PM Matru Vandana Yojana: सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। योजना का मकसद गर्भावस्था के दौरान पोषण स्वास्थ्य जांच और प्रसव के बाद मां-बच्चे की बेहतर देखभाल में मदद करना है।
पहले जीवित बच्चे के लिए पात्र महिला को कुल पांच हजार रुपये दो किस्तों में दिए जाते हैं। दूसरी संतान बेटी होने पर छह हजार रुपये एक किस्त में मिलते हैं। यह राशि सीधे बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में डीबीटी के जरिए भेजी जाती है। 31 जुलाई 2026 तक पांच करोड़ तेरह लाख लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं और चार करोड़ सैंतीस लाख को भुगतान किया जा चुका है। कुल बीस हजार पांच सौ इकहत्तर करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है।
PM Matru Vandana Yojana: पहले बच्चे पर मिलने वाली सहायता की शर्तें
पहले बच्चे के मामले में तीन हजार रुपये की पहली किस्त पाने के लिए गर्भावस्था का पंजीकरण और कम से कम दो एंटी-नेटल चेकअप पूरा करना जरूरी है। दूसरी किस्त के लिए बच्चे का जन्म पंजीकृत होना और चौदह सप्ताह तक का पहला टीकाकरण चक्र पूरा होना आवश्यक है। इन शर्तों को पूरा करने पर ही पूरी राशि खाते में पहुंचती है। स्वास्थ्य सेवाओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए ये प्रावधान रखे गए हैं।
दूसरी संतान बेटी होने पर विशेष लाभ
अगर महिला की दूसरी संतान बेटी है तो योजना के तहत छह हजार रुपये की सहायता दी जाती है। इसके लिए गर्भावस्था का पंजीकरण कम से कम दो एएनसी जांच बच्चे का जन्म पंजीकरण और चौदह सप्ताह तक का पहला टीकाकरण चक्र पूरा होना जरूरी है। यह राशि एक किस्त में भेजी जाती है। बेटी के जन्म को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह प्रावधान महत्वपूर्ण है।
किन महिलाओं को मिल सकता है योजना का लाभ
योजना हर गर्भवती महिला के लिए बिना शर्त नहीं है। पात्रता के लिए तय श्रेणियां हैं जिनमें अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाएं चालीस प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता वाली महिलाएं बीपीएल राशन कार्ड धारक आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई की लाभार्थी ई-श्रम कार्ड धारक पीएम-किसान लाभार्थी महिला किसान मनरेगा जॉब कार्ड धारक और एनएफएसए राशन कार्ड धारक शामिल हैं। परिवार की सालाना शुद्ध आय आठ लाख रुपये से कम होने पर भी निर्धारित शर्तों के तहत पात्रता हो सकती है।
PM Matru Vandana Yojana: आवेदन की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
पात्र महिला नजदीकी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या आशा कार्यकर्ता की मदद से ऑनलाइन आवेदन कर सकती है। सरकार के पीएमएमवीवाई पोर्टल के जरिए खुद भी आवेदन संभव है। बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते का आधार से लिंक होना जरूरी है क्योंकि राशि डीबीटी से भेजी जाती है। पहले से किसी समान मातृत्व लाभ का फायदा ले रही महिलाएं पात्र नहीं मानी जातीं। केवल गर्भवती होना अपने आप में लाभ की गारंटी नहीं है।
गर्भपात या मृत जन्म की स्थिति में प्रावधान
योजना में गर्भपात या मृत जन्म होने की स्थिति का भी ध्यान रखा गया है। ऐसी स्थिति में महिला को भविष्य की गर्भावस्था में नए लाभार्थी के रूप में पात्र माना जा सकता है बशर्ते वह उस समय योजना की निर्धारित शर्तों को पूरा करती हो। यह प्रावधान महिलाओं को बार-बार होने वाली परेशानी से राहत देने के लिए है। शर्तें पूरी होने पर ही नया लाभ शुरू होता है।
PM Matru Vandana Yojana: योजना का उद्देश्य और क्रियान्वयन
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं है। गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान जरूरी आराम और पोषण उपलब्ध कराने स्वास्थ्य सेवाओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और मां-बच्चे के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करना इसका लक्ष्य है। योजना को मिशन शक्ति के समर्थ्य हिस्से के तहत लागू किया जा रहा है। नियमित स्वास्थ्य जांच को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
लाभार्थियों की संख्या और वितरित राशि
सरकार के आंकड़ों के अनुसार 31 जुलाई 2026 तक योजना में पांच करोड़ तेरह लाख लाभार्थी पंजीकृत हुए हैं। इनमें से चार करोड़ सैंतीस लाख लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका है। कुल बीस हजार पांच सौ इकहत्तर करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है। ये आंकड़े योजना की पहुंच और प्रभाव को दर्शाते हैं। करोड़ों महिलाओं तक आर्थिक सहायता पहुंचाने में सफलता मिली है।
PM Matru Vandana Yojana: ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
योजना में ऐसा नहीं है कि हर महिला को हर महीने पांच या छह हजार रुपये मिलते हैं। यह मातृत्व लाभ योजना है जिसमें पात्रता और स्वास्थ्य संबंधी शर्तें पूरी करने पर ही सहायता दी जाती है। आवेदन से पहले अपनी पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जांच जरूर कर लें। सही जानकारी से लाभ लेने में आसानी होती है और गलत अपेक्षाओं से बचा जा सकता है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहारा देने वाली महत्वपूर्ण सरकारी पहल है। पहले बच्चे पर पांच हजार रुपये दो किस्तों में और दूसरी संतान बेटी होने पर छह हजार रुपये एक किस्त में दिए जाते हैं।
पात्रता के लिए एससी एसटी बीपीएल आयुष्मान भारत ई-श्रम पीएम-किसान मनरेगा जैसी श्रेणियां तय हैं। आवेदन आंगनवाड़ी आशा या पोर्टल से किया जा सकता है। 31 जुलाई 2026 तक पांच करोड़ तेरह लाख लाभार्थी पंजीकृत और बीस हजार पांच सौ इकहत्तर करोड़ रुपये वितरित हो चुके हैं। योजना मां और बच्चे के स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है।
Read More Here
- Uttarakhand News: उत्तराखंड में 10 नए स्टार्टअप आइडिया का चयन, युवाओं को मिलेंगे दो-दो लाख रुपये
- KVS NVS Tier 2 Result 2026 जारी, PGT फिजिक्स समेत वाइस प्रिंसिपल और स्टेनोग्राफर का रिजल्ट घोषित; ऐसे चेक करें स्कोरकार्ड
- West Bengal Ammonia Gas Leak: पश्चिम बंगाल की बर्फ फैक्ट्री में जहरीली अमोनिया गैस का रिसाव, 25 लोग अस्पताल में भर्ती; गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर टायर जलाकर किया प्रदर्शन
- Odisha News: ओडिशा में खनन कानून संशोधन पर सियासी घमासान, नवीन पटनायक ने मांगा विधानसभा का विशेष सत्र

Leave a Reply