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प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में आवेदन कैसे करें: असंगठित मजदूरों के लिए 3000 रुपये पेंशन, पात्रता और अंशदान

PM-SYM क्या है, असंगठित क्षेत्र के 18 से 40 साल के मजदूर, मासिक आय की सीमा, उम्र के हिसाब से अंशदान और सरकार का बराबर योगदान, CSC या मानधन पोर्टल से पंजीकरण, बाहर निकलने और पारिवारिक पेंशन के नियम।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की जानकारी का ग्राफिक
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सारांश

  • रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, रिक्शा चालक, निर्माण मजदूर, दर्जी और खेतिहर मजदूर जैसे असंगठित क्षेत्र के करोड़ों लोगों के पास बुढ़ापे के लिए कोई पेंशन नहीं होती।
  • मजदूर 18 से 40 साल की उम्र में योजना से जुड़ता है और 60 साल की उम्र तक हर महीने एक तय रकम जमा करता है।
  • maandhan.in पोर्टल पर स्व-पंजीकरण की सुविधा भी दी गई है।
  • पेंशन शुरू होने के बाद पेंशनधारी की मृत्यु होने पर उसके पति या पत्नी को पेंशन का आधा हिस्सा, यानी 1500 रुपये महीना, पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलता है।

रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, रिक्शा चालक, निर्माण मजदूर, दर्जी और खेतिहर मजदूर जैसे असंगठित क्षेत्र के करोड़ों लोगों के पास बुढ़ापे के लिए कोई पेंशन नहीं होती। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना यानी PM-SYM ऐसे लोगों के लिए स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। इसमें 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपये की पेंशन मिलती है। जानिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में आवेदन कैसे करें।

योजना कैसे काम करती है

मजदूर 18 से 40 साल की उम्र में योजना से जुड़ता है और 60 साल की उम्र तक हर महीने एक तय रकम जमा करता है। उतनी ही रकम केंद्र सरकार भी उसके पेंशन खाते में जमा करती है। 60 साल पूरे होने पर 3000 रुपये महीना पेंशन शुरू होती है। योजना श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की है और इसका प्रबंधन LIC करता है।

मुख्य बातें: प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की जानकारी का ग्राफिक
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पात्रता

  • असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर
  • उम्र 18 से 40 साल
  • मासिक आय 15,000 रुपये तक
  • आधार और बचत बैंक खाता या जन धन खाता
  • आवेदक EPFO, ESIC या राष्ट्रीय पेंशन योजना का सदस्य न हो और आयकर न देता हो

कितना अंशदान

मासिक अंशदान जुड़ने की उम्र पर निर्भर करता है। पोर्टल के अनुसार यह 18 साल की उम्र में 55 रुपये और 40 साल की उम्र में 200 रुपये महीना है। बीच की उम्र के लिए रकम इन दोनों के बीच होती है। अपनी उम्र के हिसाब से सटीक रकम पोर्टल के चार्ट में देखें।

यह भी पढ़ें: ई-श्रम कार्ड: असंगठित कामगारों का मुफ्त पंजीकरण, पात्रता, UAN और एक पोर्टल पर 15 योजनाओं की जानकारी | प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना में आवेदन कैसे करें: 60 साल के बाद 3000 रुपये महीना पेंशन, अंशदान और पात्रता

आवेदन कैसे करें

  • नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC पर आधार और बैंक पासबुक लेकर जाएं
  • CSC पर आधार से सत्यापन करके पंजीकरण होता है
  • पहला अंशदान नकद जमा किया जाता है
  • आगे के अंशदान के लिए बैंक खाते से ऑटो डेबिट की सहमति दें
  • पंजीकरण के बाद श्रम योगी कार्ड और पेंशन खाता संख्या मिलती है

maandhan.in पोर्टल पर स्व-पंजीकरण की सुविधा भी दी गई है।

बीच में छोड़ने के नियम

  • 10 साल से कम समय में योजना छोड़ने पर केवल मजदूर का अंशदान बचत खाते की ब्याज दर के साथ लौटाया जाता है
  • 10 साल के बाद और 60 साल से पहले छोड़ने पर मजदूर का अंशदान फंड की कमाई या बचत ब्याज, जो ज्यादा हो, के साथ लौटाया जाता है
  • नियमित अंशदान न करने पर खाता बाद में जुर्माने के साथ फिर से चालू कराया जा सकता है

पारिवारिक पेंशन

पेंशन शुरू होने के बाद पेंशनधारी की मृत्यु होने पर उसके पति या पत्नी को पेंशन का आधा हिस्सा, यानी 1500 रुपये महीना, पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलता है। 60 साल से पहले मृत्यु होने पर पति या पत्नी योजना जारी रख सकते हैं या जमा रकम निकाल सकते हैं।

ई-श्रम से फर्क

ई-श्रम कार्ड असंगठित मजदूरों का राष्ट्रीय डेटाबेस है, जबकि श्रम योगी मानधन पेंशन योजना है। ई-श्रम में पंजीकृत मजदूर भी पात्रता पूरी करने पर मानधन से जुड़ सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या 40 साल के बाद जुड़ सकते हैं?

नहीं, योजना में जुड़ने की अधिकतम उम्र 40 साल है।

स्रोत: मानधन पोर्टल, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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