ताज़ा खबर
Sapna Choudhary First Bhojpuri Song: सपना चौधरी का पहला भोजपुरी गाना हुआ था सुपरहिट, रवि किशन की फिल्म में लगाए थे जबरदस्त ठुमके पीएम धन-धान्य कृषि योजना: कम उत्पादकता वाले 100 जिलों पर फोकस, 36 योजनाओं का एक साथ फायदा और किसानों को क्या मिलेगा BREAKING: Air Pollution Claims 38 Lakh Lives in India Over Ten Year Period BREAKING: भारत में वायु प्रदूषण से 10 वर्षों में 38 लाख लोगों की मौत हुई PM SHRI Schools Scheme: How 14,500 Schools Are Being Upgraded and What Changes for Students BREAKING: जियो ने पेश किया दिवाली ऑफर दस महीने के रिचार्ज पर पांच महीने मुफ्त सेवा पंजाब घर घर रोजगार पोर्टल पर पंजीकरण: नौकरी, स्किल ट्रेनिंग, विदेश में पढ़ाई की काउंसलिंग और रोजगार मेले Ramayana Box Office Day 4: दिवाली पर हुई रामायण की चांदी, दोपहर 1 बजे तक 205 करोड़ के पार पहुंची फिल्म
ट्रेंडिंग
सरकारी योजना

पीएम धन-धान्य कृषि योजना: कम उत्पादकता वाले 100 जिलों पर फोकस, 36 योजनाओं का एक साथ फायदा और किसानों को क्या मिलेगा

कम उपज वाले जिलों में खेती सुधारने के लिए केंद्र की पीएम धन-धान्य कृषि योजना कैसे काम करती है, जानिए आसान भाषा में।

हरे-भरे खेत में काम करते किसानों का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • देश के कई जिलों में खेती की उत्पादकता राष्ट्रीय औसत से काफी कम है।
  • हर राज्य से जिलों की संख्या शुद्ध बोए गए क्षेत्र और परिचालन जोतों के हिस्से के आधार पर तय की गई है और हर राज्य से कम से कम एक जिला शामिल है।
  • PIB के अनुसार योजना की प्रगति पर हर महीने डैशबोर्ड के जरिए नजर रखी जाएगी, जिसमें कई संकेतकों को शामिल किया गया है।
  • योजना के तहत जिलों में कई तरह के काम एक साथ किए जाने की बात कही गई है।

देश के कई जिलों में खेती की उत्पादकता राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। वहां सिंचाई कम है, साल में एक ही फसल होती है और किसानों तक कर्ज भी पर्याप्त नहीं पहुंचता। ऐसे जिलों में खेती सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना शुरू की है। इसकी घोषणा केंद्रीय बजट 2025-26 में हुई थी। आइए समझते हैं यह योजना कैसे काम करती है।

योजना को मंजूरी

PIB के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी। योजना 2025-26 से शुरू होकर छह साल तक चलेगी और इसका सालाना बजट 24,000 करोड़ रुपये है। योजना की औपचारिक शुरुआत अक्टूबर 2025 में हुई।

मुख्य बातें: हरे-भरे खेत में काम करते किसानों का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

100 जिलों पर फोकस

योजना देश के 100 कृषि जिलों में लागू होगी। PIB के अनुसार इन जिलों का चयन तीन मुख्य आधारों पर हुआ:

  • कम उत्पादकता
  • कम फसल सघनता, यानी साल में कम फसलें
  • कम कृषि कर्ज वितरण

हर राज्य से जिलों की संख्या शुद्ध बोए गए क्षेत्र और परिचालन जोतों के हिस्से के आधार पर तय की गई है और हर राज्य से कम से कम एक जिला शामिल है।

नया पैसा नहीं, योजनाओं का तालमेल

इस योजना की खास बात यह है कि इसमें 11 मंत्रालयों और विभागों की 36 मौजूदा केंद्रीय योजनाओं को एक साथ जोड़ा गया है। इसके अलावा राज्यों की योजनाएं और निजी क्षेत्र की साझेदारी भी शामिल है। यानी इन जिलों में सिंचाई, बीज, कर्ज, भंडारण, फसल बीमा और प्रशिक्षण जैसी अलग-अलग योजनाओं का फायदा एक साथ और योजनाबद्ध तरीके से पहुंचाने की कोशिश होगी।

