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पैन कार्ड खो जाए तो क्या करें: ई पैन डाउनलोड, रीप्रिंट के लिए आवेदन, गलत इस्तेमाल पर शिकायत और दूसरा पैन न बनवाएं

पैन कार्ड खोने पर नया पैन नहीं, बल्कि उसी नंबर का रीप्रिंट मंगाया जाता है। जानिए पूरा तरीका।

पहचान पत्र और दस्तावेजों का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • पैन कार्ड आज बैंक खाता खोलने, बड़ा लेन देन करने, म्यूचुअल फंड और शेयर में निवेश करने, नौकरी में सैलरी लेने और आयकर रिटर्न भरने जैसे कई कामों में जरूरी है।
  • अगर आपको प्लास्टिक का पैन कार्ड चाहिए, तो रीप्रिंट के लिए ऑनलाइन आवेदन करें।
  • अगर पैन कार्ड चोरी हुआ है या किसी ऐसी जगह खोया है जहां उसके गलत इस्तेमाल का डर है, तो नजदीकी पुलिस थाने में इसकी सूचना दें या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
  • कई लोग पैन कार्ड की फोटोकॉपी हर जगह बिना सोचे दे देते हैं। होटल, सिम कार्ड या छोटी दुकानों पर पैन की कॉपी देने से पहले पूछें कि इसकी जरूरत क्यों है।

पैन कार्ड आज बैंक खाता खोलने, बड़ा लेन देन करने, म्यूचुअल फंड और शेयर में निवेश करने, नौकरी में सैलरी लेने और आयकर रिटर्न भरने जैसे कई कामों में जरूरी है। ऐसे में अगर पैन कार्ड खो जाए या चोरी हो जाए, तो लोग घबरा जाते हैं। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पैन नंबर कभी नहीं बदलता। कार्ड खोने पर नया पैन नंबर नहीं लिया जाता, बल्कि उसी नंबर का नया कार्ड यानी रीप्रिंट मंगाया जाता है। इस लेख में जानिए पैन कार्ड खोने पर क्या कदम उठाने चाहिए।

पहले पैन नंबर पता करें

अगर आपको अपना पैन नंबर याद नहीं है, तो इसे पता करने के कई आसान तरीके हैं। आयकर रिटर्न की कॉपी, फॉर्म 16, बैंक या निवेश के कागज, म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट या आयकर विभाग से आए किसी ईमेल में पैन नंबर लिखा होता है। आधार से पैन लिंक है तो आयकर विभाग के ई फाइलिंग पोर्टल पर भी आधार के जरिए पैन की जानकारी देखी जा सकती है।

मुख्य बातें: पहचान पत्र और दस्तावेजों का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

ई पैन तुरंत डाउनलोड करें

ई पैन पैन कार्ड का डिजिटल रूप है और यह भी वैध दस्तावेज माना जाता है। कई कामों में ई पैन की प्रति से काम चल जाता है। पैन जिस एजेंसी से बना था, यानी Protean, जिसे पहले NSDL ई गवर्नेंस कहा जाता था, या UTIITSL, उसकी वेबसाइट पर पैन नंबर, आधार और जन्मतिथि डाल कर ओटीपी से ई पैन डाउनलोड किया जा सकता है। आयकर विभाग के ई फाइलिंग पोर्टल पर आधार आधारित ई पैन की सुविधा भी है। डाउनलोड की गई PDF फाइल आम तौर पर पासवर्ड से सुरक्षित होती है, जिसमें जन्मतिथि पासवर्ड होती है।

फिजिकल कार्ड का रीप्रिंट

अगर आपको प्लास्टिक का पैन कार्ड चाहिए, तो रीप्रिंट के लिए ऑनलाइन आवेदन करें।

  • Protean या UTIITSL की वेबसाइट पर पैन कार्ड रीप्रिंट का विकल्प चुनें।
  • पैन नंबर, आधार और जन्मतिथि भरें।
  • मोबाइल या ईमेल पर आए ओटीपी से सत्यापन करें।
  • तय शुल्क ऑनलाइन जमा करें।
  • कार्ड आपके रिकॉर्ड में दर्ज पते पर डाक से भेजा जाता है।

