आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में लाभार्थी परिवारों की पहचान सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना 2011 के आधार पर हुई थी। इस वजह से कई जरूरतमंद परिवार सूची से छूट गए। उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसे परिवारों के लिए 1 मार्च 2019 को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान शुरू किया। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी SACHIS के अनुसार इसमें पात्र परिवारों को साल में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। जानिए मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान का कार्ड कैसे बनवाएं।
योजना के मुख्य लाभ
SACHIS के अनुसार:
- प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर
- अस्पताल में भर्ती होकर होने वाले बड़े इलाज, जिन्हें सेकेंडरी और टर्शियरी केयर कहते हैं
- सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस और पेपरलेस इलाज
- आयुष्मान भारत जैसा ही लाभ पैकेज
- योजना का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाती है

कौन पात्र है
यह योजना उन पात्र परिवारों के लिए है, जो आयुष्मान भारत योजना की सूची में शामिल नहीं हो सके, लेकिन राज्य सरकार की तय श्रेणियों में आते हैं। राज्य ने समय-समय पर अलग-अलग वर्गों को इस अभियान में जोड़ा है। अपना परिवार पात्र है या नहीं, यह जानने के लिए SACHIS की हेल्पलाइन, नजदीकी जन सेवा केंद्र या सूचीबद्ध अस्पताल के आरोग्य मित्र से जानकारी लें।
गोल्डन कार्ड कैसे बनवाएं
योजना में इलाज के लिए आयुष्मान गोल्डन कार्ड जरूरी है।
- नजदीकी जन सेवा केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर जाएं
- या सूचीबद्ध अस्पताल में आरोग्य मित्र से संपर्क करें
- आधार और राशन कार्ड या परिवार की पहचान का दस्तावेज साथ रखें
- परिवार के हर सदस्य का ई-केवाईसी कराएं
- सत्यापन के बाद कार्ड जारी होता है
आयुष्मान ऐप के जरिए भी ई-केवाईसी और कार्ड डाउनलोड की सुविधा दी गई है।
यह भी पढ़ें: आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं: पात्रता जांच, आधार e-KYC और डाउनलोड की पूरी प्रक्रिया | UP फैमिली आईडी कैसे बनाएं: एक परिवार एक पहचान के तहत ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज और फायदे
जरूरी दस्तावेज
- परिवार के सदस्यों का आधार कार्ड
- राशन कार्ड या परिवार की पहचान का दस्तावेज
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
इलाज कैसे कराएं
- अस्पताल योजना में सूचीबद्ध है या नहीं, यह SACHIS की वेबसाइट पर देखें
- अस्पताल में आरोग्य मित्र या आयुष्मान डेस्क से संपर्क करें
- गोल्डन कार्ड और आधार दिखाएं
- अस्पताल पात्रता और पैकेज की जांच करके प्री-ऑथराइजेशन के बाद इलाज करता है
ध्यान रखें
- योजना अस्पताल में भर्ती वाले इलाज के लिए है, सामान्य OPD आमतौर पर इसमें नहीं आती
- सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज के लिए अलग से पैसे मांगे जाएं, तो शिकायत करें
- कार्ड बनवाने के नाम पर ज्यादा पैसे मांगने वालों से बचें
- 70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग आयुष्मान वय वंदना कार्ड की जानकारी भी ले सकते हैं
हेल्पलाइन और शिकायत
SACHIS का टोल फ्री नंबर 1800-1800-4444 है। आयुष्मान भारत की राष्ट्रीय हेल्पलाइन 14555 पर भी संपर्क किया जा सकता है। जिले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से भी शिकायत की जा सकती है।
आयुष्मान भारत और इस अभियान में क्या फर्क है?
दोनों में लाभ एक जैसा है और एक ही गोल्डन कार्ड व अस्पताल नेटवर्क इस्तेमाल होता है। फर्क लाभार्थियों की पहचान और खर्च उठाने वाली सरकार का है।
स्रोत: SACHIS, उत्तर प्रदेश राज्य स्वास्थ्य एजेंसी। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





