ताज़ा खबर
आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं: पात्रता जांच, आधार e-KYC और डाउनलोड की पूरी प्रक्रिया Anaj Mandi Price 10 October 2026: गेहूं, धान, मक्का और बाजरा के ताजा भाव, जानें किसानों को क्या मिल रहा रेट आदर्श आचार संहिता क्या है: कब लागू होती है, किन कामों पर रोक रहती है और उल्लंघन पर क्या होता है वोटर लिस्ट में नाम कैसे चेक करें: ऑनलाइन तरीका, वोटर हेल्पलाइन ऐप और नाम न मिलने पर फॉर्म 6 राज्यसभा चुनाव कैसे होता है: विधायकों की वोटिंग, कोटा फॉर्मूला और खुला मतदान, पूरी प्रक्रिया समझें प्रिस्क्रिप्शन दवा के विज्ञापन पर सख्ती का प्रस्ताव: रिटेलर और डिस्ट्रीब्यूटर को भी लेनी होगी केंद्र की मंजूरी Sugar Price Today 10 October 2026: चीनी का भाव ₹55.34 किलो, जानें थोक रेट और नया अपडेट सोने-चांदी के खरीदारी से पहले जानें 22 और 24 कैरेट गोल्ड का रेट
ट्रेंडिंग
भारत

Odisha News: ओडिशा में खनन कानून संशोधन पर सियासी घमासान, नवीन पटनायक ने मांगा विधानसभा का विशेष सत्र

Odisha News: ओडिशा में खनन कानून संशोधन पर सियासी घमासान, नवीन पटनायक ने मांगा विधानसभा का विशेष सत्र
Odisha News

सारांश

  • Odisha News: संसद ने माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन संशोधन विधेयक 2026 पारित कर दिया है।
  • नए कानून के जरिए खनिजों के निष्कर्षण और प्रबंधन का अधिकार केंद्र सरकार के पास आ गया है।
  • नए कानून को केंद्र और राज्यों के बीच संतुलन बिगड़ने वाला कदम माना जा रहा है।
  • विधेयक को संसद के दोनों सदनों ने 13 अगस्त को पारित किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने के बाद यह अधिनियम बन गया।

Odisha News: संसद ने माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन संशोधन विधेयक 2026 पारित कर दिया है। दोनों सदनों से 13 अगस्त को पास होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलते ही यह कानून बन गया। इस संशोधन से खनिजों के दोहन और प्रबंधन का नियंत्रण केंद्र सरकार के हाथ में चला गया है।

भारत के सबसे खनिज संपन्न राज्यों में शामिल ओडिशा में इस फैसले को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। राज्य के राजस्व पर असर और केंद्र-राज्य संबंधों में खिंचाव की आशंका जताई जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री मोहन चरण मजही को पत्र लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। विपक्षी दल इसे राज्य के लिए संभावित वित्तीय संकट बता रहे हैं।

Odisha News: संशोधन विधेयक क्या लाया बदलाव

नए कानून के जरिए खनिजों के निष्कर्षण और प्रबंधन का अधिकार केंद्र सरकार के पास आ गया है। पहले राज्यों को अपने खनिज संसाधनों पर ज्यादा नियंत्रण हासिल था। संशोधन के बाद यह व्यवस्था बदल गई। ओडिशा जैसे खनिज बहुल राज्य में इस बदलाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इसे राज्यों के अधिकारों में कटौती मान रहा है। कानून लागू होने के बाद राज्य सरकारों की भूमिका सीमित होने की आशंका जताई जा रही है।

ओडिशा में क्यों मचा है बवाल

ओडिशा देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शुमार है। खनन से होने वाली आय राज्य के राजस्व का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। नए कानून से इस आय पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विपक्षी दल इसे राज्य की वित्तीय सेहत के लिए खतरा बता रहे हैं। बीजू जनता दल समेत विपक्षी दल इसे संभावित वित्तीय आपदा करार दे रहे हैं। राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जा रहा है।

