खेत की मिट्टी में किन पोषक तत्वों की कमी है और कितनी खाद डालनी चाहिए, यह जाने बिना खाद डालने से लागत बढ़ती है और मिट्टी की सेहत भी बिगड़ती है। केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना इसी समस्या का हल देती है। इसमें खेत की मिट्टी की जांच कर किसान को सॉयल हेल्थ कार्ड दिया जाता है। रबी की बुवाई से पहले यह जानकारी खास तौर पर काम की है। जानिए सॉयल हेल्थ कार्ड कैसे बनवाएं।
सॉयल हेल्थ कार्ड क्या है
यह खेत की मिट्टी की रिपोर्ट है। इसमें मिट्टी की जांच के नतीजे और फसल के हिसाब से खाद की सलाह लिखी होती है। कार्ड में आमतौर पर ये जानकारियां होती हैं:
- नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश जैसे मुख्य पोषक तत्व
- सल्फर, जिंक, आयरन, कॉपर, मैंगनीज और बोरॉन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व
- मिट्टी का pH, विद्युत चालकता और जैविक कार्बन
- अलग-अलग फसलों के लिए खाद और उर्वरक की सलाह

मिट्टी की जांच कैसे होती है
योजना के तहत राज्य का कृषि विभाग खेतों से मिट्टी के नमूने लेता है और उन्हें मिट्टी जांच प्रयोगशाला में भेजता है। किसान अपने ब्लॉक के कृषि अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र या नजदीकी मिट्टी जांच प्रयोगशाला से संपर्क कर सकते हैं। कई जगह गांव स्तर पर भी मिट्टी जांच की सुविधा शुरू की गई है।
नमूना लेने का सही तरीका
अगर आपको खुद नमूना देना है, तो कृषि विभाग की सलाह के अनुसार ये बातें ध्यान रखें:
- फसल कटने के बाद और खाद डालने से पहले नमूना लें
- खेत के अलग-अलग हिस्सों से अंग्रेजी के V आकार का गड्ढा खोदकर मिट्टी लें
- आमतौर पर ऊपरी 15 सेंटीमीटर तक की मिट्टी ली जाती है
- सारी मिट्टी मिलाकर उसमें से करीब आधा किलो साफ थैली में भरें
- मेड़, पेड़ के नीचे, खाद के ढेर या पानी भरी जगह से नमूना न लें
- थैली पर किसान का नाम, खेत का खसरा नंबर और तारीख लिखें
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कार्ड कैसे देखें या डाउनलोड करें
मिट्टी जांच पूरी होने के बाद कार्ड किसान को दिया जाता है। सॉयल हेल्थ कार्ड पोर्टल soilhealth.dac.gov.in पर राज्य, जिला और किसान की जानकारी डालकर कार्ड खोजा और डाउनलोड किया जा सकता है। कार्ड न मिलने पर ब्लॉक कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
कार्ड से किसान को क्या फायदा
- जरूरत से ज्यादा खाद डालने से बचत
- जिस पोषक तत्व की कमी है, केवल उसी की पूर्ति
- फसल की पैदावार और गुणवत्ता में सुधार की संभावना
- मिट्टी की लंबे समय तक अच्छी सेहत
रबी बुवाई से पहले क्या करें
गेहूं, सरसों, चना और मटर जैसी रबी फसलों की बुवाई से पहले अपना पिछला सॉयल हेल्थ कार्ड देखें। उसमें दी गई सलाह के हिसाब से खाद खरीदें। कार्ड पुराना हो चुका हो, तो नई जांच के लिए कृषि विभाग से बात करें। खाद हमेशा अधिकृत विक्रेता से पक्के बिल के साथ खरीदें।
क्या मिट्टी की जांच के लिए पैसे देने होते हैं?
योजना के तहत सरकारी नमूने की जांच की व्यवस्था कृषि विभाग करता है। अलग से जांच कराने पर प्रयोगशाला का शुल्क लग सकता है। इसकी जानकारी अपने ब्लॉक कृषि कार्यालय से लें।
स्रोत: मृदा स्वास्थ्य कार्ड पोर्टल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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