अगर पते या दूसरी जानकारी में बदलाव करना है, तो रीप्रिंट की जगह पैन डेटा में सुधार वाला फॉर्म भरना होता है।

यह भी पढ़ें: ATM इस्तेमाल करते समय सावधानी: कार्ड स्किमिंग, PIN की सुरक्षा और कार्ड फंसने पर क्या करें | आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं: पात्रता जांच, आधार e-KYC और डाउनलोड की पूरी प्रक्रिया

दूसरा पैन न बनवाएं

कई लोग पैन खोने पर नया पैन बनवा लेते हैं। यह गलत है। आयकर अधिनियम के तहत एक व्यक्ति के पास एक से ज्यादा पैन नहीं हो सकते। दो पैन रखने पर जुर्माना हो सकता है। अगर गलती से दो पैन बन गए हैं, तो एक पैन को सरेंडर करने के लिए आवेदन करना चाहिए।

गलत इस्तेमाल का डर

अगर पैन कार्ड चोरी हुआ है या किसी ऐसी जगह खोया है जहां उसके गलत इस्तेमाल का डर है, तो नजदीकी पुलिस थाने में इसकी सूचना दें या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। इसकी कॉपी संभाल कर रखें। समय समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जांचें, ताकि पता चले कि आपके पैन से कोई लोन या क्रेडिट कार्ड तो नहीं लिया गया। आयकर पोर्टल पर फॉर्म 26AS और AIS देख कर भी पता कर सकते हैं कि आपके पैन पर कोई अनजान लेन देन तो दर्ज नहीं हुआ।

क्रेडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी दिखे तो

अगर क्रेडिट रिपोर्ट में ऐसा लोन या कार्ड दिखे जो आपने नहीं लिया, तो तुरंत क्रेडिट ब्यूरो और संबंधित बैंक या कंपनी से शिकायत करें। साइबर ठगी लगे तो 1930 पर और cybercrime.gov.in पर भी शिकायत करें।

पैन की कॉपी देते समय सावधानी

  • पैन की कॉपी किसी को देते समय उस पर लिख दें कि यह किस काम के लिए दी जा रही है और तारीख डाल दें।
  • अनजान वेबसाइट या ऐप पर पैन की फोटो अपलोड न करें।
  • डिजिलॉकर में पैन की डिजिटल कॉपी रखें, जो कई जगह मान्य है।

आधार लिंक जरूर हो

पैन को आधार से लिंक करना जरूरी है। लिंक न होने पर पैन निष्क्रिय हो सकता है, जिससे टैक्स रिफंड और कई वित्तीय काम अटक सकते हैं। ई फाइलिंग पोर्टल पर पैन आधार लिंक की स्थिति देखी जा सकती है।

पैन से जुड़ी आम गलतियां

कई लोग पैन कार्ड की फोटोकॉपी हर जगह बिना सोचे दे देते हैं। होटल, सिम कार्ड या छोटी दुकानों पर पैन की कॉपी देने से पहले पूछें कि इसकी जरूरत क्यों है। जहां आधार या दूसरा पहचान पत्र काफी हो, वहां पैन न दें। पैन कार्ड को बटुए में हमेशा साथ रखने के बजाय सुरक्षित जगह रखें और रोज के काम के लिए ई पैन या डिजिलॉकर की कॉपी इस्तेमाल करें।

नाबालिग और विदेश में रहने वालों के लिए

नाबालिग बच्चों के पैन का रीप्रिंट माता पिता के जरिए मंगाया जाता है। विदेश में रहने वाले भारतीय भी ऑनलाइन रीप्रिंट के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन विदेशी पते पर कार्ड भेजने का शुल्क अलग होता है।

क्या पैन खोने पर नया नंबर मिलता है

नहीं, पैन नंबर वही रहता है, सिर्फ कार्ड का रीप्रिंट मिलता है।

ई पैन कहां से डाउनलोड करें

Protean, UTIITSL या आयकर ई फाइलिंग पोर्टल से।

क्या दो पैन रखना गलत है

हां, इस पर जुर्माना हो सकता है।

स्रोत: Income Tax Department: e-Filing portal, Protean: PAN services, UTIITSL: PAN services

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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