Odisha News: नवीन पटनायक का मुख्यमंत्री को पत्र

अगस्त के दूसरे सप्ताह में पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री मोहन चरण मजही को पत्र लिखा। उन्होंने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। सामान्य आपदा या किसी असाधारण घटना के बिना भी उन्होंने इस मुद्दे को इतना महत्वपूर्ण बताया। बीजेडी के नेतृत्व में विपक्ष इस मांग को जोरशोर से उठा रहा है। पत्र में राज्य के हितों की रक्षा पर जोर दिया गया है।

केंद्र-राज्य संबंधों पर पड़ने वाला प्रभाव

नए कानून को केंद्र और राज्यों के बीच संतुलन बिगड़ने वाला कदम माना जा रहा है। खनिज संसाधनों पर केंद्र का नियंत्रण बढ़ने से राज्यों की स्वायत्तता प्रभावित होने की आशंका है। ओडिशा में राजनीतिक दल इस पहलू पर खासतौर पर चर्चा कर रहे हैं। कई हितधारक इसे संघीय ढांचे पर असर डालने वाला बदलाव बता रहे हैं। राज्य सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग उठ रही है।

Odisha News: विपक्ष का रुख और राजनीतिक सरगर्मी

बीजेडी समेत विपक्षी दल इस संशोधन को राज्य के लिए गंभीर चुनौती बता रहे हैं। उन्होंने इसे वित्तीय संकट पैदा करने वाला फैसला करार दिया है। विधानसभा में चर्चा कराने की मांग जोर पकड़ रही है। राजनीतिक हलकों में कहा जा रहा है कि राज्य की आय पर सीधा असर पड़ सकता है। विपक्ष सरकार से ठोस जवाब मांग रहा है। पूरे प्रकरण ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है।

कानून बनने की प्रक्रिया और समय

विधेयक को संसद के दोनों सदनों ने 13 अगस्त को पारित किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने के बाद यह अधिनियम बन गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ओडिशा में प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं। राज्य सरकार पर इस मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा कराने का दबाव बढ़ रहा है। राजनीतिक दल इसे प्राथमिकता का विषय बता रहे हैं।

Odisha News: आगे की संभावनाएं और राज्य का रुख

ओडिशा सरकार पर अब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का दबाव है। विपक्ष लगातार इस मांग को उठा रहा है। खनिज समृद्ध राज्य होने के नाते ओडिशा के लिए यह मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र के नए कानून के बाद राज्य की राजस्व व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। राजनीतिक दलों के बीच चर्चा जारी रहने की संभावना है। राज्य के हितों को लेकर आगे और बहस हो सकती है।

माइंस एंड मिनरल्स संशोधन विधेयक 2026 के कानून बनने के बाद ओडिशा में राजनीतिक और आर्थिक चिंताएं बढ़ गई हैं। खनिजों के दोहन और प्रबंधन पर केंद्र का नियंत्रण स्थापित होने से राज्य के राजस्व पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री मोहन चरण मजही को पत्र लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। विपक्षी दल इसे राज्य के लिए संभावित वित्तीय संकट बता रहे हैं। केंद्र-राज्य संबंधों पर भी इसके प्रभाव की चर्चा हो रही है। ओडिशा जैसे खनिज संपन्न राज्य के लिए यह मुद्दा आने वाले दिनों में और महत्वपूर्ण बना रह सकता है।

यह भी पढ़ें

लेखक

Adarsh Pandey

आदर्श पांडेय डेमोक्रेटिक भारत लाइव में न्यूज़ राइटर हैं। वे देश की ताजा खबरें, आपका पैसा (कारोबार), मनोरंजन और लाइफस्टाइल से जुड़े विषय कवर करते हैं। डिजिटल मीडिया में उन्हें एक साल से अधिक का अनुभव है।

टिप्पणियां (2)

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X