संक्षेप में: सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) के तहत सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से बचाने वाले टीके मुफ्त लगते हैं। जन्म से 16 साल की उम्र तक टीकाकरण का तय कार्यक्रम है। अब U-WIN पोर्टल पर टीकों का डिजिटल रिकॉर्ड भी रखा जाता है। यहां जानिए किस उम्र में कौन सा टीका लगता है।
टीकाकरण क्यों जरूरी है
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार टीकाकरण हर साल दुनिया में लाखों लोगों की जान बचाता है। टीके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को किसी बीमारी को पहचानने और उससे लड़ने के लिए तैयार करते हैं। भारत में UIP के तहत टीबी, पोलियो, डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, हेपेटाइटिस-बी, खसरा, रूबेला, निमोनिया, रोटावायरस दस्त और कुछ इलाकों में जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव के टीके दिए जाते हैं।
जन्म से 14 हफ्ते तक का टीकाकरण
- जन्म के समय: BCG, ओरल पोलियो (OPV-0) और हेपेटाइटिस-बी की जन्म खुराक।
- 6, 10 और 14 हफ्ते: OPV, पेंटावेलेंट (पांच बीमारियों से बचाव) और रोटावायरस टीका।
- 6 और 14 हफ्ते: इंजेक्शन वाला पोलियो टीका (fIPV) और न्यूमोकोकल टीका (PCV)।
9 महीने से 6 साल तक का टीकाकरण
- 9 से 12 महीने: खसरा-रूबेला (MR) की पहली खुराक, PCV बूस्टर, विटामिन-A की पहली खुराक और जहां लागू हो वहां JE की पहली खुराक।
- 16 से 24 महीने: MR की दूसरी खुराक, DPT बूस्टर-1, OPV बूस्टर और जहां लागू हो वहां JE की दूसरी खुराक।
- 5 से 6 साल: DPT बूस्टर-2।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत विटामिन-A की खुराक 9 महीने से 5 साल तक तय अंतराल पर दी जाती है।
किशोरावस्था और गर्भावस्था में टीकाकरण
10 साल और 16 साल की उम्र पर Td (टिटनेस और डिप्थीरिया) का टीका लगता है। गर्भवती महिलाओं को भी Td टीका दिया जाता है, जो मां और नवजात दोनों को टिटनेस से बचाता है। गर्भावस्था में मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी पढ़ें।
U-WIN पोर्टल और जरूरी सावधानियां
- U-WIN पोर्टल पर बच्चे का पंजीकरण कर टीकों का डिजिटल प्रमाणपत्र और अगली खुराक की जानकारी मिलती है।
- कोई खुराक छूट गई हो, तो नजदीकी आंगनवाड़ी, ANM या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। ज्यादातर टीके देर से भी लगाए जा सकते हैं।
- टीके के बाद हल्का बुखार या इंजेक्शन की जगह पर सूजन आम है। तेज बुखार, लगातार रोना या दौरे जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड संभालकर रखें और हर टीके की एंट्री कराएं।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सरकारी केंद्र पर टीकाकरण मुफ्त है?
हां, UIP में शामिल सभी टीके सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और टीका सत्रों में मुफ्त लगते हैं।
टीका छूट जाए तो क्या करें?
घबराएं नहीं। स्वास्थ्य कर्मी से मिलकर छूटी खुराक का नया समय तय कराएं।
क्या बीमार बच्चे को टीका लगवा सकते हैं?
हल्की सर्दी-जुकाम में आमतौर पर टीका लगाया जा सकता है, लेकिन तेज बुखार या गंभीर बीमारी में डॉक्टर की सलाह लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, यह चिकित्सीय सलाह नहीं है। राज्य के अनुसार कुछ टीकों में अंतर हो सकता है। अपने बच्चे के टीकों के लिए डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी से सलाह लें।
स्रोत: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम), WHO: टीके और टीकाकरण, U-WIN पोर्टल।





