Weight Loss Medicine Effect on Hair: आजकल बढ़ते वजन और झड़ते बाल दोनों ही आम समस्या बन गए हैं। शारीरिक बनावट सुधारने और वजन नियंत्रित करने के लिए कई लोग वजन घटाने वाली दवाओं का सहारा ले रहे हैं। हाल के दिनों में ओजेम्पिक जैसी जीएलपी-1 वर्ग की एंटी-ओबेसिटी दवाएं लेने वाले मरीजों में बालों के अत्यधिक झड़ने की शिकायतें तेजी से सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि क्या ये दवाएं बालों की जड़ों को कमजोर कर रही हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह अचानक गिरना बीमारी का सीधा दुष्परिणाम नहीं बल्कि तेजी से घटे वजन और पोषण की कमी का नतीजा है। इस स्थिति को ओजेम्पिक हेयर कहा जा रहा है जो शरीर पर पड़ने वाले मेटाबॉलिक असर को दर्शाता है।

दवाएं सीधे बालों को नुकसान नहीं पहुंचातीं

वजन घटाने वाली दवाओं के बाद बालों के अत्यधिक टूटने की समस्या ने चिकित्सा जगत और आम लोगों दोनों का ध्यान खींचा है। लोग बाल धोते, कंघी करते या तकिए पर गुच्छों में बाल टूटते देख रहे हैं। मेडिकल अध्ययनों के अनुसार ओजेम्पिक या अन्य जीएलपी-1 दवाएं सीधे बालों के फॉलिकल्स यानी जड़ों को नुकसान नहीं पहुंचातीं। इसके विपरीत जब इन दवाओं से वजन बहुत तेजी से कम होता है तो शरीर मेटाबॉलिक शॉक से गुजरता है। भोजन का सेवन कम होने से जरूरी पोषक तत्वों की अचानक कमी हो जाती है। इससे बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं। तेजी से वजन घटना मुख्य कारण बनता है।

Weight Loss Medicine Effect on Hair: टेलोजन एफ्लुवियम क्या है समझें

चिकित्सा क्षेत्र में इस स्थिति को टेलोजन एफ्लुवियम कहा जाता है। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर चर्चित ओजेम्पिक हेयर कोई नई बीमारी नहीं है। यह टेलोजन एफ्लुवियम नामक जानी-मानी मेडिकल कंडीशन का रूप है। जब शरीर अचानक बड़े शारीरिक तनाव, गंभीर बीमारी या बहुत तेजी से वजन घटने की प्रक्रिया से गुजरता है तो सिर के कई बाल विकास चरण यानी एनाजन फेज छोड़कर समय से पहले विश्राम चरण यानी टेलोजन फेज में चले जाते हैं। कुछ हफ्तों या महीनों बाद ये बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। राहत की बात यह है कि यह स्थिति आमतौर पर अस्थायी होती है। शरीर संभलने पर बाल वापस आ जाते हैं।

शोध में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए

हाल ही में पबमेड सेंट्रल में प्रकाशित एक शोध अध्ययन ने इस समस्या के विस्तार पर चौंकाने वाले तथ्य पेश किए हैं। रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक असल जिंदगी में जीएलपी-1 श्रेणी की वजन घटाने वाली दवाओं का इस्तेमाल करने वाले करीब सत्तर प्रतिशत लोगों में किसी न किसी स्तर पर बाल झड़ने की समस्या देखी गई। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय अनुमानों में यह आंकड़ा पच्चीस से तैंतीस प्रतिशत के बीच माना जा रहा था। कई मरीजों ने स्कैल्प ज्यादा दिखने, बालों की मांग चौड़ी होने और रोजाना सामान्य से कई गुना ज्यादा बाल गिरने जैसी समस्याएं दर्ज कराई हैं। आंकड़े समस्या की गंभीरता बताते हैं।

Weight Loss Medicine Effect on Hair: बिना सलाह दवा लेने से बढ़ता है खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति के पीछे सबसे बड़ी वजह लोगों की लापरवाही है। आजकल कई लोग बिना विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लिए या जरूरी मेडिकल टेस्ट कराए सोशल मीडिया से प्रभावित होकर सीधे ये दवाएं शुरू कर देते हैं। हर व्यक्ति के शरीर की बनावट, चयापचय दर, अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियां और पोषण जरूरतें अलग-अलग होती हैं। बिना उचित डॉक्टरी सलाह के शक्तिशाली वजन घटाने वाली दवाओं का सेवन करने से न सिर्फ बाल झड़ने का खतरा बढ़ता है बल्कि लिवर, किडनी और पाचन तंत्र से जुड़ी अन्य गंभीर समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। सतर्कता जरूरी है।

बालों की सुरक्षा के लिए क्या करें?

वजन घटाने के सफर में बालों की सुरक्षा के लिए कुछ बुनियादी और प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वजन हमेशा संतुलित और प्राकृतिक गति से ही घटाया जाना चाहिए। आहार में प्रोटीन, जिंक, बायोटिन, आयरन और विटामिन डी जैसे जरूरी पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा बनाए रखें। बिना प्रशिक्षित डॉक्टर के मार्गदर्शन के कोई भी वेट लॉस सप्लीमेंट या इंजेक्शन शुरू न करें। अगर दवा शुरू करने के बाद बाल गिरने लगें तो घबराएं नहीं। चिकित्सक से संपर्क कर डाइट प्लान में जरूरी सुधार कराएं। पोषण पर ध्यान दें।

Weight Loss Medicine Effect on Hair: दवाओं के बजाय सुरक्षित रास्ता अपनाएं

वजन नियंत्रित करना स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा है लेकिन इसके लिए सेहत के अन्य पहलुओं को जोखिम में डालना समझदारी नहीं। वजन घटाने की दवाओं का असर सिर्फ चर्बी कम करने तक सीमित नहीं रहता। यह शरीर की समग्र प्रणाली को प्रभावित करता है। केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित खान-पान और नियमित व्यायाम का रास्ता चुनना ज्यादा सुरक्षित होता है। अगर दवाओं का उपयोग कर भी रहे हैं तो डॉक्टर की देखरेख में पर्याप्त पोषण लेते रहें। इससे बिना बाल गंवाए और बिना साइड इफेक्ट के फिटनेस गोल हासिल किया जा सकता है। धैर्य रखें।

वजन घटाने वाली दवाओं खासकर ओजेम्पिक जैसी जीएलपी-1 दवाओं से बाल झड़ने की शिकायतें बढ़ी हैं। यह सीधे दवा का असर नहीं बल्कि तेजी से वजन घटने और पोषण कमी से होने वाला टेलोजन एफ्लुवियम है। शोध में सत्तर प्रतिशत उपयोगकर्ताओं में समस्या देखी गई। बिना डॉक्टर सलाह दवा लेना खतरनाक हो सकता है। संतुलित गति से वजन घटाएं, पोषक तत्व पूरे रखें और चिकित्सकीय निगरानी में रहें। दवाओं के बजाय स्वस्थ आहार और व्यायाम अपनाकर सुरक्षित तरीके से लक्ष्य हासिल करें। सेहत के हर पहलू का ध्यान रखना जरूरी है।

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