Premanand Maharaj News: मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्था बदल दी गई है। 25 वर्षीय साधक गऊ कृपा कुंज आश्रम की छत से गिरकर मरे। पुलिस जांच कर रही है कि वे खुद कूदे या धक्का लगा। शुरुआती दिशा आत्मघात के कोण की बताई गई है।
केली कुंज में दीक्षा अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई है। टोकन वाले दर्शन बंद हैं। यमुना विहार कुंज बेलवान में भी दीक्षित भक्तों का दर्शन रोक दिया गया है। सूचना सेवादारों की ओर से दी गई है। प्रेमानंद महाराज इस आश्रम में नहीं रहते, यह भी रिपोर्ट में साफ है।
केली कुंज में वस्त्रों के नियम भी कड़े किए गए हैं। व्यवसाय से जुड़े शिष्यों और सेवा में लगे गृहस्थों के लिए सामान्य वस्त्र या कुर्ता पायजामा बताया गया है। सफेद वस्त्र केवल उन्हीं विरक्त शिष्यों के लिए रखे गए हैं जो महाराज या केली कुंज की सेवा में हैं।
Premanand Maharaj News: गऊ कृपा कुंज में क्या हुआ?
घटना वृंदावन के वराह घाट मार्ग पर गऊ कृपा कुंज आश्रम की छत से जुड़ी है। रसिक दुलारी शरण संत प्रेमानंद के साधक यानी परिकर बताए गए हैं। शांत साधना के लिए वृंदावन आए 25 वर्षीय युवक की मौत से सवाल उठे हैं। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
रिपोर्ट में शरीर पर चोट का जिक्र है। विस्तार पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निर्भर है। यहां चोट का ब्योरा दोहराना जरूरी नहीं। जांच का सवाल साफ है। गिरना खुद की कार्रवाई थी या किसी का धक्का। पुलिस फिलहाल आत्मघात के कोण से देख रही है। यह शुरुआती दिशा है, अंतिम निष्कर्ष नहीं।
आश्रम पर जांच पहुंची, यह भी दर्ज है। प्रेमानंद महाराज का निवास इसी आश्रम में नहीं बताया गया। इसलिए घटना और उनके रोज के दर्शन वाले स्थान को एक न मानें। नाम जुड़ा है, ठिकाना अलग बताया गया है।
दर्शन और दीक्षा पर क्या रोक लगी?
शिष्य की मौत के बाद केली कुंज आश्रम में दीक्षा का कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया। टोकन से होने वाले दर्शन पर भी रोक है। यमुना विहार कुंज बेलवान में दीक्षित भक्तों को दर्शन मिलता था। वहां भी अब दर्शन बंद बताए गए हैं।
जानकारी आश्रम में सेवा दे रहे सेवादारों ने भक्तों को दी। लिखित सूचना भी सामने आई है। पहले जैसी व्यवस्था फिलहाल नहीं रहेगी। भक्तों के लिए इसका सीधा मतलब है कि बिना नई सूचना के टोकन या दीक्षा की योजना न बनाएं।
रोक कब हटेगी, यह नोटिस में नहीं है। अनिश्चितकाल शब्द दीक्षा पर लिखा गया है। दर्शन की रोक भी सेवादारों की सूचना पर आधारित है। आधिकारिक तारीख वापसी की इस रिपोर्ट में नहीं है।
Premanand Maharaj News: केली कुंज में वस्त्र के नए नियम क्या हैं?
पिछले दिनों की घटना को देखते हुए संत प्रेमानंद ने कदम उठाए, ऐसा रिपोर्ट में है। नोटिस शिष्यों की वेशभूषा पर है। जो शिष्य विरक्त या गृहस्थ हैं और ठेला या दुकान जैसा व्यवसाय चलाते हैं, उन्हें सामान्य वस्त्र या कुर्ता पायजामा पहनने को कहा गया है।
जो गृहस्थ शिष्य महाराज या केली कुंज की सेवा में जुड़े हैं, उनके लिए भी सामान्य वस्त्र या कुर्ता पायजामा अनिवार्य किया गया है। सफेद वस्त्र की अनुमति केवल उन विरक्त शिष्यों को है जो महाराज की सेवा या केली कुंज की व्यवस्था और सेवा में लगे हैं।
केली कुंज आने वाले भक्तों को यह फर्क दिखेगा। नियम सेवा और व्यवसाय के हिसाब से बांटे गए हैं। सफेद वस्त्र अब हर शिष्य का चिह्न नहीं रहा। केवल सेवा में लगे विरक्त शिष्यों तक सीमित बताया गया है।
पुलिस जांच किस दिशा में है?
सूचना पर पुलिस पहुंची। शव पोस्टमार्टम गया। फॉरेंसिक टीम बुलाई गई। शुरुआती जांच आत्मघात के कोण से चल रही है। खुद कूदने या धक्का दिए जाने का सवाल खुला है। अंतिम राय मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद बनेगी।
संबंधित खबर में परिवार का दावा है कि मिलने तक नहीं दिया गया। यह परिवार का बयान है, पुलिस की पुष्टि इस मुख्य रिपोर्ट में नहीं है। दोनों बातें अलग रखनी चाहिए। एक जांच का कोण है, दूसरी परिजन की शिकायत।
प्रेमानंद महाराज वृंदावन के चर्चित संत हैं। भक्त दर्शन के लिए आते हैं। कई दीक्षा लेकर शिष्य बनते हैं। रसिक दुलारी भी शिष्य थे। मौत के बाद व्यवस्था बदलना आश्रम का तात्कालिक जवाब है। कानूनी नतीजा अदालत और पुलिस के कागजों में रहेगा।
Premanand Maharaj News: भक्तों को अब क्या ध्यान रखना चाहिए?
टोकन दर्शन और दीक्षा की पुरानी योजना फिलहाल नहीं चलेगी। केली कुंज, गऊ कृपा कुंज और यमुना विहार कुंज बेलवान का जिक्र अलग अलग है। भक्त को जगह का नाम पढ़कर जाना चाहिए। एक आश्रम की रोक दूसरे पर अपने आप लागू मान लेना रिपोर्ट से साबित नहीं होता।
वस्त्र नियम केली कुंज के नोटिस से जुड़े हैं। व्यवसाय वाले और सेवा वाले गृहस्थ सामान्य कपड़े या कुर्ता पायजामा पहनें। सफेद वस्त्र केवल सेवा में लगे विरक्त शिष्यों के लिए बताए गए हैं। बाहर से आने वाले भक्त सेवादारों की ताजा सूचना देखें।
मामला संदिग्ध गिरने का है। पुलिस आत्मघात का कोण देख रही है और धक्के की आशंका भी जांच में है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक बाकी हैं। आश्रम ने दर्शन, दीक्षा और वेशभूषा बदली है। भक्तों की भीड़ वाली पुरानी तस्वीर फिलहाल नहीं रहेगी।
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