गांवों में लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के जरिए बचत, छोटे कर्ज और आजीविका के काम से जुड़ी हैं। केंद्र सरकार की लखपति दीदी पहल का लक्ष्य इन्हीं समूहों की महिलाओं की आमदनी बढ़ाकर उन्हें सालाना कम से कम एक लाख रुपये कमाने वाली यानी लखपति दीदी बनाना है। यह पहल ग्रामीण विकास मंत्रालय के दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चल रही है। जानिए लखपति दीदी योजना से कैसे जुड़ें।
लखपति दीदी कौन है
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार लखपति दीदी वह स्वयं सहायता समूह सदस्य है, जिसके परिवार की सालाना आय एक या एक से ज्यादा आजीविका गतिविधियों से कम से कम एक लाख रुपये हो और यह आय लगातार बनी रहे। यानी यह कोई एकमुश्त पैसा देने वाली योजना नहीं, बल्कि महिलाओं की स्थायी आमदनी बढ़ाने की पहल है।

कैसे काम करती है
- महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ा जाता है
- उनकी आजीविका गतिविधि की योजना बनाई जाती है, जैसे खेती, पशुपालन, सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, दुकान या सेवाएं
- कौशल प्रशिक्षण और बाजार की जानकारी दी जाती है
- समूह के जरिए बैंक लोन और सामुदायिक निवेश कोष तक पहुंच दिलाई जाती है
- आमदनी पर नजर रखी जाती है
कौन जुड़ सकता है
ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं, जो स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं या बनना चाहती हैं। आम तौर पर समूह में आसपास की 10 से 20 महिलाएं होती हैं, जो नियमित बैठक करती हैं, थोड़ी-थोड़ी बचत करती हैं और जरूरत पर आपस में कर्ज देती हैं।
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समूह से कैसे जुड़ें
- अपने गांव या पंचायत में चल रहे स्वयं सहायता समूह के बारे में ग्राम संगठन या समूह सखी से पूछें
- नजदीकी ब्लॉक कार्यालय में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कर्मचारियों से संपर्क करें, जैसे उत्तर प्रदेश में UPSRLM
- नया समूह बनाने के लिए भी मिशन के कर्मचारी मदद करते हैं
- समूह का बैंक खाता खुलवाया जाता है और नियमित बचत शुरू होती है
ट्रेनिंग और लोन
समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं को उनकी गतिविधि के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान यानी RSETI जैसे संस्थान भी मुफ्त ट्रेनिंग देते हैं। समूह के अच्छे रिकॉर्ड के आधार पर बैंक बिना गिरवी के लोन देते हैं, जिस पर नियमों के अनुसार ब्याज छूट भी मिल सकती है।
ड्रोन दीदी
लखपति दीदी पहल से जुड़ी नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत कुछ चुने हुए समूहों को खेती में दवा छिड़काव के लिए ड्रोन और उसे चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है। इससे किराये पर सेवा देकर आमदनी बढ़ाई जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या लखपति दीदी योजना में सीधे पैसे मिलते हैं?
नहीं, इसमें सीधे नकद सहायता नहीं दी जाती। महिलाओं को ट्रेनिंग, लोन और बाजार से जोड़कर उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद की जाती है।
स्रोत: लखपति दीदी, ग्रामीण विकास मंत्रालय, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