यह भी पढ़ें: UP Farmer Registry: यूपी में फार्मर आईडी बनवाना जरूरी, पीएम किसान सम्मान निधि समेत इन योजनाओं का मिलेगा लाभ | PM Kisan Yojana Extended 2026: पीएम किसान सम्मान निधि योजना 5 साल के लिए बढ़ी, कैबिनेट के फैसले से करोड़ों किसानों को मिली बड़ी सौगात

योजना के लक्ष्य

PIB के अनुसार योजना के मुख्य लक्ष्य हैं:

  • कृषि उत्पादकता बढ़ाना।
  • फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना।
  • पंचायत और प्रखंड स्तर पर कटाई के बाद भंडारण की क्षमता बढ़ाना।
  • सिंचाई सुविधाओं में सुधार।
  • किसानों के लिए लंबी और छोटी अवधि के कर्ज की उपलब्धता आसान बनाना।

जिला स्तर पर योजना

हर चुने गए जिले में जिला धन-धान्य समिति बनाई जाती है, जिसमें प्रगतिशील किसान भी सदस्य होते हैं। यह समिति जिले के लिए कृषि और संबद्ध गतिविधियों की योजना बनाती है। जिले की योजनाएं फसल विविधीकरण, पानी और मिट्टी के संरक्षण और प्राकृतिक व जैविक खेती जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप होंगी।

निगरानी कैसे होगी

PIB के अनुसार योजना की प्रगति पर हर महीने डैशबोर्ड के जरिए नजर रखी जाएगी, जिसमें कई संकेतकों को शामिल किया गया है। नीति आयोग भी जिला योजनाओं की समीक्षा और मार्गदर्शन करेगा। हर जिले के लिए केंद्रीय नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।

आकांक्षी जिला कार्यक्रम से प्रेरणा

यह योजना आकांक्षी जिला कार्यक्रम के मॉडल से प्रेरित बताई गई है, जिसमें पिछड़े जिलों को तय संकेतकों पर लगातार निगरानी के जरिए आगे बढ़ाया गया। अब इसी मॉडल को खेती पर लागू किया जा रहा है।

किसानों को क्या करना है

यह योजना किसी एक फॉर्म से आवेदन करने वाली योजना नहीं है। अगर आपका जिला इसमें शामिल है, तो इससे जुड़ी अलग-अलग योजनाओं जैसे सिंचाई, बीज, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड और भंडारण के लाभ के लिए ब्लॉक कृषि अधिकारी या जिला कृषि विभाग से संपर्क करें। अपनी जमीन के कागज, आधार और बैंक खाता अपडेट रखें।

किन क्षेत्रों पर जोर

योजना के तहत जिलों में कई तरह के काम एक साथ किए जाने की बात कही गई है। इनमें छोटे और बड़े सिंचाई ढांचे का विस्तार, खेत तालाब, सूक्ष्म सिंचाई जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर, उन्नत बीज, मिट्टी की जांच, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी संबद्ध गतिविधियां, गोदाम और कोल्ड स्टोरेज और किसानों के प्रशिक्षण शामिल हैं। मकसद यह है कि किसान की आय सिर्फ एक फसल पर निर्भर न रहे।

कैसे पता करें कि आपका जिला शामिल है या नहीं

योजना में शामिल 100 जिलों की सूची कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और PIB की जानकारी में दी गई है। अपने जिले के कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र से भी यह जानकारी ली जा सकती है।

किसान उत्पादक संगठनों की भूमिका

छोटे किसान अकेले बाजार में मोलभाव नहीं कर पाते। किसान उत्पादक संगठन यानी FPO के जरिए वे मिलकर बीज और खाद खरीद सकते हैं, उपज को इकट्ठा बेच सकते हैं और प्रोसेसिंग से अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। योजना वाले जिलों में FPO से जुड़ना फायदेमंद हो सकता है।

सावधान रहें

किसी योजना के नाम पर कोई व्यक्ति पैसे मांगे या फर्जी वेबसाइट पर पंजीकरण कराने को कहे, तो सावधान रहें। सरकारी योजनाओं की जानकारी सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट, कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र से ही लें।

पीएम धन-धान्य कृषि योजना कितने जिलों में लागू है

100 जिलों में।

योजना का सालाना बजट कितना है

24,000 करोड़ रुपये।

स्रोत: PM India: Cabinet approves the PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana, PIB: Cabinet approves PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana, PIB: PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana note

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X