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West Bengal Ammonia Gas Leak: पश्चिम बंगाल की बर्फ फैक्ट्री में जहरीली अमोनिया गैस का रिसाव, 25 लोग अस्पताल में भर्ती; गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर टायर जलाकर किया प्रदर्शन

West Bengal Ammonia Gas Leak
West Bengal Ammonia Gas Leak: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में रविवार देर रात एक गंभीर औद्योगिक दुर्घटना सामने आई। हाड़ोवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत शापुकुर इलाके में संचालित एक स्थानीय बर्फ कारखाने (Ice Factory) से अचानक जहरीली अमोनिया गैस का बड़े पैमाने पर रिसाव हो गया। घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र के समीप स्थित इस कारखाने से गैस का रिसाव होते ही समूचे इलाके में हड़कंप मच गया और जहरीले धुएं के प्रभाव से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत कम से कम 25 ग्रामीण गंभीर रूप से बीमार पड़ गए।
घटना के तुरंत बाद प्रभावित ग्रामीणों को आंखों में तीव्र जलन, सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ और लगातार खांसी की शिकायत के बाद हाड़ोवा ग्रामीण अस्पताल में आपातकालीन उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। इस लापरवाही भरी घटना से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने कारखाने को तत्काल स्थायी रूप से बंद करने और प्रबंधन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्य सड़क पर टायर जलाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

West Bengal Ammonia Gas Leak: रविवार रात 9:30 बजे अचानक हुआ गैस रिसाव और गांव में मची अफरा-तफरी

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा रविवार रात करीब 09:30 बजे हुआ, जब अधिकांश ग्रामीण अपने घरों में भोजन कर रहे थे या सोने की तैयारी में थे। शापुकुर स्थित बर्फ निर्माण संयंत्र के आंतरिक स्टोरेज टैंक या कूलिंग पाइपलाइन से अचानक अमोनिया गैस का तीव्र रिसाव शुरू हो गया।
चूंकि उस समय हवा की दिशा रिहायशी बस्तियों की ओर थी, इसलिए कुछ ही मिनटों के भीतर बदबूदार और तीखी गैस का सफेद बादल आसपास के घरों में फैल गया। वातावरण में गैस की सांद्रता बढ़ते ही लोगों का दम घुटने लगा और आंखों में असहनीय जलन होने लगी। कई छोटे बच्चे घबराहट में रोने लगे और बुजुर्गों को सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सैकड़ों ग्रामीण अपने घरों को छोड़कर खुले खेतों और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हो गए।

अस्पताल में 25 ग्रामीण भर्ती, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

हादसे की सूचना मिलते ही हाड़ोवा पुलिस स्टेशन की पेट्रोलिंग टीम और दमकल विभाग की गाड़ियां तत्परता से मौके पर पहुंचीं। पुलिस और स्थानीय युवाओं ने मिलकर गंभीर रूप से प्रभावित 25 लोगों को एंबुलेंस और निजी वाहनों के माध्यम से हाड़ोवा ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि भर्ती मरीजों में प्राथमिक रूप से तीव्र श्वसन संकट (Respiratory Distress), गले में खराश और कंजंक्टिवाइटिस जैसे लक्षण देखे गए हैं। सभी मरीजों को नेबुलाइजेशन, ऑक्सीजन सपोर्ट और जरूरी दवाएं दी गई हैं। राहत की बात यह है कि प्राथमिक उपचार के बाद सभी की स्थिति स्थिर और खतरे से बाहर बताई गई है, हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें सतत चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

आक्रोशित ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन: बेड़ाचांपा-हाड़ोवा मार्ग पर टायर जलाकर किया चक्का जाम

गैस रिसाव की खबर फैलते ही शापुकुर और आसपास के गांवों के सैकड़ों नागरिक सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित ग्रामीणों ने बेड़ाचांपा-हाड़ोवा मुख्य मार्ग को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया और बीच सड़क पर टायर व लकड़ी जलाकर कारखाना प्रबंधन तथा स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह बर्फ कारखाना पूरी तरह से घनी आबादी के बीच अवैध और असुरक्षित तरीके से संचालित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि इससे पूर्व भी इस इकाई से कई बार हल्की गैस लीक होने की घटनाएं हो चुकी थीं, जिसकी लिखित शिकायतें स्थानीय पंचायत और प्रशासन को दी गई थीं, किंतु कोई ठोस निवारक कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक इस संयंत्र का लाइसेंस रद्द कर इसे स्थायी रूप से सील नहीं किया जाता, तब तक वे अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।

दमकल और पुलिस ने नियंत्रित किया रिसाव, तकनीकी जांच शुरू

पश्चिम बंगाल अग्निशमन सेवा के विशेष सुरक्षा दस्ते ने रासायनिक सुरक्षा किट और ब्रीदिंग एपरेटस पहनकर कारखाने के भीतर प्रवेश किया और मुख्य वाल्व को बंद कर लीकेज को पूरी तरह नियंत्रित किया। इसके साथ ही हवा में अमोनिया के प्रभाव को निष्क्रिय करने के लिए परिसर में पानी की बौछारें (वाटर कर्टेन) की गईं।
उत्तर 24 परगना जिला प्रशासन ने इस मामले की विस्तृत तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि रेफ्रिजरेशन कंप्रेसर के पुराने हो चुके वॉल्व अथवा जर्जर अमोनिया गैस सिलेंडर में आए क्रैक के कारण यह रिसाव हुआ। पुलिस ने कारखाना मालिक और ड्यूटी पर मौजूद ऑपरेटरों के खिलाफ गैर-इरादतन मानव जीवन को खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

West Bengal Ammonia Gas Leak: औद्योगिक सुरक्षा और घनी आबादी में चल रही इकाइयों पर नीतिगत सवाल

पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों में मछली प्रसंस्करण और खाद्य संरक्षण के लिए चलने वाली बर्फ फैक्टरियों व कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस का उपयोग रेफ्रिजरेंट के रूप में अनिवार्य रूप से किया जाता है। अमोनिया एक अत्यधिक विषैली और संक्षारक (Corrosive) गैस है, जो सीधे फेफड़ों और आंखों के टिश्यूज को नुकसान पहुंचाती है।
पर्यावरण और औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आबादी वाले क्षेत्रों के 500 मीटर के दायरे में ऐसे खतरनाक गैस आधारित संयंत्रों के संचालन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इसके अलावा, सभी चालू इकाइयों का हर तीन महीने में अनिवार्य प्रेशर-टेस्टिंग, गैस लीकेज सेंसर और ऑटो-कटऑफ वॉल्व का सेफ्टी ऑडिट होना चाहिए। हाड़ोवा की इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक एजेंसियों को औद्योगिक सुरक्षा नियमों के कड़ाई से अनुपालन की आवश्यकता याद दिला दी है।

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लेखक

Netsha Singh

नेत्शा सिंह डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं। वे सरकारी योजनाओं, आपका पैसा, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल न्यूज़ लेखन में उन्हें लगभग एक साल का अनुभव है; इससे पहले वे खबर नगरी और ऑनलाइन ताज़ा खबर के साथ काम कर चुकी हैं और यूट्यूब पर समसामयिक विषयों पर कंटेंट भी बनाती हैं।

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