Delhi Ladli Scheme: दिल्ली सरकार द्वारा बालिकाओं के सशक्तीकरण, उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देने और लिंगानुपात में सुधार के उद्देश्य से शुरू की गई ‘दिल्ली लाडली योजना’ अब कई लाभार्थियों के लिए परिपक्वता (Maturity) के पड़ाव पर पहुंच चुकी है। जिन बेटियों ने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है और मान्यता प्राप्त विद्यालय से 10वीं या 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर ली है, उनके परिवारों के सामने अब संचित फंड की निकासी की प्रक्रिया मुख्य विषय बनी हुई है। महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) तथा स्टेट बैंक लाइफ इंश्योरेंस (SBIL) के सहयोग से संचालित इस योजना में मैच्योरिटी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में प्राप्त करने के लिए कुछ आवश्यक नियमों और कागजी औपचारिकताओं का पालन करना अनिवार्य है।
Delhi Ladli Scheme: मैच्योरिटी राशि पाने के लिए अनिवार्य योग्यता शर्तें
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, परिपक्वता दावा (Maturity Claim) प्रस्तुत करने के लिए बालिका का 18 वर्ष की आयु पूर्ण करना अनिवार्य है। इसके साथ ही, उसने दिल्ली सरकार, नगर निगम अथवा किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से नियमित छात्रा के रूप में 10वीं या 12वीं की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की हो। यदि बालिका ने 18 वर्ष से पूर्व पढ़ाई छोड़ दी हो या बाल विवाह जैसी स्थिति हो, तो क्लेम निरस्त भी हो सकता है। जो बेटियां जन्म के समय से लेकर विद्यालय के विभिन्न स्तरों (कक्षा 1, 6, 9, 10 और 12वीं) तक योजना में नवीनीकृत रहीं, उन्हें ब्याज सहित लगभग एक लाख रुपये तक की एकमुश्त वित्तीय सहायता मिलती है।
बैंक खाता खुलवाना और क्लेम की प्राथमिक तैयारी
परिपक्वता क्लेम प्राप्त करने की पहली शर्त यह है कि बालिका के नाम पर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की किसी भी निकटतम शाखा में एक सक्रिय एकल बैंक खाता होना चाहिए। लाडली योजना का फंड मैनेजर एसबीआई लाइफ होने के कारण यह राशि स्टेट बैंक के खाते में निर्बाध रूप से हस्तांतरित की जाती है।
बैंक में खाता खुलवाने के लिए बालिका को दो पासपोर्ट साइज फोटो, निवास प्रमाण, पहचान पत्र और एसबीआई लाइफ द्वारा जारी मूल पॉलिसी रसीद दिखानी होती है। बैंक खाता सक्रिय होने के बाद उसकी पासबुक की प्रति और एक कैंसिल्ड (क्रॉस्ड) चेक क्लेम फॉर्म के साथ संलग्न करना जरूरी होता है।
आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की सूची
मैच्योरिटी दावा प्रक्रिया ऑफलाइन और ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से पूरी की जा सकती है। इसके लिए लाभार्थी को महिला एवं बाल विकास विभाग के संबंधित जिला कार्यालय या अपने उस विद्यालय के माध्यम से आवेदन करना होता है, जहां उसने अंतिम बार नियमित पढ़ाई की थी।
आवेदन करते समय बालिका की 10वीं अथवा 12वीं कक्षा की मूल अंकतालिका व उत्तीर्ण प्रमाण पत्र, नगर निगम द्वारा जारी वैध जन्म प्रमाण पत्र, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस द्वारा जारी मूल बांड/रसीद, दिल्ली में 3 वर्ष के निवास का प्रमाण (जैसे राशन कार्ड, वोटर आईडी या बिजली बिल), बालिका और माता-पिता के आधिकारिक पहचान पत्र, बैंक पासबुक के मुख्य पृष्ठ की प्रति और हस्ताक्षरित क्लेम फॉर्म अनिवार्य रूप से जमा करने होते हैं। सभी मूल दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन जिला कार्यालय के अधिकारियों द्वारा किया जाता है।
Delhi Ladli Scheme: ऑनलाइन स्टेटस कैसे चेक करें और रखें जरूरी सावधानियां
क्लेम दाखिल करने से पहले या बाद में लाभार्थी दिल्ली सरकार के आधिकारिक ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल अथवा एसबीआई लाइफ के लाडली फंड पोर्टल पर जाकर अपनी पॉलिसी का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। पोर्टल पर पॉलिसी नंबर, ग्रुप मेंबर आईडी या जन्मतिथि दर्ज करके यह जांचा जा सकता है कि कुल फंड वैल्यू कितनी है और क्या किसी चरण का नवीनीकरण छूटा तो नहीं है।
यदि आवेदन में नाम, उपनाम या जन्मतिथि में विद्यालय के रिकॉर्ड और पहचान पत्र के बीच कोई अंतर पाया जाता है, तो क्लेम अटक सकता है; इसलिए आवेदन से पहले सभी दस्तावेजों में विवरण का एक समान होना सुनिश्चित कर लेना चाहिए। विभागीय सत्यापन और एसबीआई लाइफ की औपचारिक स्वीकृति के बाद परिपक्वता राशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से बालिका के बचत खाते में क्रेडिट कर दी जाती है। किसी भी समस्या के समाधान के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के हेल्पलाइन नंबरों या एसबीआई लाइफ के टोल-फ्री नंबर 1800-22-9090 पर संपर्क किया जा सकता है।
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सूचना का स्रोत
महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली सरकार: https://wcd.delhi.gov.in/
दिल्ली ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल: https://edistrict.delhigovt.nic.in/





