उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) उन बच्चों के लिए है, जिन्होंने माता-पिता में से एक या दोनों को या अपने संरक्षक को खो दिया है, या जो कुछ दूसरी कठिन परिस्थितियों में हैं। राज्य के महिला कल्याण विभाग की जानकारी के अनुसार इस योजना में पात्र बच्चों को 18 वर्ष की उम्र तक 2,500 रुपये प्रति माह की सहायता दी जाती है, ताकि उनकी पढ़ाई और देखभाल जारी रह सके। जानिए यूपी बाल सेवा योजना की पात्रता और आवेदन का तरीका।
कौन से बच्चे पात्र हैं
योजना के सामान्य घटक में ये बच्चे शामिल किए गए हैं:
- जिनके माता-पिता दोनों या दोनों में से कोई एक की मृत्यु हो चुकी हो, या संरक्षक की मृत्यु हो गई हो
- जिनके परिवार का कमाने वाला सदस्य नहीं रहा हो
- जिनकी मां तलाकशुदा या परित्यक्ता हो
- जिनके माता-पिता या संरक्षक जेल में हों
- जिन्हें बाल श्रम, भिक्षावृत्ति या दूसरी शोषण की स्थिति से मुक्त कराया गया हो
कोविड से माता-पिता खोने वाले बच्चों के लिए योजना का अलग घटक है।

पात्रता की दूसरी शर्तें
- बच्चे की उम्र 18 वर्ष से कम हो
- परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी हो
- परिवार की आय तय सीमा के भीतर हो, जहां यह शर्त लागू होती है
- स्कूल जाने की उम्र वाले बच्चे का स्कूल में दाखिला हो
- एक परिवार के तय संख्या तक बच्चों को लाभ मिलता है
शर्तों की ताजा और पूरी जानकारी विभाग के शासनादेश में देखें।
जरूरी दस्तावेज
- आवेदन पत्र और बच्चे व अभिभावक की फोटो
- माता-पिता या संरक्षक के मृत्यु प्रमाण पत्र, जहां लागू हो
- परिवार की आय का प्रमाण पत्र, जहां लागू हो
- बच्चे का आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र या उम्र का प्रमाण
- स्कूल में दाखिले का प्रमाण
- बच्चे या अभिभावक के बैंक खाते का विवरण
यह भी पढ़ें: कन्या सुमंगला योजना में आवेदन कैसे करें: पात्रता, छह श्रेणियां, जरूरी दस्तावेज और स्टेटस चेक | UP स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कैसे करें: प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, दस्तावेज और स्टेटस चेक
आवेदन कैसे करें
योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा mbsyup.in पोर्टल पर दी गई है। ऑफलाइन आवेदन भी किया जा सकता है:
- ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी या खंड विकास अधिकारी कार्यालय
- शहरी क्षेत्र में लेखपाल या तहसील कार्यालय
- जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय
- जिला बाल संरक्षण इकाई
आवेदन के बाद
आवेदन की जांच के बाद जिला स्तर की समिति पात्रता तय करती है। स्वीकृति के बाद सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। बच्चे की पढ़ाई जारी रहना जरूरी है, इसलिए समय-समय पर स्कूल में उपस्थिति की जानकारी भी देनी पड़ सकती है।
कहां से मदद लें
किसी जरूरतमंद बच्चे की जानकारी हो, तो जिला प्रोबेशन अधिकारी या जिला बाल संरक्षण इकाई से संपर्क करें। संकट में फंसे बच्चों की मदद के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर भी कॉल किया जा सकता है।
क्या योजना में पढ़ाई के लिए अलग मदद मिलती है?
योजना के कोविड घटक में पढ़ाई से जुड़ी कुछ अतिरिक्त सुविधाओं का प्रावधान है। सामान्य घटक की सुविधाओं की ताजा जानकारी जिला प्रोबेशन कार्यालय से लें।
स्रोत: महिला कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना पोर्टल। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





