UP Ration Card E-KYC: उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले पात्र गृहस्थी और अंत्योदय राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि जिन राशन कार्ड धारक परिवारों के सदस्यों ने अब तक अपना बायोमेट्रिक या आधार सत्यापन नहीं कराया है, उनके नाम राशन सूची से हटाए जा सकते हैं। इस विशेष सत्यापन अभियान का मुख्य उद्देश्य अपात्र, फर्जी और दोहरे राशन कार्डों को समाप्त करना है, ताकि सरकारी खाद्यान्न का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद गरीब परिवारों तक ही पहुंच सके।
UP Ration Card E-KYC: ई-केवाईसी न कराने पर रुक सकता है मुफ्त राशन का वितरण
खाद्य आपूर्ति विभाग के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुसार राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य का व्यक्तिगत सत्यापन होना जरूरी है। यदि किसी परिवार के किसी एक सदस्य का भी सत्यापन लंबित रहता है, तो उस विशिष्ट सदस्य के हिस्से का अनाज रोका जा सकता है। जिन राशन कार्डों में लंबे समय से किसी भी सदस्य का सत्यापन नहीं कराया गया है, उन्हें पोर्टल पर निष्क्रिय या निलंबित करने की तैयारी चल रही है।
प्रदेश के कई जिलों में जिला पूर्ति अधिकारियों ने उचित दर विक्रेताओं यानी कोटेदारों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने क्षेत्र के सभी लाभार्थियों का सत्यापन कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं। जो कार्डधारक निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उनका नाम विभागीय सूची से स्वतः हटा दिया जाएगा, जिसके बाद उन्हें हर महीने मिलने वाले मुफ्त या रियायती गेहूं और चावल से हाथ धोना पड़ सकता है।
राशन डीलर, सीएससी और विभागीय पोर्टल से पूरी होगी प्रक्रिया
ई-केवाईसी की प्रक्रिया को बेहद सुलभ और पारदर्शी बनाया गया है ताकि किसी भी ग्रामीण या शहरी उपभोक्ता को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सबसे आसान तरीका अपने निकटतम राशन डीलर यानी कोटेदार की दुकान पर जाना है। कार्डधारक परिवार के सभी सदस्यों के साथ उचित दर विक्रेता के पास मौजूद ई-पॉस मशीन पर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन कराकर अपना सत्यापन पूरी तरह निःशुल्क करा सकते हैं। परिवार के प्रत्येक सदस्य का एक बार ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगाना जरूरी है।
यदि किसी तकनीकी कारणवश कोटेदार के यहां फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं हो पाता है, तो उपभोक्ता नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर अथवा जन सेवा केंद्र पर जाकर भी यह प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं। इसके अलावा खाद्य एवं रसद विभाग उत्तर प्रदेश के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर भी पहचान विवरण और पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन की स्थिति की जांच की जा सकती है।
तकनीकी बाधाओं और प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष व्यवस्था
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राशन कार्ड में दर्ज सभी सदस्यों का आधिकारिक पहचान दस्तावेज सक्रिय होना चाहिए। यदि आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि या लिंग के विवरण में कोई त्रुटि है, तो उसे पहले सुधरवाना होगा ताकि ई-पॉस मशीन पर डेटा मिलान में कोई तकनीकी रुकावट न आए। साथ ही परिवार के पहचान पत्र से मोबाइल नंबर का लिंक होना भी जरूरी है ताकि सत्यापन से जुड़े सभी संदेश समय पर मिल सकें।
बुजुर्गों और छोटे बच्चों के मामले में, जिनके फिंगरप्रिंट अक्सर मशीन में ठीक से नहीं आ पाते, उनके लिए आंखों की पुतली यानी आइरिस स्कैनर के माध्यम से सत्यापन कराने का विशेष विकल्प दिया गया है। जो लोग रोजगार या पढ़ाई के सिलसिले में राज्य से बाहर किसी दूसरे शहर में रह रहे हैं, उन्हें अपने गांव लौटने की आवश्यकता नहीं है। वे ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ व्यवस्था के तहत अपने वर्तमान निवास वाले राज्य या शहर के किसी भी राशन डीलर के पास जाकर अपना बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण आसानी से पूरा करा सकते हैं।
UP Ration Card E-KYC: समय रहते सत्यापन पूरा करने की प्रशासनिक अपील
खाद्य एवं रसद विभाग ने सभी कार्डधारकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें। समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लेने से न केवल परिवार का राशन कार्ड सुरक्षित रहेगा, बल्कि भविष्य में अनाज वितरण के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी रुकावट का सामना नहीं करना पड़ेगा।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कोटेदारों को लगातार मुनादी और व्यक्तिगत संपर्क के जरिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। राशन कार्ड से नाम कटने और खाद्यान्न सुरक्षा से वंचित होने की परेशानी से बचने के लिए परिवार के सभी सदस्यों का ई-केवाईसी सत्यापन कराना ही एकमात्र सुरक्षित समाधान है।
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