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पीएम फसल बीमा योजना रबी: गेहूं, सरसों, चना का बीमा कैसे कराएं, प्रीमियम, दस्तावेज और क्लेम का तरीका

रबी की बुवाई शुरू होते ही फसल बीमा का नामांकन भी शुरू होता है। जानिए पीएम फसल बीमा योजना में रबी फसलों का प्रीमियम, ऋणी और गैर-ऋणी किसानों का नामांकन, दस्तावेज, नुकसान की सूचना और क्लेम।

पीएम फसल बीमा योजना रबी की जानकारी का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • रबी की बुवाई के साथ किसानों के लिए फसल बीमा कराने का समय भी आ जाता है।
  • रबी सीजन में राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार गेहूं, जौ, चना, मसूर, मटर, सरसों और दूसरी फसलें बीमा में शामिल की जाती हैं।
  • रबी सीजन के नामांकन की अंतिम तारीख राज्य सरकार की अधिसूचना में तय होती है।
  • बीमा या क्लेम से जुड़ी शिकायत के लिए पीएमएफबीवाई पोर्टल पर दी गई हेल्पलाइन, बीमा कंपनी या जिला कृषि अधिकारी से संपर्क करें।

रबी की बुवाई के साथ किसानों के लिए फसल बीमा कराने का समय भी आ जाता है। प्राकृतिक आपदा, कीट या बीमारी से फसल खराब होने पर किसान को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलती है। योजना के नियमों के अनुसार रबी की अनाज और तिलहन फसलों पर किसान को बीमित राशि का अधिकतम 1.5 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है, बाकी प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार देती हैं। जानिए पीएम फसल बीमा योजना रबी में बीमा कैसे कराएं।

किन फसलों का बीमा होता है

रबी सीजन में राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार गेहूं, जौ, चना, मसूर, मटर, सरसों और दूसरी फसलें बीमा में शामिल की जाती हैं। हर जिले और क्षेत्र के लिए अधिसूचित फसलें अलग हो सकती हैं। अपने क्षेत्र की फसलें pmfby.gov.in या कृषि विभाग से जानें।

मुख्य बातें: पीएम फसल बीमा योजना रबी की जानकारी का ग्राफिक
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किसान का प्रीमियम

  • रबी की अनाज और तिलहन फसलों पर बीमित राशि का अधिकतम 1.5 प्रतिशत
  • वाणिज्यिक और बागवानी फसलों पर अधिकतम 5 प्रतिशत
  • बाकी प्रीमियम सरकार देती है

पीएमएफबीवाई पोर्टल पर प्रीमियम कैलकुलेटर से फसल और क्षेत्र के हिसाब से प्रीमियम का अंदाजा लगाया जा सकता है।

कौन बीमा करा सकता है

  • अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी किसान
  • जमीन के मालिक किसान और बटाईदार या काश्तकार किसान, तय दस्तावेजों के साथ
  • किसान क्रेडिट कार्ड या फसल लोन लेने वाले किसानों के लिए भी योजना स्वैच्छिक है, वे चाहें तो तय समय में बाहर रहने का विकल्प दे सकते हैं

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नामांकन कैसे करें

  • फसल लोन लेने वाले किसान: बैंक के जरिए
  • गैर-ऋणी किसान: नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर, बैंक शाखा, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि या pmfby.gov.in पोर्टल पर
  • क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के जरिए भी नामांकन की सुविधा है

जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • बैंक खाते की पासबुक
  • जमीन के कागजात, जैसे खतौनी या भूलेख
  • बुवाई का प्रमाण पत्र, जो राज्य के नियमों के अनुसार पटवारी, सरपंच या स्व-घोषणा से हो सकता है
  • बटाईदार किसानों के लिए बटाई का समझौता या दूसरा मान्य प्रमाण

अंतिम तारीख

रबी सीजन के नामांकन की अंतिम तारीख राज्य सरकार की अधिसूचना में तय होती है। यह राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है। अपनी तारीख pmfby.gov.in या जिला कृषि अधिकारी से पता करें और आखिरी दिनों का इंतजार न करें।

नुकसान हो तो क्या करें

  • स्थानीय आपदा जैसे ओलावृष्टि, जलभराव या आग से नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर सूचना दें
  • सूचना क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर, बैंक या कृषि विभाग के जरिए दी जा सकती है
  • नुकसान की तस्वीरें और विवरण संभालकर रखें
  • बीमा कंपनी सर्वे करके क्लेम तय करती है

क्लेम की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

शिकायत कहां करें

बीमा या क्लेम से जुड़ी शिकायत के लिए पीएमएफबीवाई पोर्टल पर दी गई हेल्पलाइन, बीमा कंपनी या जिला कृषि अधिकारी से संपर्क करें।

क्या आवेदन की रसीद जरूरी है?

हां। नामांकन के बाद मिलने वाली रसीद या पॉलिसी नंबर संभालकर रखें। इसी से पोर्टल पर आवेदन और क्लेम की स्थिति देखी जा सकती है।

स्रोत: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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