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दिल्ली MCD प्रॉपर्टी टैक्स ऑनलाइन कैसे भरें: UPIC नंबर, सेल्फ असेसमेंट, भुगतान, रसीद और जरूरी तारीखें

दिल्ली नगर निगम के इलाके में मकान, फ्लैट या दुकान के मालिकों को हर साल प्रॉपर्टी टैक्स भरना होता है। जानिए MCD पोर्टल पर UPIC आईडी, सेल्फ असेसमेंट, भुगतान और रसीद की पूरी प्रक्रिया।

दिल्ली MCD प्रॉपर्टी टैक्स ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • दिल्ली नगर निगम यानी MCD के इलाके में आने वाले मकान, फ्लैट, दुकान और दूसरी संपत्तियों के मालिकों को हर साल प्रॉपर्टी टैक्स भरना होता है।
  • दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स यूनिट एरिया मेथड से तय होता है। इसमें ये बातें गिनी जाती हैं:
  • MCD ने वित्त वर्ष की शुरुआत में तय समय तक एकमुश्त भुगतान पर छूट का प्रावधान रखा है।
  • सेल्फ असेसमेंट में जानबूझकर कम क्षेत्रफल या गलत श्रेणी भरने पर जांच में जुर्माना लग सकता है।

दिल्ली नगर निगम यानी MCD के इलाके में आने वाले मकान, फ्लैट, दुकान और दूसरी संपत्तियों के मालिकों को हर साल प्रॉपर्टी टैक्स भरना होता है। MCD ने यह प्रक्रिया अपने पोर्टल mcdonline.nic.in पर ऑनलाइन कर दी है। NDMC और दिल्ली छावनी के इलाकों के नियम और पोर्टल अलग हैं। जानिए दिल्ली MCD प्रॉपर्टी टैक्स ऑनलाइन कैसे भरें।

किसे भरना है

MCD के क्षेत्र में संपत्ति के मालिक या कब्जाधारी को टैक्स भरना होता है, चाहे संपत्ति रिहायशी हो या व्यावसायिक, खाली हो या किराये पर। कुछ श्रेणियों को नियमों के तहत छूट या रियायत मिलती है, जिनकी जानकारी पोर्टल पर है।

मुख्य बातें: दिल्ली MCD प्रॉपर्टी टैक्स ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

UPIC नंबर क्या है

MCD हर संपत्ति को एक यूनिक प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन कोड यानी UPIC देती है। ऑनलाइन टैक्स भरने के लिए यही नंबर पहचान है। पहली बार भर रहे हैं तो पोर्टल पर संपत्ति का पंजीकरण करके UPIC लिया जाता है।

सेल्फ असेसमेंट

दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स यूनिट एरिया मेथड से तय होता है। इसमें ये बातें गिनी जाती हैं:

  • संपत्ति का कवर्ड एरिया
  • कॉलोनी की श्रेणी, जो A से H तक है
  • संपत्ति की उम्र
  • इस्तेमाल, यानी रिहायशी या व्यावसायिक
  • संरचना का प्रकार
  • मालिक खुद रहता है या किराये पर दी है

पोर्टल पर ये जानकारी भरने पर टैक्स की रकम अपने आप निकल आती है।

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ऑनलाइन भुगतान के स्टेप

1. mcdonline.nic.in पर प्रॉपर्टी टैक्स सेक्शन में जाएं

2. मोबाइल नंबर से लॉगिन या पंजीकरण करें

3. UPIC डालकर संपत्ति चुनें, या नई संपत्ति जोड़ें

4. सेल्फ असेसमेंट फॉर्म में जानकारी जांचें या भरें

5. टैक्स की रकम देखें और ऑनलाइन भुगतान करें

6. रसीद डाउनलोड करके संभाल लें

समय पर भुगतान

MCD ने वित्त वर्ष की शुरुआत में तय समय तक एकमुश्त भुगतान पर छूट का प्रावधान रखा है। देर से भुगतान पर ब्याज और जुर्माना लग सकता है। मौजूदा वित्त वर्ष की तारीखें और छूट की दर पोर्टल पर देखें।

रसीद क्यों जरूरी

प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद संपत्ति बेचने, म्यूटेशन, बैंक लोन और कई सरकारी कामों में मांगी जाती है। हर साल की रसीद संभालकर रखें।

पुराना बकाया

पोर्टल पर पिछले सालों का बकाया भी दिखता है। MCD समय-समय पर पुराने बकाये के लिए माफी या छूट योजनाएं लाती रही है, जिनकी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट और सूचनाओं से ही लें।

गलत जानकारी पर

सेल्फ असेसमेंट में जानबूझकर कम क्षेत्रफल या गलत श्रेणी भरने पर जांच में जुर्माना लग सकता है। सही जानकारी भरें।

सावधानी

टैक्स सिर्फ MCD के आधिकारिक पोर्टल या अधिकृत माध्यम से भरें। छूट के नाम पर आने वाले फर्जी लिंक से बचें।

किराएदार को टैक्स भरना होता है?

कानूनी जिम्मेदारी आमतौर पर मालिक की होती है। किराया समझौते में इस बारे में शर्त हो सकती है।

बेचने या खरीदने पर

संपत्ति बिकने पर MCD में नए मालिक के नाम म्यूटेशन कराएं, ताकि आगे का टैक्स सही नाम पर दर्ज हो।

स्रोत: दिल्ली नगर निगम (MCD)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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