Hair Care Tips: बाल झड़ने, रूखेपन या डैंड्रफ पर सबसे महंगा शैंपू उठा लेना आम प्रतिक्रिया है। डर्मेटोलॉजिस्ट का कहना है कि दाम और क्वालिटी का सीधा नाता जरूरी नहीं। महंगा शैंपू तब तक फायदा नहीं देता, जब तक वह बाल की जरूरत से मेल न खाए। कई बार सादा और सस्ता शैंपू भी काम कर जाता है।
स्किन और हेयर एक्सपर्ट विज्ञापन और ब्रांड नाम की जगह बोतल के पीछे इंग्रीडिएंट पढ़ने को कहते हैं। महंगाई अक्सर नाम, पैकिंग और खुशबू से जुड़ी बताई गई है। सल्फेट और पैराबेन जल्दी साफ करते हैं, लेकिन प्राकृतिक तेल घटाकर बाल रूखे, बेजान और टूटने वाले बना सकते हैं। सलाह सल्फेट फ्री और पैराबेन फ्री लेबल की है।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी की रिसर्च के हवाले से सही शैंपू वह है जो स्कैल्प टाइप से मेल खाए। स्कैल्प का पीएच लगभग 4.5 से 5.5 बताया गया है। लगाने का तरीका अलग है। सूखे बालों पर सीधे न लगाएं और बहुत गर्म पानी से न धोएं।
Hair Care Tips: इंग्रीडिएंट लिस्ट में क्या देखना है?
एक्सपर्ट के मुताबिक खरीद से पहले केमिकल देखें। सल्फेट और पैराबेन तुरंत सफाई करते हैं। धीरे धीरे प्राकृतिक तेल घटता है। बाल रूखे और कमजोर होकर टूट सकते हैं। इसलिए सल्फेट फ्री और पैराबेन फ्री लिखा शैंपू चुनें।
ब्रांडेड महंगे शैंपू में झाग और खुशबू के लिए सिंथेटिक केमिकल मिलाने की बात है। रिसर्च का उल्लेख है कि ये लंबे समय में स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अध्ययन का नाम स्रोत में नहीं है। दावा इसी सीमा तक है।
विकल्प में आंवला, रीठा, शिकाकाई, एलोवेरा, भृंगराज, नारियल तेल और टी ट्री ऑयल लिखे हैं। इन्हें घरों में इस्तेमाल होने वाली चीजें बताया गया है, जो बिना नुकसान पोषण दें और जड़ मजबूत करें। हर हर्बल लेबल अपने आप सही हो, यह स्रोत अलग से साबित नहीं करता।
ऑयली और ड्राई स्कैल्प पर शैंपू कैसे चुनें?
अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार सही शैंपू स्कैल्प टाइप से मैच करे। हर बाल एक जैसे नहीं। किसी के सिर में तेल ज्यादा बनता है, किसी की स्कैल्प रूखी होती है।
ऑयली स्कैल्प पर ड्राई बाल वाला महंगा शैंपू लगाने से बाल और चिपचिपे हो सकते हैं। रूखे बालों पर ऑयली स्कैल्प वाला शैंपू बाल और रूखे कर सकता है। कीमत टैग की जगह स्कैल्प टाइप देखें।
गलत मिलान महंगे डिब्बे का असर काट देता है। सही टाइप का सस्ता शैंपू बेहतर पड़ सकता है। एक घर में दो लोगों को अलग बोतल चाहिए, यह इसी फर्क से निकलता है।
स्कैल्प का पीएच क्यों मायने रखता है?
साइंटिफिक स्टडीज के हवाले से स्कैल्प का प्राकृतिक संतुलन पीएच लेवल कहा गया है। स्तर लगभग 4.5 से 5.5। कठोर केमिकल यह बैलेंस बिगाड़ते हैं। खुजली, रूखापन और डैंड्रफ शुरू हो सकते हैं।
एक्सपर्ट के मुताबिक अच्छा शैंपू यह बैलेंस बनाए रखे, चाहे कीमत 100 रुपये हो या 1,000 रुपये। दाम यहां मापदंड नहीं है। लेबल पर पीएच हर बोतल पर छपा हो, यह स्रोत नहीं कहता।
खुजली बढ़े तो शैंपू बदलने से पहले डॉक्टर दिखाना अलग फैसला है। लेख केवल पीएच और कठोर केमिकल का संबंध बताता है।
Hair Care Tips: शैंपू लगाने का तरीका क्या बताया गया है?
हेयर केयर एक्सपर्ट मानते हैं कि सबसे महंगा शैंपू भी गलत तरीके से लगाने पर फायदा नहीं देता। सूखे बालों पर सीधे न लगाएं। पहले सादे पानी से गीला करें।
थोड़ा शैंपू हाथ में लें, थोड़ा पानी मिलाएं, केवल स्कैल्प पर हल्के हाथों से रगड़ें। लंबाई पर अलग से घिसने की जरूरत नहीं बताई गई। धोते समय झाग पूरे बाल साफ कर देता है।
बहुत गर्म पानी से न धोएं। स्रोत इसे बाल झड़ने से जोड़ता है। तरीका कीमत से स्वतंत्र है। इंग्रीडिएंट, स्कैल्प टाइप, पीएच और गीला करके स्कैल्प पर लगाना। चारों मिलें तो फैसला दाम से नहीं होगा।
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