इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने 30 अक्टूबर 2026 के सुबह (ओपनिंग) भाव जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार 24 कैरेट (999) सोना ₹1,40,891 प्रति 10 ग्राम और चांदी 999 ₹1,83,800 प्रति किलो है।
22 कैरेट (916) सोने का भाव ₹1,29,056 प्रति 10 ग्राम है, जिसका इस्तेमाल ज्यादातर गहनों में होता है।

IBJA के आज के भाव (30 अक्टूबर 2026)
| धातु | सुबह (AM) | शाम (PM) |
|---|---|---|
| सोना 999 (24 कैरेट) | ₹1,40,891 | अभी जारी नहीं |
| सोना 995 | ₹1,40,327 | अभी जारी नहीं |
| सोना 916 (22 कैरेट) | ₹1,29,056 | अभी जारी नहीं |
| सोना 750 (18 कैरेट) | ₹1,05,668 | अभी जारी नहीं |
| सोना 585 (14 कैरेट) | ₹82,421 | अभी जारी नहीं |
| चांदी 999 (प्रति किलो) | ₹1,83,800 | अभी जारी नहीं |
सोने की शुद्धता और कैरेट का गणित
सोने की शुद्धता को कैरेट में मापा जाता है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, जिसमें 999 शुद्धता का पैमाना होता है। इसका मतलब है कि इसमें सोने की मात्रा शत प्रतिशत है। हालांकि, यह बहुत नरम होता है, इसलिए इससे जटिल गहने बनाना मुश्किल होता है। यही कारण है कि गहनों के निर्माण में 22 कैरेट सोने का उपयोग किया जाता है। 22 कैरेट सोने में 916 शुद्धता होती है, जिसका अर्थ है कि इसमें कुछ अन्य धातुएं जैसे तांबा या जस्ता मिलाया जाता है ताकि गहनों को मजबूती मिल सके।
इसी तरह, 18 कैरेट सोने में 750 शुद्धता होती है, जिसका उपयोग अक्सर हीरे जड़े गहनों के लिए किया जाता है। 14 कैरेट सोना, जिसमें 585 शुद्धता होती है, अधिक टिकाऊ होता है। अलग अलग कैरेट के भावों में अंतर का मुख्य कारण सोने की मात्रा है। 24 कैरेट के मुकाबले 22 कैरेट, 18 कैरेट और 14 कैरेट सोने के भाव कम होते हैं क्योंकि उनमें सोने का प्रतिशत कम होता है। ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से शुद्धता का चयन कर सकते हैं, लेकिन निवेश के लिए 24 कैरेट को प्राथमिकता दी जाती है।
IBJA भाव और बाजार की वास्तविक कीमत में अंतर
अक्सर लोग यह सवाल करते हैं कि समाचारों में दिखाए गए भाव और ज्वैलर की दुकान पर मिलने वाले भाव में अंतर क्यों होता है। इसका मुख्य कारण यह है कि इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए भाव केवल कच्चे सोने या चांदी के थोक भाव होते हैं। इन भावों में सरकार द्वारा निर्धारित जीएसटी और ज्वैलर का मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होता है। जब आप दुकान से गहने खरीदते हैं, तो आपको अंतिम कीमत में ये सभी अतिरिक्त शुल्क देने होते हैं।
मेकिंग चार्ज वह शुल्क है जो कारीगर गहनों को आकार देने के लिए लेते हैं। गहने जितने बारीक और जटिल डिजाइन के होंगे, मेकिंग चार्ज उतना ही अधिक हो सकता है। इसके अलावा, जीएसटी सोने की खरीद पर एक अनिवार्य कर है। इसलिए, जब आप दुकान पर जाते हैं, तो आपको मिलने वाली अंतिम रसीद में सोने का मूल भाव, मेकिंग चार्ज और जीएसटी का योग होता है। यही कारण है कि बाजार की अंतिम कीमत हमेशा आईबीजेए के आधार भाव से अधिक दिखाई देती है।
खरीददारी करते समय जरूरी सावधानियां
सोना खरीदते समय सबसे महत्वपूर्ण बात उसकी प्रमाणिकता है। हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाले गहने ही खरीदने चाहिए। बीआईएस हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी देता है। गहनों पर एचयूआईडी नंबर की जांच करना भी जरूरी है। एचयूआईडी एक विशिष्ट पहचान संख्या है जो यह सुनिश्चित करती है कि गहना किस हॉलमार्किंग केंद्र पर प्रमाणित हुआ है। आप सरकारी ऐप के जरिए इस नंबर की जांच कर सकते हैं।
खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि बिल पर सोने की शुद्धता, कैरेट, मेकिंग चार्ज और जीएसटी का अलग से उल्लेख हो। यदि आप निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं, तो सिक्कों या बार को प्राथमिकता दें क्योंकि उनमें मेकिंग चार्ज कम होता है। गहने खरीदते समय हमेशा विश्वसनीय ज्वैलर का ही चुनाव करें और उनसे बीआईएस हॉलमार्क की पुष्टि जरूर करें। सतर्क रहकर की गई खरीदारी न केवल आपको सही उत्पाद दिलाती है, बल्कि भविष्य में उसे बेचने या बदलने के समय भी उचित मूल्य सुनिश्चित करती है।
सोने के भाव प्रति 10 ग्राम और चांदी के भाव प्रति किलो हैं। IBJA के भाव में GST और ज्वैलर का मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होता, इसलिए दुकान पर अंतिम कीमत ज्यादा हो सकती है। IBJA दिन में दो बार, सुबह और दोपहर बाद, भाव जारी करता है।
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