उत्तर प्रदेश सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना राज्य के पारंपरिक कारीगरों और हुनरमंद श्रमिकों के लिए है। इसका मकसद उनके हुनर को बेहतर करना और आधुनिक औजार देकर उनकी कमाई बढ़ाना है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र कारीगरों को छह दिन का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाता है और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उनके ट्रेड से जुड़ी उन्नत टूलकिट दी जाती है। जानिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवेदन कैसे करें।
किन कारीगरों के लिए है योजना
योजना में पारंपरिक कामों से जुड़े कई ट्रेड शामिल हैं, जैसे:
- बढ़ई
- दर्जी
- लोहार
- कुम्हार
- सुनार
- नाई
- राजमिस्त्री
- मोची
- हलवाई
- टोकरी बुनकर और दूसरे हस्तशिल्प
ट्रेडों की पूरी और ताजा सूची उद्योग निदेशालय के पोर्टल पर देखें।

पात्रता की शर्तें
- आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी हो
- आवेदक की उम्र 18 वर्ष या उससे ज्यादा हो
- आवेदक सूचीबद्ध पारंपरिक ट्रेड में काम करता हो
- आवेदक ने पिछले दो साल में केंद्र या राज्य की किसी योजना से टूलकिट न ली हो
- एक परिवार से एक ही व्यक्ति आवेदन कर सकता है
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- निवास का प्रमाण
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
- बैंक खाते की जानकारी
- जाति प्रमाण पत्र, जहां लागू हो
- ट्रेड से जुड़ा अनुभव, जहां मांगा जाए
यह भी पढ़ें: पीएम विश्वकर्मा योजना: टूलकिट, ट्रेनिंग और लोन की पूरी डिटेल, पारंपरिक कारीगरों को मिल रहा सीधा संबल | UP ODOP योजना में आवेदन कैसे करें: एक जिला एक उत्पाद के तहत वित्त सहायता, ट्रेनिंग और टूलकिट की जानकारी
आवेदन कैसे करें
- उद्योग निदेशालय के पोर्टल diupmsme.upsdc.gov.in पर जाएं
- नया पंजीकरण करें या पहले से बनी प्रोफाइल से लॉगिन करें
- लाभार्थी अनुभाग में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना चुनें
- फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, ट्रेड और बैंक विवरण भरें
- दस्तावेज अपलोड करके आवेदन जमा करें
- आवेदन संख्या संभालकर रखें
ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत हो, तो जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र से मदद ली जा सकती है।
चयन और प्रशिक्षण
आवेदनों की जांच के बाद जिला स्तर पर चयन होता है। चयनित कारीगरों को तय केंद्र पर छह दिन का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण में हुनर को निखारने के साथ-साथ नए औजारों के इस्तेमाल और कारोबार से जुड़ी जानकारी दी जाती है। प्रशिक्षण सफलता से पूरा करने के बाद टूलकिट दी जाती है।
पीएम विश्वकर्मा योजना से अंतर
पीएम विश्वकर्मा योजना केंद्र सरकार की है, जिसमें प्रशिक्षण, टूलकिट प्रोत्साहन और रियायती लोन का प्रावधान है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना उत्तर प्रदेश सरकार की है। दोनों की शर्तें अलग हैं। पिछले दो साल में किसी योजना से टूलकिट लेने वाले आवेदक इस योजना के पात्र नहीं माने जाते, इसलिए आवेदन से पहले शर्तें ध्यान से पढ़ें।
आगे की मदद
टूलकिट के बाद कारोबार बढ़ाने के लिए कारीगर उत्तर प्रदेश की ODOP योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना या मुद्रा लोन जैसी योजनाओं की जानकारी भी ले सकते हैं।
आवेदन की स्थिति कैसे देखें?
पोर्टल पर अपनी प्रोफाइल में लॉगिन करके आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है। चयन की जानकारी जिला उद्योग केंद्र से भी मिल सकती है।
स्रोत: उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश, MSME वन कनेक्ट, उत्तर प्रदेश। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





