संक्षेप में: हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) अक्सर बिना लक्षण के बढ़ता है, इसलिए इसे “साइलेंट” बीमारी कहा जाता है। ICMR-INDIAB अध्ययन के अनुसार भारत में करीब 35.5 प्रतिशत वयस्कों को हाइपरटेंशन है। नियमित जांच, कम नमक, सक्रिय दिनचर्या और डॉक्टर की सलाह से इसे काबू में रखा जा सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर क्या है
दिल जब खून पंप करता है, तो धमनियों की दीवारों पर पड़ने वाले दबाव को ब्लड प्रेशर कहते हैं। इसे दो अंकों में लिखा जाता है, जैसे 120/80 mmHg। ऊपर वाला अंक सिस्टोलिक और नीचे वाला डायस्टोलिक दबाव है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, अगर अलग-अलग दिनों में दो बार मापने पर ब्लड प्रेशर 140/90 या उससे ज्यादा आए, तो इसे हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है। लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर यह दिल के दौरे, स्ट्रोक, किडनी की बीमारी और आंखों को नुकसान का खतरा बढ़ाता है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा
- जिनके परिवार में हाई ब्लड प्रेशर का इतिहास है
- खाने में ज्यादा नमक, पैकेटबंद और तले हुए खाद्य पदार्थ लेने वाले
- शारीरिक गतिविधि कम करने वाले और ज्यादा वजन वाले लोग
- तंबाकू और शराब का सेवन करने वाले
- डायबिटीज या किडनी की बीमारी से पीड़ित लोग
उम्र बढ़ने के साथ भी खतरा बढ़ता है, लेकिन अब कम उम्र के लोगों में भी हाई ब्लड प्रेशर के मामले सामने आ रहे हैं।
लक्षण और जांच कब कराएं
ज्यादातर लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखता। कुछ लोगों को सिरदर्द, चक्कर, धुंधला दिखना या सीने में भारीपन महसूस हो सकता है, लेकिन इन लक्षणों का इंतजार करना ठीक नहीं है। WHO के अनुसार दुनिया में हाइपरटेंशन से पीड़ित बड़ी संख्या में लोगों को अपनी बीमारी का पता ही नहीं होता। राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत 30 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की ब्लड प्रेशर जांच आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त की जाती है। साल में कम से कम एक बार जांच कराना अच्छी आदत है।
जीवनशैली में कौन से बदलाव मदद करते हैं
- नमक कम करें: WHO रोज 5 ग्राम (लगभग एक छोटा चम्मच) से कम नमक की सलाह देता है। अचार, पापड़, चिप्स और नमकीन में छिपे नमक का भी ध्यान रखें।
- सक्रिय रहें: वयस्कों के लिए हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मध्यम शारीरिक गतिविधि, जैसे तेज चलना, की सलाह दी जाती है।
- संतुलित आहार: सब्जियां, फल, दालें और साबुत अनाज बढ़ाएं।
- तंबाकू और शराब से दूरी: ये दोनों दिल और धमनियों पर सीधा असर डालते हैं।
- दवा नियमित लें: डॉक्टर ने दवा दी है तो ब्लड प्रेशर सामान्य होने पर भी उसे खुद से बंद न करें।
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घर पर ब्लड प्रेशर मापने का सही तरीका
मापने से पहले पांच मिनट आराम से बैठें, पीठ टिकाएं और पैर जमीन पर रखें। कफ को बांह पर दिल की ऊंचाई पर बांधें और मापते समय बात न करें। चाय, कॉफी या व्यायाम के तुरंत बाद न मापें। एक मिनट के अंतर पर दो बार पढ़ें और रीडिंग लिखकर डॉक्टर को दिखाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हाई ब्लड प्रेशर किसे कहते हैं?
अलग-अलग दिनों में दो बार 140/90 mmHg या उससे ज्यादा रीडिंग आने पर हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है। अंतिम निदान डॉक्टर करते हैं।
क्या एक बार दवा शुरू होने पर हमेशा लेनी पड़ती है?
यह हर मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। दवा घटाने या बंद करने का फैसला केवल डॉक्टर करें।
क्या कम उम्र में भी ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है?
हां। मोटापा, कम शारीरिक गतिविधि और ज्यादा नमक वाले खाने से युवाओं में भी इसका खतरा रहता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, यह चिकित्सीय सलाह नहीं है। किसी भी लक्षण, दवा या डाइट में बदलाव के लिए योग्य डॉक्टर से सलाह लें।
स्रोत: WHO: Hypertension फैक्ट शीट, ICMR (ICMR-INDIAB अध्ययन, 2023), WHO: शारीरिक गतिविधि। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





