एक-दो टुकड़े तक सीमित रहना व्यावहारिक तरीका है।
त्योहारों में खानपान के व्यावहारिक तरीके
- प्लेट का संतुलन: पकवान के साथ सलाद, दाल, दही और सब्जियां जरूर रखें, ताकि फाइबर और प्रोटीन मिले और भूख जल्दी शांत हो।
- घर की मिठाई: घर पर कम चीनी में मिठाई बनाएं। गुड़ भी चीनी ही है, इसलिए इसे “बिना चीनी” न समझें।
- खाली पेट मेहमाननवाजी से बचें: घर से निकलने से पहले हल्का खाना खाएं, ताकि बाहर ज्यादा तला-भुना न खाएं।
- पानी और नींद: मीठे शरबत और कोल्ड ड्रिंक की जगह सादा पानी, छाछ या नींबू पानी चुनें और देर रात भारी खाने से बचें।
- चलते-फिरते रहें: ICMR-NIN रोज कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि की सलाह देता है। त्योहारों की भागदौड़ में भी सैर का समय निकालें।
मिठाई खरीदते समय FSSAI के नियम
FSSAI के आदेश के अनुसार अक्टूबर 2020 से खुली मिठाई बेचने वाली दुकानों को ट्रे या डिब्बे के पास “बेस्ट बिफोर” तारीख प्रदर्शित करनी होती है। मिठाई खरीदते समय यह तारीख देखें, बहुत चटक रंग वाली मिठाइयों से सावधान रहें और लाइसेंस वाली दुकान से ही खरीदें। मिलावट की आशंका हो तो FSSAI के फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप या हेल्पलाइन पर शिकायत की जा सकती है। मिलावट जांचने के आसान घरेलू तरीकों पर हमारी रिपोर्ट दाल और बेसन में मिलावट कैसे पहचानें पढ़ें। घर पर कम मीठी मिठाई बनाने के लिए सूजी हलवे की रेसिपी में चीनी घटाकर आजमा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
डायबिटीज के मरीज त्योहारों में खानपान कैसे रखें?
डायबिटीज के मरीज अपने डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह के हिसाब से ही मात्रा तय करें और शुगर की नियमित जांच करें।
क्या गुड़ की मिठाई चीनी से बेहतर है?
ICMR-NIN गुड़ और शहद को भी अतिरिक्त चीनी मानता है, इसलिए मात्रा की सीमा उन पर भी लागू होती है।
खुली मिठाई ताजा है या नहीं, कैसे पता करें?
FSSAI नियमों के तहत दुकान पर प्रदर्शित “बेस्ट बिफोर” तारीख देखें और खरीदते समय गंध और रंग पर ध्यान दें।
स्रोत: ICMR-NIN, भारतीयों के लिए आहार दिशानिर्देश 2024, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI)। यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है, चिकित्सा सलाह नहीं।





